Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

अहमदाबाद : कल निकलेगी भगवान जगन्नाथ की पारम्परिक रथयात्रा

अहमदाबाद : कल निकलेगी भगवान जगन्नाथ की पारम्परिक रथयात्रा

प्रतीकात्मक फोटो।

अहमदाबाद:

बुधवार को अहमदाबाद की सड़कों पर भगवान जगन्नाथ की 139वीं रथयात्रा निकलेगी। जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह लगातार 139वीं रथयात्रा होगी। अहमदाबाद की रथयात्रा पुरी में होने वाली रथयात्रा से काफी अलग है। पुरी की रथयात्रा जहां 9 दिन चलती है वहीं अहमदाबाद की रथयात्रा सिर्फ एक ही दिन चलती है।

साल में एक ही दिन होता है आयोजन
अहमदाबाद में रथयात्रा सुबह 7 बजे शुरू होकर देर शाम तक रथ वापस मंदिर आ जाते हैं। रथयात्रा करीब 13 किलोमीटर का सफर तय करती है। इस रथयात्रा का जुलूस ही करीब 2 से 3 किलोमीटर लंबा होता है। सबसे पहले 18 हाथी होते हैं, फिर 101 ट्रक, जिन पर भारतीय संस्कृति की झांकियां होती हैं। उनके पीछे करीब 20 अखाड़े जिसमें बॉडी बिल्डर अपने शारीरिक सौष्ठव का और करतबों का प्रदर्शन करते हुए नजर आते हैं। उनके पीछे करीब 18 भजन मंडलियां होती हैं जो भगवान जगन्नाथ से जुड़े भजन गाते चलती हैं। उनके पीछे क्रमबद्ध भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बलराम के रथ होते हैं।

सड़क पर दर्शन
मंदिर के मुख्य ट्रस्टी महेन्द्र झा कहते हैं कि इस रथयात्रा का महत्व इसलिए भी है क्योंकि साल में यह एक ही दिन होता है जब भगवान अपने बहन और भाई के साथ लोगों को खुद दर्शन देने शहर की सड़कों पर आते हैं अन्यथा अन्य दिनों में दर्शन करने मंदिर जाना पड़ता है।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रथयात्रा में लाखों लोग उमड़ते हैं इसलिए सुरक्षा भारी होती है। इस साल तो ड्रोन और डिजिटल मैपिंग से पूरी रथयात्रा पर कंट्रोल रूम से ही नजर रखी जाएगी। इसके अलावा इस साल रमज़ान ईद भी साथ में आ सकती है, इसलिए गुजरात के अलावा नगालैंड और असम से भी सशस्त्र बल मंगवाए गए हैं। सशस्त्र बलों की कुल 144 कम्पनियों को रथयात्रा के दिन सुरक्षा के लिए अहमदाबाद में तैनात किया गया है।

अमित शाह पहुंचेंगे अहमदाबाद
इस रथयात्रा का महत्व इसी से पता चलता है कि सुबह 4 बजे होने वाली आरती के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कुछ घंटों के लिए अहमदाबाद आएंगे। इसके बाद सुबह 7 बजे परम्परा के मुताबिक मुख्यमंत्री खुद सोने के झाडु से रथ बुहारेंगी और फिर शुरू होगी रथयात्रा।