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वयनाड लोकसभा सीट परिणाम

लोकसभा चुनाव 2019: केरल (Kerala) की वायनाड संसदीय सीट (Wayanad Lok Sabha Elections Results 2019) के सभी प्रत्याशियों और परिणाम के साथ-साथ इतिहास और पूर्व सांसदों के बारे में जानिए. इसके अलावा केरल की अन्य लोकसभा सीटों के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए स्क्रॉल करें.

  • पार्टी
  • उम्मीदवार

  • वोट*
  • स्थिति
*प्रोविजनल डेटा

2014 विजेताएम.आई. षणवास

  • कांग्रेस

2019 विजेताराहुल गांधी

  • कांग्रेस

केरल: अन्य चुनाव क्षेत्र

चुनाव क्षेत्रअग्रणी पार्टीस्थिति
अलप्पुझाएडवोकेट ए एम आरिफसीपीएमजीते
अलाथुरराम्या हरिदासकांग्रेसजीते
अत्तिनगलएडवोकेट अदूर प्रकाशकांग्रेसजीते
चलाकुडीबेनी बेहननकांग्रेसजीते
एर्नाकुलमहिबी ईडनकांग्रेसजीते
इडुक्किएडवोकेट डीन कुरिअकोसेकांग्रेसजीते
कन्नूरके. सुधाकरनकांग्रेसजीते
कासरगोडराजमोहन उन्नीथनकांग्रेसजीते
कोल्लमएन.के. प्रेमचंद्रनआरएसपीजीते
कोट्टायमथॉमस चाझिकादानकेईसीएमजीते
कोझीकोडएम.के. राघवनकांग्रेसजीते
मलप्पुरमपी.के. कुन्हालीकुट्टीआईयूएमएलजीते
मवेलिक्काराकोडिकुन्नील सुरेशकांग्रेसजीते
पलक्कड़वी.के. श्रीकंदनकांग्रेसजीते
पत्तनमतिट्टाएंटो एंटनीकांग्रेसजीते
पोन्नानीई.टी मोहम्मद बशीरआईयूएमएलजीते
तिरुअनंतपुरमशशि थरूरकांग्रेसजीते
त्रिशूरटी.एन. प्रतापनकांग्रेसजीते
वाटकराके. मुरलीधरनकांग्रेसजीते
वयनाडराहुल गांधीकांग्रेसजीते

केरल के बारे में

केरल की वायनाड लोकसभा सीट (Wayanad Lok Sabha Election Results 2019) पर 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस के एम.आई. षणवास ने जीत हासिल की थी. उन्हें 3,77,035 वोट मिले थे, जबकि CPI के सत्यन मोकेरी 3,56,165 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे.

अगर यहां के इतिहास की बात करें, तो सन् 2009 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुआ था, और तब भी कांग्रेस के एम.आई. षणवास ने जीत दर्ज की थी.

इस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 7 सीटें आती हैं, जिनमें कालपेट्टा, सुल्तान बथरी, मनंतवाड़ी, तिरुवाम्बड़ी, नीलाम्बुर, वंडूर और एरानाड शामिल हैं.

केरल के तीन जिलों - वायनाड, कोझीकोड और मलप्पुरम - में फैले वायनाड का महत्व लोकसभा चुनाव 2019 में बहुत बढ़ गया है, क्योंकि दक्षिणी राज्यों में पैठ बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट का गठन 2009 में हुआ था, और यह सीट अब तक परम्परागत रूप से कांग्रेस का ही गढ़ मानी जाती रही है. पहली बार यहां 2009 में ही चुनाव हुए थे, और उसके अलावा 2014 के आम चुनाव में भी कांग्रेस के एम.आई. षणवास ने जीत हासिल की थी. यह सीट इस वक्त रिक्त है, क्योंकि एम.आई. षणवास का वर्ष 2018 में निधन हो गया था.

राहुल गांधी के यहां से चुनाव लड़ने के चलते इस सीट का महत्व अचानक बहुत बढ़ गया है. BJP के नेतृत्व वाले NDA ने सहयोगी भारत धर्म जन सेना (BDJS) के अध्यक्ष तुषार वेल्लापल्ली को यहां से खड़ा किया है.

फोटो सौजन्‍य: loksabha.nic.in
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