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रायबरेली लोकसभा सीट परिणाम

लोकसभा चुनाव 2019: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की रायबरेली संसदीय सीट (Rae Bareli Lok Sabha Election Results 2019) के सभी प्रत्याशियों और परिणाम के साथ-साथ इतिहास और पूर्व सांसदों के बारे में जानिए. इसके अलावा उत्तर प्रदेश की अन्य लोकसभा सीटों के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए स्क्रॉल करें.

  • पार्टी
  • उम्मीदवार

  • वोट*
  • स्थिति
*प्रोविजनल डेटा

2014 विजेतासोनिया गांधी

  • कांग्रेस

2019 विजेतासोनिया गांधी

  • कांग्रेस

उत्तर प्रदेश: अन्य चुनाव क्षेत्र

चुनाव क्षेत्रअग्रणी पार्टीस्थिति
आगराप्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेलबीजेपीजीते
अकबरपुरदेवेंद्र सिंह 'भोले'बीजेपीजीते
अलीगढ़सतीश कुमार गौतमबीजेपीजीते
इलाहाबादरीता बहुगुणा जोशीबीजेपीजीते
अम्बेडकर नगररितेश पांडेबीएसपीजीते
अमेठीस्मृति ईरानीबीजेपीजीते
अमरोहाकुंवर दानिश अलीबीएसपीजीते
आंवलाधर्मेंद्र कश्यपबीजेपीजीते
आज़मगढ़अखिलेश यादवएसपीजीते
बदायूंडॉ. संघमित्रा मौर्यबीजेपीजीते
बागपतसत्यपाल सिंहबीजेपीजीते
बहराइचअक्षयबर लालबीजेपीजीते
बलियावीरेंद्र सिंहबीजेपीजीते
बांदाआर.के. सिंह पटेलबीजेपीजीते
बांसगांवकमलेश पासवानबीजेपीजीते
बाराबंकीउपेंद्र सिंह रावतबीजेपीजीते
बरेलीसंतोष कुमार गंगवारबीजेपीजीते
बस्तीहरीश चंद्र उर्फ हरीश द्विवेदीबीजेपीजीते
भदोहीरमेश चंदबीजेपीजीते
बिजनौरमलूक नागरबीएसपीजीते
बुलंदशहरभोला सिंहबीजेपीजीते
चंदौलीडॉ. महेंद्र नाथ पांडेबीजेपीजीते
देवरियारमापति राम त्रिपाठीबीजेपीजीते
धौरहरारेखा वर्माबीजेपीजीते
डुमरियागंजजगदम्बिका पालबीजेपीजीते
एटाराजवीर सिंह (राजू भैया)बीजेपीजीते
इटावाडॉ. राम शंकर कठेरियाबीजेपीजीते
फैजाबादलल्लू सिंहबीजेपीजीते
फर्रुखाबादमुकेश राजपूतबीजेपीजीते
फतेहपुरनिरंजन ज्योतिबीजेपीजीते
फतेहपुर सीकरीराजकुमार चाहरबीजेपीजीते
फिरोजाबादडॉ चंद्र सेन जादोनबीजेपीजीते
गौतम बुद्ध नगरमहेश शर्माबीजेपीजीते
गाज़ियाबादवी.के. सिंहबीजेपीजीते
गाजीपुरअफजल अंसारीबीएसपीजीते
घोसीअतुल कुमार सिंह उर्फ अतुल रायबीएसपीजीते
गोंडाकीर्ति वर्धन सिंह उर्फ राजा भैयाबीजेपीजीते
गोरखपुररवींद्र श्यामनारायण शुक्ला उर्फ रवि किशनबीजेपीजीते
हमीरपुरकुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेलबीजेपीजीते
हरदोईजय प्रकाशबीजेपीजीते
हाथरसराजवीर दिलेरबीजेपीजीते
जालौनभानु प्रताप सिंह वर्माबीजेपीजीते
जौनपुरश्याम सिंह यादवबीएसपीजीते
झांसीअनुराग शर्माबीजेपीजीते
कैरानाप्रदीप कुमारबीजेपीजीते
कैसरगंजबृजभूषण शरण सिंहबीजेपीजीते
कन्नौजसुब्रत पाठकबीजेपीजीते
कानपुरसत्यदेव पचौरीबीजेपीजीते
कौशाम्बीविनोद कुमार सोनकरबीजेपीजीते
खीरीअजय कुमारबीजेपीजीते
कुशीनगरविजय कुमार दुबेबीजेपीजीते
लालगंजसंगीता आज़ादबीएसपीजीते
लखनऊराजनाथ सिंहबीजेपीजीते
मछलीशहरभोलानाथ (बी.पी. सरोज)बीजेपीजीते
महाराजगंजपंकज चौधरीबीजेपीजीते
मैनपुरीमुलायम सिंह यादवएसपीजीते
मथुराहेमा मालिनीबीजेपीजीते
मेरठराजेंद्र अग्रवालबीजेपीजीते
मिर्जापुरअनुप्रिया पटेलएडीजीते
मिसरिखअशोक कुमार रावतबीजेपीजीते
मोहनलालगंजकौशल किशोरबीजेपीजीते
मुरादाबादडॉ. एस थसनएसपीजीते
मुज़फ़्फ़रनगरसंजीव कुमार बालियानबीजेपीजीते
नगीनागिरीश चंद्रबीएसपीजीते
फूलपुरकेशरी देवी पटेलबीजेपीजीते
पीलीभीतवरुण गांधीबीजेपीजीते
प्रतापगढ़संगम लाल गुप्ताबीजेपीजीते
रायबरेलीसोनिया गांधीकांग्रेसजीते
रामपुरआज़म खानएसपीजीते
रॉबर्ट्सगंजपकौड़ी लाल कोलएडीजीते
सहारनपुरहाजी फज़लुर रहमानबीएसपीजीते
सलेमपुररविंदरबीजेपीजीते
संभलडॉ शफीकुर रहमान बर्कएसपीजीते
संत कबीर नगरप्रवीण कुमार निषादबीजेपीजीते
शाहजहांपुरअरुण कुमार सागरबीजेपीजीते
श्रावस्तीराम शिरोमणिबीएसपीजीते
सीतापुरराजेश वर्माबीजेपीजीते
सुल्तानपुरमेनका गांधीबीजेपीजीते
उन्नावसाक्षी महाराजबीजेपीजीते
वाराणसीनरेंद्र मोदीबीजेपीजीते

उत्तर प्रदेश के बारे में

कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट (Rae Bareli Lok Sabha Election Results 2019) काफी अहम मानी जाती है. सन् 2014 के चुनाव में कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह सीट हासिल की थी. उन्हें 5,26,434 वोट मिले थे, जबकि BJP उम्मीदवार अजय अग्रवाल 1,73,721 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे और तीसरे नंबर पर यहां BSP रही थी.

इस क्षेत्र के इतिहास की बात करें, तो सन् 1952-77 तक यहां कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व था. हालांकि, इसके बाद सन् 1977-1980 तक यह सीट जनता पार्टी के हाथ में रही. सन् 1980-98 तक दोबारा यहां कांग्रेस ने अपना प्रभुत्व कायम किया. पहली बार कांग्रेस के गढ़ में सन् 1996-99 तक BJP ने परचम लहराया था. इसके बाद सन् 1999 से वर्तमान समय तक यह सीट कांग्रेस के खाते में रही. इस क्षेत्र से कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी चार बार चुनाव जीत चुकी हैं.

उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट परम्परागत रूप से कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही है, और अब तक कुल मिलाकर हुए 19 चुनावों में 16 बार कांग्रेस प्रत्याशी ही यहां से जीते हैं. पहली बार 1977 में कांग्रेस के खिलाफ लहर में राजनारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को परास्त किया था. उसके तीन ही साल बाद कांग्रेस ने इस सीट पर वापसी दर्ज की, और फिर 1996 तक लगातार कांग्रेस उम्मीदवार जीतते रहे. 

BJP के अशोक सिंह ने 1996 और 1998 में यहां से चुनाव जीता, लेकिन उसके बाद 1999 में सतीश शर्मा ने कांग्रेस को फिर इस सीट पर कब्ज़ा दिला दिया, और तभी से BJP इस लोकसभा क्षेत्र में पैठ बनाने की कोशिश ही कर पा रही है. इस सीट का महत्व इसलिए भी ज़्यादा है, क्योंकि इस पर 1999 में हुए उपचुनाव के बाद से ही UPA की अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार जीत रही हैं, और अब वह पांचवीं बार इसी सीट से चुनाव मैदान में हैं.

फोटो सौजन्‍य: loksabha.nic.in
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