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विराग गुप्ता

विराग गुप्ता सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट और संवैधानिक मामलों के जानकार हैं. साहित्य और विधि क्षेत्र में अनेक पुस्तकों के लेखन साथ आप हिन्दी और अंग्रेज़ी के राष्ट्रीय अख़बारों और पत्रिकाओं के लिए नियमित लिखते हैं. इनके प्रयासों से विधि और न्यायिक क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए, जिनमें सरकारी अधिकारियों के लिए ई-मेल और सोशल मीडिया नीति, साइबर जगत में बच्चों की सुरक्षा, इंटरनेट कंपनियों से टैक्स वसूली और चुनावों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नियम उल्लेखनीय हैं

  • लोकतंत्र के मंदिर को स्वच्छ करने का मोदी सरकार का पहला वादा पूरा नहीं हुआ, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की राय के बाद ज़रूरी कानूनी बदलाव नहीं किए गए। नए कानून मंत्री के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री के 'डिजिटल इंडिया' के स्वप्न को, कानूनों में बदलाव का 'प्रसाद' कब मिलेगा...?
  • देश में समान नागरिक संहिता (यूनिफार्म सिविल कोड- यूसीसी) लागू करने की संभावना का पता लगाने के लिए मोदी सरकार द्वारा विधि आयोग को पत्र लिखने से राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया है। क्या सरकार के इस कदम से संविधान की अवहेलना हुई है...?
  • जनता को राहत देने के लिए पीएम को 'मन की बात' के अलावा नीतियों में बदलाव भी करना होगा, वरना बेरोजगारी तथा अभावों से लाचार भारत, काले धन से लबालब स्मार्ट सिटी के दरवाजे पर शरणार्थी के तौर पर दस्तक तो देगा ही...!
  • दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के सामने बीजेपी सांसद महेश गिरी के धरने को डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी के समर्थन से टीवी और सोशल मीडिया पर मेलो-ड्रामा का नया एपिसोड चालू हो गया है, जिसकी धुन में राजनेता मस्त हैं पर कानून तो पस्त ही है...
  • दिल्ली की 'आप' सरकार द्वारा 21 विधायकों की संसदीय सचिव पद पर नियुक्ति में कानूनी विवाद से देश के अन्य राज्यों में इन पदों के औचित्य पर बहस छिड़ गई है।
  • कर्नाटक में राज्‍यसभा सीट के चुनाव के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की स्टिंग आने के बाद 15 चुनावी राज्यों में माहौल गर्म हो गया है।
  • प्राचीन भारत में कौटिल्य के अर्थशास्त्र से लेकर आधुनिक भारत के संविधान में सुगम तथा प्रभावी न्याय को सुशासन की कसौटी का मुख्य आधार माना गया है। न्यायिक व्यवस्था के पुनरावलोकन से ही मोदी सरकार की दो साल की उपलब्धियों का सही मूल्यांकन हो सकता है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कॉल ड्रॉप पर मोबाइल कंपनियों द्वारा ग्राहकों को मुआवजा देने वाले नियम को खारिज करते हुए इसे मनमाना, असंगत और गैर-पारदर्शी बताया है। यह निर्णय देश के 100 करोड़ मोबाइल ग्राहकों के लिए बुरी खबर है।
  • सवाल यह है कि अगर सुप्रीम कोर्ट स्पीकर के निर्णय को बदलते हुए बागी विधायकों को योग्य करार देता है तो क्या विधानसभा में फिर शक्ति परीक्षण होगा...? एक अहम सवाल यह भी है कि 9 विधायकों की सदस्यता पर अंतिम निर्णय लेने से पूर्व हरीश रावत को सरकार बनाने की अनुमति मिलेगी...?
  • नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली द्वारा जारी मृत्युदंड प्रोजेक्ट की रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर मामलों में गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को ही फांसी की सजा होती है। इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट के जज मदन बी लोकुर ने कहा कि भारत की आपराधिक न्यायिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई है जिसे तत्काल सुधारने की जरूरत है।
  • राजनीतिक गतिरोध के शिकार उत्तराखंड के जंगल भयानक आगजनी के शिकार हैं और अब उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसफ के ट्रांसफर से शहरी मीडिया में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है।
  • गुजरात के स्थापना दिवस पर आर्थिक रूप से पिछड़े, अगड़ी जाति के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण के लिए भाजपा सरकार ने 'गुजरात अनारक्षित आर्थिक पिछड़ा वर्ग अध्यादेश 2016' जारी किया है जो देशव्यापी सामाजिक अशांति का कारण बन सकता है।
  • दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हलफनामे के बावजूद एप आधारित कैब कंपनियों का दिल्ली में अवैध परिचालन कैसे हो रहा है?
  • अदालत ने अपने आदेश से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है, परंतु सत्ता की दौड़ में भाग रहे नेता शक्तिमान की मौत के बाद क्या, राज (शक्ति) में नीति (मान) को ज़िन्दा रख पाएंगे...?
  • सुप्रीम कोर्ट में वकील ने प्रधानमंत्री द्वारा बिहार में की गई टिप्पणी - बिहारी बुद्धिमान होते हैं - का जिक्र करते हुए कहा, इससे लगता है कि दूसरे समुदाय के लोग बुद्धिमान नहीं। इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, चिंता मत कीजिए, जब प्रधानमंत्री पंजाब जाएंगे तो कहेंगे कि 'सिख बहुत बुद्धिमान हैं...!
  • आर्थिक अपराधियों का खुलासा करने की बजाए बैंकों को कॉरपोरेट के हवाले करने की साजिश हो रही है, जिसके खिलाफ 25 मई को बैंककर्मियों की हड़ताल प्रस्तावित है। संकट के जिम्मेदार लोगों का खुलासा करके, क्या सरकार देश की जनता के प्रति अपने संवैधानिक उत्तरदायित्व को पूरा करेगी...?
  • आईपीएल भारत में संगठित लूट का सबसे बड़ा प्रतीक है, जिसने इंडिया को पीकर सुखा दिया है। फिर आईपीएल के भ्रष्ट खेल पर महाराष्ट्र की बजाए पूरे राष्ट्र में क्यों न बैन लगना चाहिए...?
  • संविधान के अनुच्छेद 14,15 एवं 25 में समानता का मूल अधिकार है। मंदिरों में सभी वर्गों के प्रवेश के लिए महाराष्ट्र में 1956 में कानून बनाया गया था, जिसके उल्लंघन पर 6 महीने की सजा हो सकती है। इसके बावजूद तृप्ति देसाई की कानूनी मांग तथा हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने में महाराष्ट्र सरकार क्यों विफल रही?
  • ऑक्सफैम के अनुसार विश्व के 62 रईस लोगों के पास 3.5 अरब से ज्यादा की की सामूहिक संपत्ति है। क्या इसके लिए सरकार की आर्थिक, वित्तीय और टैक्स नीतियां जिम्मेदार नहीं...? क्या पनामा लीक्स का खुलासा सरकार और देश की आंख खोलेगा...?
  • उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए जेटली द्वारा अपने ब्लॉग में दिए गए तीनों तर्क नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद भोथरे साबित हुए हैं। नवीनतम आदेश के अनुसार सरकार के बहुमत का निर्धारण 31 मार्च को विधानसभा में कार्यवाही के आधार पर होगा।
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