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कुल सीटें- 17

तेलंगाना लोकसभा चुनाव 2019

आंध्रप्रदेश का विभाजन करके बनाए गए देश के 29वें राज्‍य तेलंगाना की स्थापना दो जून 2014 को हुई. तेलंगाना (Telangana Lok Sabha elections 2019) में 5,99,933 मतदाता ऐसे हैं जिनकी आयु 18-19 वर्ष है. यह इसके पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की तुलना में काफी अधिक है. आंध्र में इस श्रेणी में 5,39,804 मतदाता हैं. तेलंगाना में यह पहला लोकसभा चुनाव है.

तेलंगाना (Telangana) में 11 अप्रैल को लोकसभा चुनावों (Telangana Lok Sabha elections 2019) के पहले चरण में मतदान किया गया. यहां मुख्य रूप से इस दक्षिणी राज्य की 17 सीटों पर सत्तारूढ़ टीआरएस (TRS) , कांग्रेस (Congress) और भाजपा (BJP) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है. 17 निर्वाचन क्षेत्रों में से तीन अनुसूचित जाति (एससी) और दो अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं. अलग राज्य के रूप में मान्यता प्राप्त होने के बाद तेलंगाना का यह पहला लोकसभा चुनाव (Telangana Elections 2019) है. राज्य में कुल जनसंख्या 3,50,03,674 है.

तेलंगाना में 17 निर्वाचन क्षेत्र आदिलाबाद, भुवनगिरि, चेवेलला, हैदराबाद, करीमनगर, खम्मम, महबूबनगर, महबूबनगर, मलकजगिरी, मेदक, नागरकुर्नूल, नलगोंडा, निजामाबाद, पेद्दापल्ले, सिकंदराबाद, वारंगल और ज़हीराबाद हैं.

नेशनल इलेक्शन प्लानर के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 2,95,30,838 मतदाता हैं, जिनमें से 1,48,42,582 पुरुष हैं, 1,46,74,217 महिलाएं हैं और 2,089 ट्रांसजेंडर से हैं. इसके अलावा कुल मतदाताओं में, 10,823 सर्विस वोटर और 1,127 विदेशों में रह रहे भारतीय वोटर हैं.

दिलचस्प बात यह है कि तेलंगाना में 5,99,933 मतदाता ऐसे हैं जिनकी आयु 18-19 वर्ष है. यह इसके पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की तुलना में काफी अधिक है. आंध्र में इस श्रेणी में 5,39,804 मतदाता हैं.

पिछले आम चुनावों के बाद तेलंगाना में कुल 2,95,30,838 मतदाताओं और आंध्र प्रदेश में 3,66,61,315 मतदाताओं की वृद्धि हुई है. अविभाजित आंध्र प्रदेश में 2014 में चुनाव हुए थे. लोकसभा चुनाव (Telangana Lok Sabha elections 2019) की मतगणना 23 मई को होगी.

तेलंगाना देश का सबसे नया राज्य है जो कि आंध्रप्रदेश का विभाजन करके बनाया गया. इसकी स्थापना भारत के 29वें राज्‍य के रूप में दो जून 2014 को हुई थी. तेलंगाना को पृथक राज्य बनाने की मांग लंबे अरसे से की जा रही थी और इसके लिए आंदोलन भी किए गए. साल 2009 में  29 नवंबर को चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में उनके राजनीतिक दल तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की और तेलंगाना प्रदेश के गठन की मांग की. इसको लेकर केंद्र सरकार पर बढ़ते दबाव के चलते तीन फरवरी 2010 को पूर्व जस्टिस श्रीकृष्ण के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई. इस समिति ने 30 दिसंबर 2010 को अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी. इसके बाद चुनावी दबाव के कारण आखिरकार तीन अक्टूबर 2013 को तत्कालीन यूपीए सरकार ने अलग तेलंगाना राज्य के गठन को स्वीकृति दे दी. पांच दिसम्बर 2013 को मंत्रिसमूह द्वारा बनाए गए ड्राफ्ट बिल को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी. 18 फरवरी 2014 को तेलंगाना बिल लोकसभा से पास हो गया तथा दो दिन पश्चात इसे राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई.  दो जून 2014 को तेलंगाना देश का 29वां प्रदेश बना दिया गया. के चंद्रशेखर राव ने इस राज्य के पहले मुख्‍यमंत्री के रूप में  शपथ ग्रहण की.

निजाम की हैदराबाद रियासत का हिस्सा रहे आंध्रप्रदेश का एक हिस्सा तेलंगाना कहा जाता रहा है. इसमें आंध्रप्रदेश के कुल 23 जिलों में से 10 जिले आते थे. अक्टूबर 2016 में इस राज्य में मूल 10 जिलों को पुनर्गठन किया गया और 21 नए जिले बनाकर कुल जिलों की संख्या 31 कर दी गई. गत 17 फरवरी 2019 को दो नए जिले बनाए गए. अब राज्य में कुल 33 जिले हैं. यह जिले अदिलाबाद, भद्राद्री कोठागुडम, हैदराबाद, जगित्याल, जनगांव, जयशंकर भूपलपल्ली, जोगुलाम्बा गद्वाल, कामारेड्डी, करीमनगर, खम्मम, कोमाराम भीम, आसिफ़ाबाद, महबूबाबाद, महबूबनगर, मंचेरियल, मेडक, मेडचल, नगरकरनूल, नलगोंडा, निर्मल, निज़ामाबाद, पेद्दापल्ली, राजन्ना सिरसिल्ला, रंगारेड्डी, संगारेड्डी, सिद्दिपेट, सूर्यापेट, विकाराबाद, वानपर्ति, वारंगल (ग्रामीण), वारंगल (शहरी) और यदाद्री भुवनगरी हैं. तेलंगाना राज्य के गठन के समय इसमें आंध्र प्रदेश की 294 में से 119 विधानसभा सीटें और 42 लोकसभा सीटों में से 17 सीटें आईं.

राज्य का नामकरण तेलंगाना, तेलुगू और अंगाना शब्द को मिलाकर किया गया. इसका अर्थ है वह स्थान जहां तेलुगू भाषा बोली जाती है. हैदराबाद के शासक निजाम ने तेलंगाना शब्द का प्रयोग हैदराबाद रियासत में शामिल मराठी भाषी इलाकों से इस इलाके को अलग करने के लिए किया था.

तेलंगाना 114840 वर्ग किलोमीटर में फैला है और यह देश का 12वां सबसे बड़ा राज्‍य है. तेलंगाना की अधिकारिक भाषा तेलुगू और उर्दू है.

तेलंगाना को पृथक राज्य बनने के लिए वर्षों तक संघर्ष करते रहे तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव इस राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने. कल्वाकुंतला चंद्रशेखर राव दो जून 2014 को पहले सीएम बने और इसके बाद 13 दिसंबर 2018 को वे दूसरी बार भी मुख्यमंत्री चुने गए. तेलगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति की सत्ता है. राज्य में राज्यपाल ईएलएस नरसिंहन हैं.

तेलंगाना में करीब 84 फीसदी जनसंख्या हिन्दू, 12.4 प्रतिशत मुस्लिम और 3.2 प्रतिशत सिख, ईसाई और अन्य धर्म के लोग हैं. तेलंगाना में 76 प्रतिशत लोग तेलुगू भाषी हैं. राज्य में 12 प्रतिशत लोग उर्दू और 12 प्रतिशत लोग अन्य भाषाएं बोलते हैं. तेलंगाना की सीमाएं महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से सटी हुई हैं.

चुनाव क्षेत्र वर्तमान सांसदपार्टी
आदिलाबाद गोदम नागेशटीआरएस
भोंगिर डॉ बूरा नरसैया गौडटीआरएस
चेवेल्ला कोंडा विश्वेश्वर रेड्डीटीआरएस
हैदराबाद असदुद्दीन ओवैसीएआईएमआईएम
करीमनगर विनोद कुमार बोइनापल्लीटीआरएस
खम्मम पोंगुलेती श्रीनिवास रेड्डीवाईएसआरसी
महबूबाबाद प्रो अजमेरा सीताराम नाइकटीआरएस
महबूबनगर जितेन्द्र रेड्डीटीआरएस
मल्काजगिरी मल्ला रेड्डीटीडीपी
मेदक कोटा प्रभाकर रेड्डीटीआरएस
नगरकुरनूल येलैया नंदीकांग्रेस
नलगोंडा गुथा सुखेंद्र रेड्डीकांग्रेस
निजामाबाद कल्वकुंतला कविताटीआरएस
पेद्दापल्ली बल्का सुमनटीआरएस
सिकंदराबाद बंडारू दत्तात्रेयबीजेपी
वारंगल पसुनूरी दयाकरटीआरएस
ज़हीराबाद बीबी पाटिलटीआरएस

कुल सीटें- 17

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