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विराग गुप्ता

विराग गुप्ता सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट और संवैधानिक मामलों के जानकार हैं. साहित्य और विधि क्षेत्र में अनेक पुस्तकों के लेखन साथ आप हिन्दी और अंग्रेज़ी के राष्ट्रीय अख़बारों और पत्रिकाओं के लिए नियमित लिखते हैं. इनके प्रयासों से विधि और न्यायिक क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए, जिनमें सरकारी अधिकारियों के लिए ई-मेल और सोशल मीडिया नीति, साइबर जगत में बच्चों की सुरक्षा, इंटरनेट कंपनियों से टैक्स वसूली और चुनावों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नियम उल्लेखनीय हैं

  • आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य सरकारों द्वारा लोकलुभावन योजनाओं की होड़ की आलोचना करते हुए कहा गया कि भ्रष्टाचार और लालफीताशाही की वजह से गरीब जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता. इस बार के बजट को सरकार ने 10 हिस्सों में बांटा है, जिसमें क्रियान्वयन के अहम सवालों का जवाब फिर नदारद है...
  • सरकार और अदालत आम जनता के जीवन और रोज़गार के संवैधानिक अधिकार को लागू नहीं कर पाए, जिस कारण देश में 30 करोड़ लोग जानवरों से बदतर जीवन जी रहे हैं.
  • नोटबंदी पर सरकार द्वारा जारी अधिसूचनाओं तथा आरटीआई के तहत आई सूचनाओं को कानून की कसौटी पर यदि परखा जाए तो स्पष्ट है कि आठ दशक में पहली बार भारत के केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता, स्वतंत्रता और दक्षता में ह्रास हुआ है.
  • विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ट्विटर पर धमकी के बाद अमेजॉन की कनाडा शाखा ने तिरंगे वाले आपत्तिजनक पांवदान की बिक्री को अपनी वेबसाइट से हटा लिया. भविष्य में अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ इस कार्रवाई को जारी रखके क्या सुषमा स्वराज भारत में भी आपत्तिजनक उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा पाएंगी?
  • सियासी दंगल से यह साफ है कि मुलायम और अखिलेश के बीच समाजवादी पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई है, जिसमें रेफरी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग हैं, परन्तु आखिरी फैसला तो यूपी की जनता ही करेगी.
  • नोटबंदी के नाम पर जनता ने सब कुछ न्योछावर कर दिया और अब उन्हें बड़े बेईमानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का इंतजार है. प्रधानमंत्री इन 10 सुझावों पर अमल करके जनता को नए साल का तोहफा दे सकते हैं.
  • दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने केंद्रीय गृह सचिव से मुलाकात के बाद इस्तीफा दे दिया है. मोदी सरकार ने ढाई साल के कार्यकाल में यूपीए द्वारा नियुक्त अधिकांश राज्यपालों को बदल दिया, लेकिन दिल्ली में 'जंग' बरकरार रहे और केजरीवाल से उनकी जंग भी जारी रही.
  • निर्भया कांड के तुरंत बाद हमने मुख्य न्यायाधीश से मिलकर निवेदन किया कि सुप्रीम कोर्ट के 35 से अधिक फैसलों का केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रभावी पालन नहीं होता जो राष्ट्रीय समस्या है. निर्भया के बाद उपजे सोशल मीडिया के आंदोलन से कानून और सरकार तो बदल गए पर चार साल बाद भी व्यवस्था जस की तस क्यों है?
  • क्या अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित नोटबंदी क्या अप्रासंगिक नहीं हो गई है...? सरकार द्वारा 30 दिसंबर तक पुराने नोटों को चलन में लाने का आदेश देकर अर्थव्यवस्था को मंदी के संकट से क्यों नहीं बचाना चाहिए...?
  • नोटबंदी से हर व्यक्ति को तकलीफ के बावजूद पीएम नरेंद्र मोदी का नायकत्व बरकरार है, जिसकी झलक उपचुनाव के परिणामों में भी दिखती है. पीएम ने 10 सवालों के माध्यम से नोटबंदी पर जनता से फीडबैक मांगा है, पर सरकार की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का भी जवाब तो जनता को मिलना चाहिए -
  • ...तो क्या सिर्फ बड़े नोट बदलने से देश में बड़े बदलाव आ जाएंगे...? अहम सवाल यह है कि 2,000 के बड़े नोट बाज़ार में आने के बाद सभी दलों के नेताओं द्वारा पोषित बाग में, काले धन की बहार कैसे रुकेगी...?
  • बड़े नोटों को बंद करने के अप्रत्याशित फैसले को ब्लैकमनी के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक बताया जा रहा है, परंतु इन 10 सवालों को सुलझाए बगैर अर्थव्यवस्था का हाल कैसे सुधरेगा?
  • जजों की उपस्थिति में हुए टेलीफोन टैपिंग के खुलासे का असली सच शायद ही सामने आए, परंतु केंद्र सरकार के विरुद्ध जजों को राजनीतिक संदेश देने में केजरीवाल सफल दिख रहे हैं. उपराज्यपाल के अखाड़े में पस्त केजरीवाल को इस दांव के बाद क्या अदालती लड़ाई में राहत मिलेगी...?
  • दो दिन पूर्व चीन के अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने भारत के खिलाफ कठोर टिप्पणी करते हुए पूरी व्यवस्था को भ्रष्ट बताया था. सिस्टम के निकम्मेपन का फायदा उठाकर, क्या चीन के हैकरों ने भारतीय बैंकिंग और अर्थव्यवस्था पर सर्जिकल स्ट्राइक की है...?
  • स्टेट बैंक के 6.25 लाख डेबिट कार्डों से शुरू अपराध-गाथा ने अधिकांश बैंकों के 32 लाख ग्राहकों को अपनी चपेट में ले लिया है.
  • जद (एकी) के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने बनारस भगदड़ में हुई मौतों पर अफसोस जाहिर करते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों के लिए दिशा-निर्देश बनाने की मांग की है. ऐसे आयोजनों के लिए नियम तथा कानूनों का पर्याप्त प्रावधान है, जिनके बारे में जब राजनेता अंजान हैं तो प्रशासन उन्हें लागू करने में तो विफल रहेगा ही!
  • दलील दी जा रही है कि 2005 के मॉडल निकाहनामे में ट्रिपल तलाक को अस्वीकार किया गया है. यदि यह सही है तो तीन तलाक के विरोध में पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा क्यों नहीं देता
  • मैं चंदू बाबूलाल चौहान राष्ट्रीय राइफल्स का 22 साल का सैनिक, अब पाकिस्तानी सेना के निकयाल मुख्यालय में कैद हूं. मैं इतिहास के पन्नों में कैद पृथ्वीराज चौहान चाह कर भी नहीं हो सकता जिन्होंने 12वीं शताब्दी में मोहम्मद बिन गोरी को शब्दभेदी बाण से मारा था. मुझे यह भी नहीं मालूम कि मैं वापस भारत आ पाऊंगा या मेरा हश्र भी शहीद लांस नायक हेमराज की तरह हो जाएगा.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ गरीबी तथा बेरोजगारी के साथ लड़ाई हेतु 'मन की बात' कही है, जिससे आतंकवाद स्वतः कमजोर हो सकता है. यदि सिंधु जल-संधि रद्द की गई तो पाकिस्तान की आम जनता भी भारत के विरोध में आ जाएगी, जिससे पाकिस्तानी सेना को लाभ होने के साथ कश्मीर में आतंकवाद बढ़ेगा.
  • भारत के संविधान में सत्ता के अप्रत्यक्ष नियंत्रण तथा बंदरबांट के लिए कोई प्रावधान नहीं है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा विधायकों को प्रलोभन देने के आरोपों के बाद राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. उत्तर प्रदेश में क़ानून के शासन पर आए भयावह संकट को रोकने के लिए, क्या केंद्र सरकार अपने संवैधानिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेगी...?
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