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पश्चिम बंगाल चुनाव : हिंसक घटनाओं के बीच तीसरे चरण में 79.22 फीसदी मतदान

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पश्चिम बंगाल चुनाव : हिंसक घटनाओं के बीच तीसरे चरण में 79.22 फीसदी मतदान

तीसरे चरण में हिंसा की घटनाओं के बावजूद मतदान केंद्रों पर वोटरों की लंबी कतारें देखी गईं

कोलकाता:

पश्चिम बंगाल विधानसभा के तीसरे चरण के चुनाव के तहत गुरुवार को 62 सीटों पर 79.22 फीसदी मतदान हुआ। मतदान में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच कई झड़पें और बम धमाके भी हुए। हालांकि हिंसक घटनाएं भी वोटरों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से नहीं रोक सकीं और लोगों ने बड़े पैमाने पर वोट डाले।

हिंसा में एक की मौत, नौ घायल
चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि 79.22 फीसदी का आंकड़ा शाम 5 बजे तक हुए मतदान के बाद मतदान अधिकारियों की ओर से भेजे गए टेक्स्ट मैसेज पर आधारित है। पश्चिम बंगाल के प्रभारी उप चुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना ने बताया कि एक मतदान केंद्र के पास एक व्यक्ति, जिसकी हत्या की गई थी, का शव पाया गया, जबकि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच हुई झड़पों में नौ अन्य जख्मी हो गए। झड़पों के दौरान बमों का भी इस्तेमाल किया गया।

यह पूछे जाने पर कि क्या हिंसा की घटनाएं इस चरण में सबसे ज्यादा दर्ज की गईं, इस पर उन्होंने कहा कि आयोग हर चरण में घटनाओं की संख्या की तुलना नहीं कर सकता। हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए सक्सेना ने कहा कि ताहिरूल इस्लाम नाम का एक शख्स डोमकल विधानसभा सीट के मतदान केंद्र संख्या - 176 से करीब 400 मीटर की दूरी पर मृत पाया गया। उसके चेहरे पर कटे का निशान था। वह माकपा समर्थक था। सक्सेना ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या यह चुनाव से जुड़ी मौत थी।


झड़पों में बमों का हुआ इस्तेमाल
उसी विधानसभा क्षेत्र के एक अन्य इलाके में प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में चार लोग जख्मी हो गए जिसमें दो की हालत गंभीर है। इस सिलसिले में 25 लोग हिरासत में लिए गए हैं। वर्धमान से झड़प की तीन अन्य घटनाओं की सूचना मिली है, जिनमें बमों का इस्तेमाल किया गया।

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तृणमूल कांग्रेस नेता गिरफ्तार
तृणमूल कांग्रेस के एक नेता अनवर खान को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया, जब उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं को भड़काने के आरोप में नजरबंद किए जाने के आदेश की अवहेलना की।
पहले कांग्रेस में रहे और अब सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं पूर्व सांसद मनान हुसैन को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते देखा गया। दरअसल, उन्हें ऐसे विधानसभा क्षेत्र में देखा गया, जिसके वह सदस्य नहीं हैं। चुनाव कानूनों के मुताबिक, कोई नेता मतदान शुरू होने से 48 घंटे पहले की अवधि में किसी दूसरे के विधानसभा क्षेत्र में नहीं जा सकता। सक्सेना ने कहा कि 2011 के चुनावों में इन 62 सीटों पर 84.83 फीसदी मतदान हुआ था जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में इन क्षेत्रों में 81.80 फीसदी वोट पड़े थे।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)



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