गुजरात : शिक्षा संस्थानों में कैशलेस सुविधाएं बढ़ने से छात्रों को मिल रही राहत

गुजरात : शिक्षा संस्थानों में कैशलेस सुविधाएं बढ़ने से छात्रों को मिल रही राहत

अहमदाबाद:

अहमदाबाद की जानी-मानी ऑर्किेटेक्चर की डीम्ड युनिवर्सिटी सेप्ट में छात्र कैंटीन से अपने कॉलेज से दिए गए स्मार्ट कार्ड से खाना खरीदते हैं. उन्हें बैंक से पैसा लाने की जरूरत नहीं है. उन्होने अपने बैंक से कॉलेज में ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर किया और कॉलेज ने उन्हें स्मार्ट कार्ड दिया है जिससे वो कैंपस के अंदर हरेक खर्च कर सकते हैं.

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उसी तरह विश्वकर्मा इंजीनियरिंग कॉलेज में इंजीनियरिंग पढ़ने वाले सभी छात्र पांच रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक का अपना सारा ट्रांजेक्शन कैशलेस कर सकते हैं. उनके कॉलेज में बैंक के कियोस्क से लेकर पेटीएम तक की सारी सुविधाएं मुहैया हो गई हैं.

कई कॉलेजों ने सभी सुविधाएं अब कैशलेस कर दी हैं. फिर चाहे लेट फीस हो तो पेटीएम, कॉलेज की फीस भी बैंकों के कियोस्क से भरी जा रही है.  

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विश्वकर्मा इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रिंसिपल राजुल गज्जर कहती हैं कि पूरा प्रयास ये हो रहा है कि ये जो बच्चे हैं, उनकी सोच और उनकी आदतें पूरी तरह कैशलेस की तरफ मोड़ी जाएं क्योंकि पश्चिमी देशों में तो इस तरह के ट्रांजेक्शन इसी तरह से होते हैं. हमें थोड़ी सी अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए. प्ट युनिवर्सिटी के छात्र सर्विस विभाग के डायरेक्टर गणेश देवकर कहते हैं कि स्मार्ट कार्ड सुविधा इसलिए शुरु की है ताकि छात्रों को कैंपस के खर्च करने में आसानी रहे.

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सरकार औऱ बैंक भी इस तरह कैशलेस होने वाले संस्थानों को मुफ्त सुविधाएं मुहैया करवाने को तैयार दिख रही हैं. ऐसे में नोटबंदी का असर से छात्रों को राहत जरूर मिलेगी.