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कुल सीटें- 42

पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव 2019

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव (West Bengal-Elections 2019) में वर्चस्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी राज्य में जड़ें जमाने की कोशिश में जुटी

पश्चिम बंगाल (West Bengal-Elections 2019) में लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है. लोकसभा सीटों के हिसाब से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद इस तीसरे सबसे बड़े प्रदेश में 42 लोकसभा सीटें हैं. प्रदेश में जहां तृणमूल कांग्रेस की सत्ता है वहीं इसका मुकाबला केंद्र में सत्तासीन बीजेपी से है. पश्चिम बंगाल में जहां चुनावी मुकाबड़ा कड़ा है वहीं इस बार यहां हिंसा की घटनाएं भी काफी हुई हैं. एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस राज्य में अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए संघर्ष कर रही है वहीं बीजेपी पश्चिम बंगाल में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में जुटी है. साहित्य, कला, संगीत और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध पश्चिम बंगाल इस लोकसभा चुनाव (Lok Sabha elections 2019) में विकट राजनीतिक कशमकश के दौर से गुजर रहा है. यह वह दौर है जब यहां साढ़ें तीन दशक तक शासन करने वाले वामपंथी दल पीछे रह गए हैं और तृणमूल कांग्रेस जैसी राज्य की पार्टी व बीजेपी जैसा राष्ट्रीय दल मैदान में जम गया है.         

देश के पूर्वी भाग में स्थित पश्चिम बंगाल (West Bengal Elections) जहां सांस्कृतिक रूप से सुसमृद्ध रहा है वहीं राजनीतिक रूप से भी मुखर रहा है. यही वह प्रदेश है जहां 'नक्सलवाद' जैसे शब्द का जन्म हुआ था. पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी आंदोलन ने देश पर बहुत प्रभाव डाला. इसके अलावा भारत में साम्यवादी विचारधारा का सूत्रपात भी बंगाल में हुआ. यहीं से वामपंथी दलों का उदय हुआ. देश का पहला दैनिक हिन्दी अखबार 'उदंत मार्तंड' बंगाल के प्रमुख शहर कोलकाता से निकला था. इससे पहले देश में पत्रकारिता की शुरुआत भी कोलकाता से 'हिकी गजट' नाम के अंग्रेजी समाचार पत्र से हुई थी.       

आजादी के साथ 15 अगस्त 1947 को पश्चिम बंगाल (West Bengal Lok Sabha elections 2019) राज्य बना. इसकी राजधानी कोलकाता है और इस राज्य में 23 जिले है. राज्य की मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं और राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी हैं. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सरकार है. इससे पहले 1977 से यहां 35 साल तक वाम मोर्चे की सरकार थी.  

पश्चिम बंगाल की मुख्य भाषा बांग्ला है. बंगाल पर इस्लामी शासन 13 वीं शताब्दी से प्रारंभ हुआ. यह राज्य सोलहवीं शताब्दी में मुगल शासन में व्यापार तथा उद्योग के एक समृद्ध केन्द्र के रूप में विकसित हुआ. पंद्रहवीं शताब्दी के अंत तक यहां यूरोपीय व्यापारियों का आगमन हो चुका था तथा 18 वीं शताब्दी के अंत तक यह क्षेत्र ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण में आ गया था. ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्यालय बनने के बाद भारत में ब्रिटिश साम्राज्य ने यहीं से पैर फैलाए. आजादी के बाद बंगाल, मुस्लिम बाहुल्य पूर्व बंगाल तथा हिंदू बाहुल्य पश्चिम बंगाल में विभाजित हुआ. पूर्व बंगाल बाद में भारत से अलग होकर बांग्लादेश बन गया.   

पश्चिम बंगाल भारत के पूर्वी हिस्से में है और इसका क्षेत्रफल 88,853 वर्ग किलोमीटर है. इसके उत्तर में सिक्किम, उत्तर-पूर्व में असम, पूर्व में बांग्लादेश, दक्षिण में बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा तथा पश्चिम में बिहार व झारखंड राज्य हैं.

पश्चिम बंगाल (West Bengal Lok Sabha elections 2019) के उत्तरी हिस्से में हिमालय पर्वत श्रेणी का पूर्वी हिस्सा है और दक्षिण में बंगाल की खाड़ी है. पर्वत और समंदर के बीच फैले इस प्रदेश की भौगोलिक स्थिति में खासी विविधता दिखाई देती है. राज्य के उत्तरी छोर पर दार्जिलिंग के शिखर और हिमालय पर्वतमाला के हिस्से हैं. दक्षिण की ओर मैदानी भाग और इसके बाद गंगा का डेल्टा खत्म होता है. यहां गंगा और इसकी बंटी हुई धाराओं से बनीं भागीरथी तथा हुगली नदियां बहती हैं. सभी नदियां बंगाल की खाड़ी में समाहित होती हैं. इसके अलावा पर्वतीय इलाकों में तीस्ता, महानंदा, तोरसा आदि नदियां भी बहती हैं. 

पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, बर्धमान, नदिया, पुरुलिया, बांकुड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा, कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर, अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग, झाड़ग्राम और पश्चिम बर्धमान जिले हैं.  

पश्चिम बंगाल की संस्कृति के कारण इसकी विशिष्ट पहचान है. यहां नृत्य, संगीत तथा फिल्म निर्माण की दीर्घ परंपरा रही है. दुर्गापूजा यहां का व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया जाने वाला उत्सव है. मिठाईयों के लिए काफी प्रसिद्ध पश्चिम बंगाल में ही रसगुल्ले का आविष्कार हुआ था. पश्चिम बंगाल में साठ के दशक में एक साहित्यिक आंदोलन हुआ था जिसे 'भूखी पीढ़ी आंदोलन' कहा गया. यह आंदोलन भले की बांग्ला भाषाई साहित्य का था लेकिन इसकी ख्याति पूरे भारत में ही नहीं बल्कि अमेरिका और यूरोप तक फैली. 

पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं. इनमें से 30 सीटें सामान्य, 10 एससी और दो सीटें एसटी के लिए हैं. राज्य में कुल वोटर 69765010 हैं. इनमें पुरुष वोटर 3578552  और महिला वोटर 33978032 हैं. इसके अलावा 1426 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं. राज्य की जनसंख्या 91276115 है और साक्षरता 76.3 प्रतिशत है.

चुनाव क्षेत्र वर्तमान सांसदपार्टी
अलीपुरद्वार दशरथ तिर्कीटीएमसी
आरामबाग अपरूपा पोद्दार (आफरीन अली)टीएमसी
आसनसोल बाबुल सुप्रिय बराल (बाबुल सुप्रियो)बीजेपी
बहरामपुर अधीर रंजन चौधरीकांग्रेस
बलूरघाट अर्पिता घोषटीएमसी
बनगांव ममता ठाकुरटीएमसी
बांकुरा श्रीमती देव वर्मा (मुनमुन सेन)टीएमसी
बारासत डॉ काकली घोष दोस्तीदारटीएमसी
बर्धमान पूर्व सुनील कुमार मोंडलटीएमसी
बर्दवान दुर्गापुर डॉ ममताज संघमित्राटीएमसी
बैरकपुर दिनेश त्रिवेदीटीएमसी
बशीरहाट इदरीस अलीटीएमसी
बीरभूम शताब्दी रॉय (बनर्जी)टीएमसी
बिष्णुपुर खान सौमित्रटीएमसी
बोलपुर अनुपम हाजराटीएमसी
कूचबिहार पार्थ प्रतिमटीएमसी
दार्जीलिंग एसएस आहलूवालियाबीजेपी
डायमंड हार्बर अभिषेक बनर्जीटीएमसी
दम दम सौगत रायटीएमसी
घटल अधिकारी दीपक (देव)टीएमसी
हुगली डॉ रत्ना डे (नाग)टीएमसी
हावड़ा प्रसून बनर्जीटीएमसी
जादवपुर सुगत बोसटीएमसी
जलपाईगुड़ी बिजय चंद्र बर्मनटीएमसी
जांगीपुर अभिजीत मुखर्जीकांग्रेस
झारग्राम उमा सरनटीएमसी
जॉयनगर प्रतिमा मोंडलटीएमसी
कांठी अधिकारी सिसिर कुमारटीएमसी
कोलकाता दक्षिण सुब्रत बख्शीटीएमसी
कोलकाता उत्तर सुदीप बंद्योपाध्यायटीएमसी
कृष्णानगर तपस पॉलटीएमसी
मालदा दक्षिण अबू हसीम खान चौधरीकांग्रेस
मालदा उत्तर मौसम नूरकांग्रेस
मथुरापुर चौधरी मोहन जटुआटीएमसी
मेदिनीपुर संध्या रॉयटीएमसी
मुर्शिदाबाद बदरूद्दोजा खानसीपीएम
पुरुलिया डॉ मृगांका महतोटीएमसी
रायगंज मोहम्मद सलीमसीपीएम
रानाघाट तापस मंडलटीएमसी
श्रीरामपुर कल्याण बनर्जीटीएमसी
उलुबेरिआ सजदा अहमदटीएमसी
तामलुक अधिकारी सुवेंदुटीएमसी

कुल सीटें- 42

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