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विराग गुप्ता

विराग गुप्ता सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट और संवैधानिक मामलों के जानकार हैं. साहित्य और विधि क्षेत्र में अनेक पुस्तकों के लेखन साथ आप हिन्दी और अंग्रेज़ी के राष्ट्रीय अख़बारों और पत्रिकाओं के लिए नियमित लिखते हैं. इनके प्रयासों से विधि और न्यायिक क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए, जिनमें सरकारी अधिकारियों के लिए ई-मेल और सोशल मीडिया नीति, साइबर जगत में बच्चों की सुरक्षा, इंटरनेट कंपनियों से टैक्स वसूली और चुनावों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नियम उल्लेखनीय हैं

  • सुप्रीम कोर्ट के प्रांगण में मीडिया द्वारा फोटोग्राफी निषेध है. इसके बावजूद समलैंगिकता पर फैसले के बाद पूरा परिसर इन्द्रधनुषीय रंग से सराबोर हो गया. दो वयस्‍क लोगों का निजी सम्बन्ध मानते हुए समलैंगिकता को सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया परन्तु इस फैसले के लिए अपनाई गयी कानूनी प्रक्रिया पर अनेक सवाल खड़े हो गये हैं.
  • 'डिजिटल इंडिया' में व्हॉट्सऐप कंपनी के 20 करोड़ यूज़र हैं, जो विश्व में सर्वाधिक हैं. जब डाटा को तेल सरीखा बहुमूल्य माना जाता हो, उस दौर में फ्री सर्विस देकर भी व्हॉट्सऐप 5.76 लाख करोड़ से ज़्यादा वैल्यू की कंपनी है. फ़ेक न्यूज़ को लेकर समाज, सरकार और सुप्रीम कोर्ट सभी चिन्तित हैं, लेकिन व्हॉट्सऐप के भारतीय कारोबार में फर्क क्यों नहीं आया.
  • स्मार्ट फोन मोबाइलों में आधार का टोल-फ्री नम्बर ऑटोमेटिक सेव होने से सोशल मीडिया में हड़कम्प मच गया है. आधार की नियामक संस्था यूआईडीएआई और गूगल की सफाई के बावजूद विवाद में नये मोड़ क्यों आ रहे हैं? मोबाइल में आधार का टोल फ्री नम्बर कैसे आया- गूगल के सर्च इंजन में लता मंगेशकर और प्रधानमंत्री मोदी के बारे में पहले भी गफलत हो चुकी है और अब एंड्रायड डेटा बेस पर यह विवाद सामने आया है.
  • दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के चुनाव क्षेत्र मंडावली में भूख से तीन बच्चियों की मौत के बाद AAP, BJP और कांग्रेसी नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है. बच्चियों की मौत से गरीबी, अवसाद, बेरोज़गारी, क़र्ज़, अशिक्षा, जनसंख्या, नशा, अस्वच्छता जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर सभी सरकारों की गवर्नेन्स पर विफलता उजागर होती है.
  • सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि मॉब लिंचिंग की घटना होने पर तुरंत FIR, जल्द जांच और चार्जशीट, छह महीने में मुकदमे का ट्रायल, अपराधियों को अधिकतम सज़ा, गवाहों की सुरक्षा, लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई, पीड़ितों को त्वरित मुआवज़े जैसे कदम राज्यों द्वारा उठाए जाएं.
  • अफसरों के ट्रांसफर और पोस्टिंग पर हक हासिल करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला दर्ज करवाने की धमकी दी जा रही है. फैसले के अनुसार यदि नियमों की व्याख्या की जाए, तो यह स्पष्ट है कि दिल्ली सरकार के पास ही अधिकारियों के तबादलों का अधिकार है, परन्तु सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले से मई, 2015 की नोटिफिकेशन रद्द तो हुई नहीं, फिर अवमानना की कारवाई कैसे होगी...?
  • गर्मियों की छुट्टी के दौरान काम कर रही अवकाशकालीन पीठ के जजों ने सरकार के विशेष निवेदन पर सिर्फ यह स्पष्टीकरण दिया कि कानून के अनुसार SC/ST वर्ग में प्रमोशन देने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन उसे प्रमोशन के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश बताकर प्रचारित कर दिया गया, जिससे आने वाले समय में समस्या और जटिल हो सकती है. केंद्र और राज्य सरकारें सुप्रीम कोर्ट के 2006 के आदेश के बावजूद कानूनी प्रक्रिया का पालन करने में विफल रही हैं, तो फिर इस स्पष्टीकरण से हज़ारों कर्मचारियों का प्रमोशन कैसे हो जाएगा...?
  • प्रधानमंत्री मोदी का ‘एक देश एक चुनाव’ का विजन सफल नहीं होने पर उसको ‘एक साल एक चुनाव’में बदलने की तैयारी है. विधि आयोग ने इस बारे में 17 अप्रैल 2018 को पब्लिक नोटिस जारी करके सभी पक्षों से राय मांगी थी. विधि आयोग द्वारा 24 अप्रैल को लिखे पत्र के जवाब में चुनाव आयोग के पूर्व विधि सलाहकार एसके मेन्दिरत्ता ने अनेक कानूनी बदलावों का मसौदा पेश किया है.
  • नोटबंदी के नाम पर आम जनता को महीनों परेशान किया गया, तो फिर कनार्टक के सभी विधायकों का नारको टेस्ट क्यों न हो, जिससे भ्रष्ट व्यवस्था के माफिया तंत्र के पर्दाफाश से 'रियल न्यू-इंडिया' बन सके.
  • चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किये गये महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment Motion) को राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया.
  • एससी/एसटी एक्ट के तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से पल्ला झाड़ने की कोशिश में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अजब बयान दिया, कि केन्द्र सरकार इस मामले में औपचारिक पक्षकार ही नहीं थी.
  • गडकरी मुकदमे के दौरान बेलबॉण्ड देने की बजाय जेल जाने वाले केजरीवाल को अचानक अदालतों से डर क्यों लगने लगा...? मानहानि के अधिकतर मुकदमों में केजरीवाल को अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने से छूट मिली है, तो फिर उनका समय कैसे बर्बाद हो रहा है.
  • पद्मावत फिल्म की रिलीज़ के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज करने के साथ सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्यों को सख्त फटकार लगाते हुए कहा है कि हिंसक तत्वों को बढ़ावा देने की बजाय सरकारों को कानून व्यवस्था संभालना चाहिए. 
  • समलैंगिकता को कानूनी मान्यता दिये जाने के लिए दायर दो साल पुरानी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की बेंच ने प्राइवेसी पर फैसले में जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस नरीमन और जस्टिस कौल ने संविधान के अनुच्छेद 21 में दिये गये जीवन के अधिकार के तहत समलैंगिकता समेत अनेक अधिकारों की चर्चा की थी. प्राइवेसी के कानूनी हक के बाद सुप्रीम कोर्ट को आधार पर फैसला देना है और संसद को डेटा सुरक्षा पर कानून बनाना बाकी है और अब समलैंगिकता का मामला भी नए तरीके से सुनवाई के लिए आ गया है.
  • 2जी मामले में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 122 कंपनियों के लाइसेंस रद्द करते हुए उन पर भारी जुर्माना भी लगाया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि स्पैक्ट्रम जैसी बहुमूल्य संपत्ति की नीलामी से देश को अधिकतम राजस्व मिलना चाहिए. इसके बाद हुई नीलामी से सरकार ने 65000 करोड़ की आमदनी का दावा किया था तो फिर अब राजस्व के नुकसान नहीं होने की बात क्यों की जा रही है?
  • फिक्की की 90वीं सालाना बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बैंकों द्वारा दिये गये कर्जों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए एनपीए को 2-जी और कोल ब्लाक जैसा घोटाला करार दिया. सवाल यह है कि यूपीए के एनपीए घोटाले के खिलाफ भाजपा सरकार ने पिछले 3.5 सालों में कार्रवाई क्यों नहीं की?देश में बैकों का 10 लाख करोड़ सकल नान परफोर्मिंग एसेट्स (एनपीए) है जो श्रीलंका की जीडीपी की दोगुना रकम है.
  • धर्म-परिवर्तन करके निकाह करने वाली केरल की अखिला अशोकन उर्फ हदिया को मां-बाप की निगरानी से मुक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने की अनुमति दे दी. ढाई घंटे तक चली सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने स्वीकार किया कि ऐसा मामला उन्होंने पहले नहीं देखा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में लम्बी सुनवाई और अंतरिम आदेश से कई सवाल खड़े हो गये हैं.
  • ईजी ऑफ डुइिंग बिजनेस इन्डेक्स में बेहतर रैंकिंग के लिए सरकार ने विश्व-बैंक को सभी संभव आंकड़े दिये परन्तु नोटबंदी से आहत अर्थव्यवस्था के भयावह सच को झुठलाने के लिए जनता के बीच राष्ट्रवाद की पिपिहरी बजाई जा रही है.
  • छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश मूणत की कथित सीडी मामले में आधी रात को पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तारी के बाद अब राज्य सरकार ने सीबीआई जांच का निर्णय लिया है
  • आधार को अनिवार्य बनाने के लिए मोबाइल कंपनियों और बैंकों की मनमानी से दीपावली के पर्व का जायका बिगड़ने के साथ सुप्रीम कोर्ट की सर्वोच्चता पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं? हाईकोर्ट के पूर्व जज पुत्तास्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 23 सितंबर 2013 ने कहा था कि आधार न होने की वजह से सरकार किसी भी व्यक्ति को लाभ से वंचित नहीं कर सकती.फिर पिछले दरवाजे से आधार को अनिवार्य बनाने के लिए हड़बड़ी क्यों हो रही है?
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