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गुजरात को मिलेंगी उसकी पहली सौर और नक्षत्र वेधशालाएं

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गुजरात को मिलेंगी उसकी पहली सौर और नक्षत्र वेधशालाएं

प्रतीकात्मक फोटो

अहमदाबाद: गुजरत में जल्द ही उसकी पहली सौर वेधशाला और नक्षत्र वेधशाला बनने जा रही हैं। सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त भारतीय ग्रहीय सोसायटी (आईपीएस) ने करीब 12 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए कच्छ जिले का चयन किया है। आईपीएस के सीईओ अक्षय मल्होत्रा ने बताया कि सौर वेधशाला का उपयोग सूर्य तथा सौर प्रणाली के अध्ययन के लिए किया जाएगा जबकि नक्षत्र वेधशाला विभिन्न आकाश गंगाओं, ग्रहों और तारों का अध्ययन कर सूचनाएं एकत्र करेगी।

कच्छ में संभावित जगह का व्यापक अध्ययन करने के लिए मल्होत्रा इन दिनों वहीं हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार आईपीएस पहली सौर और नक्षत्र वेधशालाओं की स्थापना करने के लिए किसी परियोजना से जुड़ा है। हमने कच्छ में आसमान बहुत साफ होने की वजह से ये वेधशालाएं वहां स्थापित करने का निर्णय किया है। सटीक परिणामों के लिए आसमान का साफ होना बहुत जरूरी है।

मल्होत्रा ने बताया ने कि भारत के विभिन्न हिस्सों में ऐसी वेधशालाएं हैं, जिनका संचालन सरकार कर रही है, लेकिन हम एक स्वतंत्र गैर सरकारी संगठन हैं जिसे सरकार ने मान्यता दी है। पहली बार गुजरात में ऐसी वेधशालाएं स्थापित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि रात को आकाशगंगाओं के निरीक्षण के लिए आसमान साफ होना बहुत जरूरी है।

उन्होंने बताया कि सौर वेधशाला के लिए बजट करीब दो करोड़ रुपये है जबकि हमें नक्षत्र वेधशाला के लिए कम से कम 10 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ सकती है। परियोजना के लिए हम पीपीपी मॉडल अपनाएंगे और इसे पूरा होने में कुछ साल लगेंगे। इसके अलावा हम अनुदान और सरकार से भी कोष का आग्रह करेंगे।

 


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