गुजरात में 2 लाख आंगनवाड़ी और आशा हेल्थ वर्कर न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं

गुजरात में 2 लाख आंगनवाड़ी और आशा हेल्थ वर्कर न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं

अहमदाबाद:

गुजरात में करीब 2 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा हेल्थ वर्कर हड़ताल पर हैं. उनकी मांग है कि न्यूनतम वेतन के मुताबिक उन्हें कम से कम 9000 रुपये प्रति माह मिलना चाहिए. मंगलवार को राज्य सरकार के बजट में अपने वेतन में कुछ खास बढ़ोतरी की घोषणा होने पर उन्होंने बजट की होली जलाई और 8 मार्च यानी आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है.

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राज्य में आशा वर्कर की तनख्वाह 1000 रुपये है और उन्हें नियम के मुताबिक सप्ताह में चार दिन काम करना पड़ता है. उनका मुख्य काम गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशु की देखभाल का है, लेकिन उन्हें अन्य काम भी करने पड़ते हैं.

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इसी तरह आंगनवाड़ी सुपरवाइजर की तनख्वाह पहले 4,700 रुपये थी जो बजट के बाद बढ़कर 5,300 रुपये हुई है. आंगनवाड़ी के असिस्टेंट समेत अन्य कैटेगरी के कार्यकर्ता इसके बीच में तनख्वाह पाते हैं. इसके अलावा उन्हें सरकारी नौकरी के भी कोई लाभ नहीं मिलते. इन्हें सिर्फ मानद (ओनररी) काम करनेवाले ही माना जाता है. कई सालों से काम में लगी महिलाओं की भी तनख्वाह 5300 रुपये होने से उनमें बहुत रोष है. इन्होंने मांगें न माने जाने पर 8 मार्च को प्रधानमंत्री के गुजरात आने पर उनके खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है.