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हार के बाद अखिलेश यादव ने कसा तंज, कहा- शायद जनता को एक्सप्रेस-वे पसंद नहीं आया, उन्हें तो यह चाहिए...

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हार के बाद अखिलेश यादव ने कसा तंज, कहा- शायद जनता को एक्सप्रेस-वे पसंद नहीं आया, उन्हें तो यह चाहिए...

अखिलेश यादव मीडिया से चर्चा के दौरान हार के कारणों की जगह काम गिनाने लगे...

खास बातें

  1. यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन को कुल 54 सीटे ही मिली हैं
  2. भारतीय जनता पार्टी को यूपी में 312 सीटें हासिल हुई हैं
  3. बीएसपी को महज 19 सीटों से ही संतोष करना पड़ा
लखनऊ: उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों करारी हार झेलने के बाद अखिलेश यादव ने अपनी हार तो स्वीकार की, लेकिन एक बार फिर अपनी सरकार की ओर से किए गए कार्यों की याद दिलाना नहीं भूले. उनकी बातों से ऐसा लगा जैसे कि मतदाताओं ने उनके अच्छे काम की अनदेखी करके बीजेपी पर विश्वास कर लिया हो. समाजवादी पार्टी में चुनाव से पहले मचे घमासान से जैसे-तैसे पार पाने के बाद अखिलेश यादव ने चुनावी समर में सफलता के लिए कांग्रेस से हाथ मिला लिया, लेकिन यह भी रंग नहीं लाया और बुरी हार हुई. फिर भी अखिलेश ने शनिवार को मीडिया को संबोधित करते हुए हार के कारणों की ओर ध्यान दिलाए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने तो अपनी तरफ से अच्छा काम किया, लेकिन जनता को संभवतः इससे भी अच्छा काम चाहिए...  

हार के कारण पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए तंज कसा और कहा कि जनता शायद इससे संतुष्ट नहीं है. उन्होंने हमेशा की तरह बीजेपी की केंद्र सरकार के हवा-हवाई वादों की ओर इशारा करते हुए कहा कि संभवतः जनता उत्तरप्रदेश में बुलेट ट्रेन चाहती है. अखिलेश ने यह भी कहा कि अब जनता की यह इच्छा पूरी हो जाएगी.

अखिलेश ने कहा, "मुझे लगता है जनता हमसे भी अच्छा काम चाहती है. शायद उन्हें एक्सप्रेस-वे पसंद नहीं आया है और लगता है वह बुलेट ट्रेन चाहती हैं. उम्मीद है कि उप्र में बुलेट ट्रेन आएगी."

पूर्व सीएम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परिवार के भीतर चुनाव से पहले मचे घमासान पर चर्चा की बजाय अपने काम गिनाने शुरू कर दिए और बीजेपी पर निशाना साधना जारी रखा. अखिलेश चुनाव पहले केंद्र सरकार से किसानों का कर्ज माफ किए जाने की मांग करते रहे हैं. उन्होंने हार के बाद मीडिया से चर्चा में किसानों का मुद्दा भी उठाया. उनके अनुसार उनकी सरकार ने किसानों हजारों करोड़ का कर्ज माफ किया था, फिर भी मतदाता इससे संतुष्ट नहीं हुए, लेकिन अब तो उनका सारा कर्ज माफ हो ही जाएगा?

अखिलेश ने कहा, "हमने किसानों का 1600 करोड़ रुपये कर्ज माफ किया था. मैं समझता हूं कि सूबे के सभी किसानों का कर्ज अब माफ हो जाएगा." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की कर्ज माफी के वादे पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट की पहली ही मीटिंग में किसानों के कर्ज माफ करने की बात कही थी. उम्मीद है ऐसा होगा और प्रधानमंत्री ने कहा है तो पूरे देश के ही किसानों का कर्ज माफ हो जाएगा."

कांग्रेस के साथ गठबंधन पर सवाल उठाए जाने पर अखिलेश ने उसके फायदे गिनाए और आलोचना की जगह प्रशंसा की. उन्होंने कहा, "कांग्रेस के साथ गठबंधन से हमें फायदा हुआ है और यह भविष्य में भी जारी रहेगा. मुझे खुशी है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन रहा और दो युवा नेता साथ आए."

नरेंद्र मोदी के जनता से वादों को लेकर अखिलेश ने कहा, "हमने लोगों को अपनी योजनाओं के बारे में खूब समझाया. लेकिन, लगता है कि कभी-कभी लोकतंत्र में समझाने की बजाय बहकाने से वोट मिल जाते हैं. मैं समझता हूं कि पहली ही कैबिनेट में किसानों का कर्ज माफ हो जाएगा. शायद बुलेट ट्रेन आएगी सूबे में."

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अखिलेश ने कहा, "हमारी साइकिल ट्यूबलेस साइकिल थी, आगे भी पंचर नहीं होगी." 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर अखिलेश ने कहा कि पहले कैबिनेट के फैसले आ जाने दीजिए. 2019 तो अभी दूर है.

अखिलेश ने बसपा अध्यक्ष मायावती की ओर से ईवीएम पर सवाल खड़े किए जाने पर कहा, "मैं मानता हूं कि यदि बसपा नेता ने ईवीएम पर कोई सवाल उठाया है तो इस पर सरकार को सोचना चाहिए. मैं बूथ का विश्लेषण करने के बाद अपनी बात रखूंगा. यदि सवाल उठा है तो सरकार को जांच करा लेनी चाहिए."


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