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लॉकडाउन में रियायत के साथ केंद्र ने जारी की नई गाइडलाइन, ये हैं नए नियम...

कोरोनावायरस लॉकडाउन को 30 जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है. हालांकि कंटेनमेंट जोन के अलावा अन्य जगहों पर मॉल और रेस्तरां 8 जून से खोले जा सकेंगे. राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों से बातचीत के बाद नई गाइडलाइन जारी की गई हैं.

हेल्थ टिप्स

कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए आमतौर पर पूछे जा सकने वाले सवालों के जवाब:

FAQs

  • कोरोनावायरस क्या है?

    बहुत से वायरस हैं, जो जानवरों और इंसानों में बीमारी को जन्म देते हैं. इंसानों में कोरोनावायरस से सांस लेने संबंधी दिक्कतें होती हैं, जिनमें सामान्य खांसी, जुकाम और ज्यादा से ज्यादा मिडिल ईस्ट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम (Middle East Respiratory Syndrome) शुरू होता है. साथ ही मरीज को सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम (Severe Acute Respiratory Syndrome) होने की भी संभावना रहती है. जिस कोरोनावायरस का प्रकोप इस समय फैला हुआ है, वह हाल में ही पाया गया है. इस वायरस से कोरोनावायरस नाम की बीमारी होती है. इसे COVID-19 के नाम से भी जाना जाता है.

  • COVID-19 क्या है?

    COVID-19 एक संक्रामक बीमारी है. यह बीमारी हाल ही में पाए गए कोरोनावायरस से होती है. यह एक नया वायरस है, इसके बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी. इसके बारे में सबसे पहले जानकारी दिसंबर, 2019 में चीन के वुहान में महामारी फैलने के बाद लोगों को मालूम चली.

  • COVID-19 के लक्षण क्या हैं?

    COVID-19 के लक्षणों की बात की जाए, तो इसमें बुखार, थकान, सूखी खांसी शामिल है. साथ ही मरीजों को दर्द होता है और सांस लेने में दिक्कत होती है. इसके अलावा नाक बहती रहती है, गला खराब रहता है और डायरिया होने की भी उम्मीद रहती है. शुरू में ये लक्षण कम रहते हैं, लेकिन धीरे-धीरे वक्त के साथ बढ़ते जाते हैं. हालांकि कुछ लोगों में संक्रमित हो जाने के बाद लक्षण नहीं पाए जाते हैं और वह अस्वस्थ महसूस भी नहीं करते हैं. कोरोनावायरस से अधिकतर 80 फीसदी मरीज ठीक हो जाते हैं, जिनमें किसी खास तरह की देखभाल की आवश्यकता भी नहीं रहती है. हर छह में से एक व्यक्ति, जिसे कोरोनावायरस होता है, वह गंभीर रूप से बीमार होता है और उसे सांस लेने में खासी दिक्कत पेश आती है. बुजुर्ग व्यक्तियों, जिन्हें हाई ब्लडप्रेशर, हृदय संबंधी रोग, डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां हों, इससे गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं. जिन लोगों को बुखार है, गले में बलगम रहता है और सांस लेने में दिक्कत आती है, उन्हें अपना इलाज करवाने की आवश्यकता रहती है.

  • COVID-19 कैसे फैलता है?

    कोरोनावायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है. छोटी-छोटी बूंदों या ड्रॉपलेट्स के चलते यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है. जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो ड्रॉपलेट्स आस-पास की चीजों पर गिरते हैं. इसके बाद अन्य लोग भी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं. हाथों में ड्रॉपलेट्स होने के बाद जब कोई व्यक्ति अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो कोरोनावायरस फैलने की उम्मीद रहती है. कोरोना से संक्रमित व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो उसके आसपास के लोग भी उसी माहौल में सांस लेते हैं. ऐसे में उनको भी संक्रमण होने की संभावना रहती है इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि आप बीमार व्यक्ति से 1 मीटर या 3 फीट की दूरी पर रहें. विश्व स्वास्थ्य संगठन इस पर शोध कर रहा है कि कोरोनावायरस कैसे फैलता है...? कोरोनावायरस को लेकर ताजा अपडेट हम आपके साथ आगे भी साझा करते रहेंगे.

  • क्या COVID-19 या कोरोनावायरस हवा से फैलता है?

    मौजूदा अध्ययन बताता है कि COVID-19 या कोरोनावायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक रेस्पिरेट्री ड्रॉपलेट्स के ज़रिये ही फैलते हैं न कि हवा के ज़रिये.

  • क्या कोरोना किसी ऐसे व्यक्ति में पाया जा सकता है, जिसमें इसके लक्षण न हों?

    कोरोनावायरस मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति द्वारा खांसने या छींकने से फैलता है. जब व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके द्वारा ड्रॉपलेट्स अपने आसपास के माहौल में फैल जाते हैं. जिससे लोग संक्रमित होते हैं. जिस व्यक्ति में कोरोनावायरस के लक्षण नहीं है उससे कोरोना संक्रमण होने की उम्मीद बहुत कम रहती है. हालांकि जिन लोगों को कोरोनावायरस होता है उनमें लक्षण बहुत कम में ही नजर आते हैं. ऐसा खासकर बीमारी की शुरुआती स्थिति में रहता है. संभव है कि कोरोनावायरस ऐसे व्यक्ति से हो जिसको सिर्फ हल्का खांसी-जुकाम हो और वह बीमार न हो. विश्व स्वास्थ्य संगठन इस पर शोध कर रहा है कि कितनी अवधि में कोरोनावायरस फैलता है. इसे लेकर हम आपके साथ अपडेट शेयर करते रहेंगे.

  • क्या कोरोनावायरस बीमार व्यक्ति के मल-मूत्र से फैलता है?

    संक्रमित व्यक्ति के मल-मूत्र से कोरोना फैलने की उम्मीद बहुत कम रहती है. शुरुआती जांच बताती है कि कुछ मामलों में मरीज के मल-मूत्र में भी वायरस हो सकता है. मल-मूत्र के संक्रमण फैलना फिलहाल इस महामारी का हिस्सा नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन इस पर शोध कर रहा है कि कोरोनावायरस कैसे फैलता है और इसको लेकर ताजा अपडेट हम शेयर करते रहेंगे. इसीलिए बहुत जरूरी हो जाता है कि नियमित तौर पर हाथ धोते रहें. खाना खाने से पहले और बाथरूम जाने के बाद भी हाथ धोते रहें.

  • मैं खुद को कोरोनावायरस से बचाने के लिए और इस बीमारी को रोकने के लिए क्या कर सकता हूं?

    सबसे जरूरी है कि कोरोनावायरस को लेकर ताजा जानकारी से सूचित रहें, जागरूक रहें. इस बीमारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट या फिर राष्ट्रीय और स्थानीय जन स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क में रहें. दुनियाभर में बहुत सारे देशों में कोरोनावायरस संक्रमण फैल रहा है. हालांकि चीन में सरकार ने इस महामारी पर अंकुश लगाने में कामयाबी हासिल की है. स्थिति के बारे में कुछ निश्चित तौर पर कहा नहीं जा सकता, इसलिए कोरोना को लेकर ताजा जानकारी हासिल करते रहें. यहां कुछ सावधानियां बताई जा रही हैं, जिनका पालन कर कोरोनावायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है... 1. नियमित तौर पर साबुन से हाथ धोएं या फिर एल्कोहल वाले हैंड वॉश से हाथों की सफाई करें. नियमित तौर पर हाथ धोने से हाथों में मौजूद वायरस मर जाते हैं. 2. कोई भी व्यक्ति जो खांस या छींक रहा हो उससे 1 मीटर या 3 फीट की दूरी बनाए रखें. ऐसा इसलिए क्योंकि जो भी व्यक्ति खांस या छींक रहा होता है उसके कुछ ड्रॉपलेट्स नाक या मुंह से निकलते हैं जिनमें वायरस रहता है. अगर जो व्यक्ति ऐसे में करीब रहता है और उस ड्रॉपलेट्स को अपने भीतर ले लेता है तो उसको भी कोरोनावायरस होने की आशंका रहती है. अगर खांसने या छींकने वाला व्यक्ति कोरोना संक्रमित है तो ऐसे में कोरोनावायरस से संक्रमित होने की आशंका भी बढ़ जाती है. 3. बार-बार अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें. ऐसा इसलिए क्योंकि हाथ बहुत से स्थानों को छूता है जिससे हाथ में वायरस आ जाते हैं. एक बार अगर हाथों के जरिए वायरस आंख नाक या मुंह तक पहुंचता है तो हो सकता है वह शरीर में दाखिल हो जाए और आप बीमार पड़ जाएं. 4. इस बात का ध्यान रखें कि आपके आसपास और आप सांस लेते समय साफ-सफाई को बरकरार रखें यानी जब भी कोई खांसे या छींके तो अपने मुंह या नाक को कोहनी या बाजू से ढकें. यदि आप टिशू इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे जल्द से जल्द डस्टबिन में डालें क्योंकि उसमें ड्रॉपलेट्स रहते हैं और इससे कोरोना फैलने की आशंका भी रहती है. अगर आप रेस्पिरेट्री हाइजीन का पालन करते हैं तो खांसी-जुकाम और फ्लू होने की आशंका अपने आप कम हो जाती है. 5. अगर आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं या आप को बुखार है, खांसी, जुकाम है यह सांस लेने में दिक्कत है तो बेहतर है कि आप घर पर रहें या फिर अपना इलाज कराएं. अपने नजदीकी स्वास्थ्य अथॉरिटी या फिर राष्ट्रीय अथॉरिटी से संपर्क करें, क्योंकि उनके पास स्थिति को लेकर सबसे सही जानकारी रहती है. यदि आप समय रहते कॉल करते हैं तो स्वास्थ्य सुविधा देने वाले व्यक्ति भी आपको सही सलाह दे सकते हैं, जिससे आप कोरोना या फिर अन्य तरह के संक्रमण से खुद को बचा सकते हैं. 6. उन जगहों के बारे में जानकारी जरूर रखें जहां कोरोनावायरस का संक्रमण फैल रहा है और कोशिश करें कि इस तरह की जगह पर न जाएं. खासकर यदि आप बुजुर्ग व्यक्ति हैं या फिर आपको डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारी या फेफड़ों से संबंधित बीमारी है क्योंकि इस तरह के लोगों के संक्रमण के चपेट में आने की ज्यादा आशंका रहती है. जो लोग हाल ही में या 14 दिन के भीतर कोरोना प्रभावित इलाकों में गए हैं. वे एहतियातन ये कदम उठा सकते हैं... ऊपर दिए गए निर्देशों का पालन करें. भीड़भाड़ वाले इलाकों और लोगों से दूरी बनाएं. आप घर पर रहकर लोगों से दूरी बनाएं. अगर आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो आप लोगों से दूरी बनाएं और भीड़भाड़ से दूर रहें. अगर आपमें छोटे-मोटे लक्षण भी नजर आ रहे हैं, मसलन सिर दर्द होना, हल्का बुखार होना या नाक बहना तो फिर भी आप एहतियातन कदम उठाएं. अगर आपके लिए घर से बाहर निकलना बहुत जरूरी है तो मास्क लगाकर जाएं जिससे कि आप दूसरों को संक्रमित न करें. दूसरों से दूरी बनाना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे न सिर्फ आप सुरक्षित रहेंगे बल्कि दूसरों को भी कोरोना प्रभावित होने से बचाएंगे. अगर आपको बुखार है, खांसी है या सांस लेने में दिक्कत है तो जरूरी मेडिकल सलाह लें क्योंकि यह किसी सांस संबंधी इंफेक्शन या फिर किसी दूसरी बीमारी के चलते भी हो सकता है. जरूरी तौर पर आप एडवांस में संबंधित अथॉरिटी को कॉल करें और बताएं कि आपने कहां की यात्रा की है. साथ ही आप किन यात्रियों से संपर्क में आए थे. अग्रिम तौर पर कॉल करने से आपको सही सुविधा मुहैया कराई जाएगी. जिससे कोरोनावायरस फैलने में रोकथाम भी होगी.

  • मुझे कोरोनावायरस कैसे हो सकता है?

    कोरोनावायरस होने की सबसे ज्यादा उम्मीद इस बात पर निर्भर करती है कि आप कहां है या फिर जहां पर आप रह रहें हैं वहां कोरोनावायरस का प्रकोप है? यह इसलिए क्योंकि दुनिया के बहुत से देशों में कोरोना अपने पैर पसार रहा है इसलिए जहां कोरोनावायरस का प्रकोप देखा जा रहा है वहां की यात्रा करना या वहां जाने से कोरोनावायरस होने की उम्मीद बढ़ जाती है. सरकार और स्वास्थ्य अथॉरिटी इसे लेकर गंभीर कदम उठा रहे हैं. ऐसे में यही सलाह दी जा रही है कि यदि कहीं जाने पर रोक लगी है तो कृपया उसका पालन करें. अगर आप सहयोग करते हैं तो इस बीमारी को रोकने में और खतरों को कम करने में आप मदद कर सकते हैं. कोरोनावायरस को रोका जा सकता है इसकी मिसाल चीन में देखी जा चुकी है. हालांकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूरी दुनिया में बहुत से कोरोनावायरस के मामले सामने आ रहे हैं. जरूरी हो जाता है कि आप स्थिति को लेकर जागरुक हों.

  • क्या मुझे कोरोनावायरस या COVID-19 को लेकर चिंता करने की जरूरत है?

    छोटे बच्चों, युवाओं को COVID-19 से छोटी-मोटी कोई बीमारी होने की उम्मीद है. हालांकि 1 से 5 साल तक के बच्चों के लिए कोरोना गंभीर रूप ले सकता है, ऐसे में हॉस्पिटल जाने की जरूरत हो सकती है. इसलिए कोरोनावायरस को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है. लोगों के प्रियजन इससे प्रभावित न हों इसलिए जरूरी हो जाता है कि नियमित तौर पर हाथ धोते रहें और सांस लेने संबंधी साफ-सफाई का ध्यान रखें. साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य अथॉरिटी के निर्देशों का पालन करें और यात्रा या कहीं भी आने-जाने में निर्देशों का पालन करें.

  • कोरोनावायरस से कोई गंभीर तौर पर बीमार हो सकता है?

    हालांकि इस बात पर लगातार शोध किया जा रहा है कि कोरोनावायरस लोगों को कैसे प्रभावित करता है. पर बुजुर्ग लोग और जो लोग पहले से ही किसी बीमारी से ग्रसित हैं जैसे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, फेफड़ों की समस्या, डायबिटीज या कैंसर उनके गंभीर रूप से बीमार पड़ने की ज्यादा उम्मीद रहती है.

  • क्या एंटीबायोटिक कोरोनावायरस पर रोकथाम या इलाज के लिए कारगर हैं?

    नहीं. एंटीबायोटिक वायरस के खिलाफ काम नहीं करते हैं. बैक्टीरियल संक्रमण में काम करते हैं. कोरोनावायरस एक वायरस के चलते हो रहा है. इसलिए इस पर एंटीबायोटिक काम नहीं करेंगे

  • क्या कोई ऐसी दवाई या थेरेपी?है जिससे कोरोनावायरस पर रोक लग सके या फिर इलाज किया जा सकता है?

    हालांकि पश्चिमी, पारंपरिक दवाइयां और घरेलू नुस्खे आराम दे सकते हैं लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोरोनावायरस की कोई दवाई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यह सलाह देता है कि किसी को खुद से कोई इलाज करने की जरूरत नहीं है. न ही एंटीबायोटिक लेने की जरूरत है. कोरोनावायरस के संबंध में कोई दवाई या फिर जानकारी प्राप्त होती है तो विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बारे में जल्द सूचित करेगा

  • क्या कोरोनावायरस के इलाज के लिए कोई वैक्सीन या ड्रग है?

    आज की तारीख में कोरोनावायरस के इलाज के लिए कोई ड्रग या वैक्सीन नहीं है. हालांकि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं उन्हें उन लक्षणों से निजात दिलाने के लिए डॉक्टर प्रयासरत हैं. साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है. ज्यादातर कोरोना मरीज ठीक हो सकते हैं. फिलहाल कोरोना के इलाज के लिए वैक्सीन पर जांच की जा रही है. शोध किया जा रहा है. मामले में क्लीनिकल ट्रायल किए जा रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन वैक्सीन बनाने के लिए काम कर रहा है जिससे कि कोरोनावायरस पर रोक लगाई जा सके. कोरोनावायरस से बचाव का सबसे आसान तरीका है कि आप अपने हाथ नियमित तौर पर धोते रहें, खांसते-छींकते वक्त अपनी कोहनी या फिर टिशु का इस्तेमाल करें. बीमार व्यक्ति से या फिर खांसने छींकने वाले व्यक्ति से 1 मीटर की दूरी बनाएं.

  • उन लोगों के लिए सुरक्षा उपाय, जो हाल ही में (पिछले 14 दिनों में) ऐसे क्षेत्रों में गए हैं, जहां COVID-19 फैल रहा है.

    दिशानिर्देशों का पालन करें (सभी के लिए बचाव के उपाय) यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं, यहां तक कि सिरदर्द, कम बुखार (37.3 सेल्सियस या ऊपर) और मामूली नाक बहने जैसे लक्षण होने पर भी तब तक घर में रहें जब तक कि आप ठीक न हो जाएं. यदि सामान लेने के लिए आपको बाहर जाने की जरूरत है, तो मास्‍क पहनकर जाएं, ताकि दूसरे लोग आपसे प्रभावित न हो सकें. दूसरों के साथ संपर्क से आने से बचें. इससे आपको और अन्य को संभव COVID-19 और अन्य वायरस से बचाने में मदद मिलेगी. यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई होती है, तो तुरंत चिकित्सीय सलाह लें, क्योंकि यह श्वसन संक्रमण या अन्य गंभीर स्थिति के कारण हो सकता है. समय रहते कॉल करें और अगर आप हाल में किसी यात्रा से लौटे है, तो अपने प्रोवाइडर को बताएं या यात्रियों के साथ संपर्क करें. दरअससल पहले से ही कॉल करने से आपका हेल्‍थ केयर प्रोवाइडर आपको समय रहते सही स्वास्थ्य सुविधा के लिए निर्देशित कर सकेगा. यह COVID-19 और अन्य वायरस के संभावित प्रसार को रोकने में भी मदद करेगा.

मिथ-बस्टर्स

क्या COVID-19 वायरस गर्म मौसम में फैलता है?
COVID-19 हर तरह के मौसम में फैलती है. ठंडे या गर्म मौसम से इस बीमारी का कोई सरोकार नहीं है. यह ठंडे क्षेत्रों के साथ-साथ गर्म और आर्द्रता वाले क्षेत्र में भी फैलता है. COVID-19 से खुद को बचाने के लिए सबसे सरल रास्ता यह है कि कुछ-कुछ समय के अंतराल पर हाथ साफ करें. बार-बार हाथ साफ रखने से आप इस वायरस से बच सकते हैं, क्योंकि हाथ साफ रहेगा, तो आप अपने आंख, मुंह और नाक छुएंगे, तो भी इस इंफेक्शन का खतरा नहीं रहेगा.
ठंडी जगह या ठंडी हवा इस वायरस को मारने में कामयाब नहीं है?
गर्म पानी से नहाने से क्या इस वायरस से बचा जा सकता है?
क्या कोरोनावायरस मच्छर के काटने से फैलता है?
क्या 'हैंड ड्रायर' कोरोना के वायरस को मारने में कामयाब है?
क्या एक अल्ट्रावायलट कीटाणुशोधन लैंप नए कोरोनोवायरस को मार सकता है?
नए कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों का पता लगाने में थर्मल स्कैनर कितने प्रभावी हैं?
क्या शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन लगाने से नोवेल कोरोनावायरस मर सकता है?
क्या घर पर पालतू जानवर भी कोरोनावायरस (2019-nCoV) को फैला सकते हैं?
क्या निमोनिया का टीका कोरोनावायरस से रक्षा कर सकता है?
खारे पानी से नाक धोने से क्या कोरोनावायरस से बचाव किय जा सकता है?
क्या लहसुन खाने से कोरोनावायरस से संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकती है?
क्या कोरोनावायरस का खतरा जवानों के मुकाबले बुजुर्गों को ज्यादा है?
क्या एंटीबायोटिक्स कोरोनोवायरस की रोकथाम और इलाज में फायदेमंद हैं?
चीन या दूसरे देशों में बने सामान से क्या कोरोनावायरस नहीं फैल सकता?
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लाइव अपडेट

जांच केंद्र

अस्पताल

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली
  • नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल, दिल्ली

लैबोरेटरी

  • लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली

अस्पताल

  • श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, तिरुपति
  • आंध्र मेडिकल कॉलेज, विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अनंतपुर, आंध्र प्रदेश

लैबोरेटरी

  • सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज, विजयवाड़ा
  • राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, कापड़ा
  • रंगाराया मेडिकल कॉलेज, काकीनाडा
  • गुंटूर मेडिकल कॉलेज, गुंटूर

अस्पताल

  • रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर, पोर्ट ब्लेयर, अंडमान एवं निकोबार

अस्पताल

  • गौहाटी मेडिकल कॉलेज, गुवाहाटी
  • रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर, डिब्रूगढ़

लैबोरेटरी

  • सिलचर मेडिकल कॉलेज, सिलचर
  • जोरहाट मेडिकल कॉलेज, जोरहाट
  • तेज़पुर मेडिकल कॉलेज, तेज़पुर
  • फखरुद्दीन मेडिकल कॉलेज, बारपेटा

अस्पताल

  • राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, पटना

लैबोरेटरी

  • पटना मेडिकल कॉलेज, पटना
  • दरभंगा मेडिकल कॉलेज, दरभंगा
  • एस.के. मेडिकल कॉलेज, मुज़फ़्फ़रपुर

अस्पताल

  • पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़

लैबोरेटरी

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंडीगढ़

अस्पताल

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर

लैबोरेटरी

  • स्वर्गीय श्री बलिराम कश्यप मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर

अस्पताल

  • बी.जे. मेडिकल कॉलेज, अहमदाबाद
  • एम.पी. शाह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जामनगर

लैबोरेटरी

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सूरत
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, भावनगर
  • पी.डी.यू. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजकोट
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं एस.एस.जी. अस्पताल, वड़ोदरा

अस्पताल

  • बी.पी.एस. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सोनीपत
  • पंडित बी.डी. शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, रोहतक

अस्पताल

  • इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला
  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कांगड़ा, टांडा

अस्पताल

  • शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, श्रीनगर
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू

लैबोरेटरी

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर

अस्पताल

  • एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर

लैबोरेटरी

  • राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, रांची

अस्पताल

  • बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, बैंगलोर
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी फील्ड यूनिट, बैंगलोर
  • मैसूर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, मैसूर
  • हसन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, हसन
  • शिमोगा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, शिवमोगा

लैबोरेटरी

  • विजयनगर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, बेल्लारी
  • गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, गुलबर्गा

अस्पताल

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी फील्ड यूनिट, केरल
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, तिरुअनंतपुरम
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोझीकोड

लैबोरेटरी

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, त्रिशूर

लैबोरेटरी

  • सोनम नामग्याल मेमोरियल अस्पताल, लेह

अस्पताल

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भोपाल
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च इन ट्राइबल हेल्थ, जबलपुर

लैबोरेटरी

  • बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर
  • एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, इंदौर
  • गजरा राजा मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर
  • एस.एस. मेडिकल कॉलेज, रीवा

अस्पताल

  • NEIGRI ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज़, शिलॉन्ग

अस्पताल

  • इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नागपुर
  • कस्तूरबा हॉस्पिटल फॉर इन्फेक्शस डिज़ीज़ेज़, मुंबई

लैबोरेटरी

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, मिराज, सांगली
  • सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज एंड के.ई.एम. हॉस्पिटल, मुंबई
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नागपुर
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, औरंगाबाद
  • वी.एम. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सोलापुर
  • श्री भाऊसाहेब हीरे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, धुले
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल एंड सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, अकोला

अस्पताल

  • जे.एन. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ हॉस्पिटल, इम्फाल ईस्ट

लैबोरेटरी

  • रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, इम्फाल

अस्पताल

  • रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर, भुवनेश्वर

लैबोरेटरी

  • एस.सी.बी. मेडिकल कॉलेज, कटक

अस्पताल

  • जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, पुदुच्चेरी

लैबोरेटरी

  • इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुदुच्चेरी

अस्पताल

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, पटियाला
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अमृतसर

अस्पताल

  • सवाई मान सिंह, जयपुर
  • डॉ एस.एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर
  • झालावाड़ मेडिकल कॉलेज, झालावाड़
  • एस.पी. मेडिकल कॉलेज, बीकानेर

लैबोरेटरी

  • आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज, उदयपुर
  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), जोधपुर

अस्पताल

  • किंग्स इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन एंड रिसर्च, चेन्नई
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, ठेणी

लैबोरेटरी

  • मदुरै मेडिकल कॉलेज, मदुरै
  • गवर्नमेंट मोहन कुमारमंगलम मेडिकल कॉलेज, सलेम
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, तिरुवरूर
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, विल्लूपुरम
  • तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज, तिरुनेलवेली
  • कोयम्बटूर मेडिकल कॉलेज, कोयम्बटूर
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई

अस्पताल

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अगरतला

अस्पताल

  • गांधी मेडिकल कॉलेज, सिकंदराबाद

लैबोरेटरी

  • उस्मानिया मेडिकल कॉलेज, हैदराबाद
  • काकतीय मेडिकल कॉलेज, निज़ामपुरा, वारंगल

अस्पताल

  • किंग्स जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
  • इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
  • जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़

लैबोरेटरी

  • UPUMS (पूर्ववर्ती UPRIMS), सैफई

अस्पताल

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

लैबोरेटरी

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश
  • दून गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, देहरादून

अस्पताल

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कॉलेरा एंड एन्टेरिक डिज़ीज़ेज़, कोलकाता
  • IPGMER, कोलकाता

लैबोरेटरी

  • मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, मुर्शिदाबाद, बेरहामपुर
  • मिदनापुर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, मिदनापुर
  • नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज, दार्जीलिंग
  • मालदा मेडिकल कॉलेज, मालदा
  • आर.जी. कार मेडिकल कॉलेज, कोलकाता

हेल्‍पलाइन नम्‍बर

राज्यों में हेल्पलाइन नंबर
राज्य/केंद्रशासित प्रदेशहेल्पलाइन नंबर
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