मनोहर पर्रिकर ने उड़ाया मखौल, 'कांग्रेस अब बस में सफर कर रही है, क्योंकि...'

मनोहर पर्रिकर ने उड़ाया मखौल, 'कांग्रेस अब बस में सफर कर रही है, क्योंकि...'

मनोहर पर्रिकर 16 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे

खास बातें

  • 'गोवा में कांग्रेस आपसी लड़ाई में उलझी हुई है'
  • 'कांग्रेस विधायकों में काफी हताशा, वे पार्टी छोड़ सकते हैं'
  • 'कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है'
पणजी:

मनोहर पर्रिकर ने एक बार फिर अपने गृह राज्य गोवा की सत्ता संभाल ली है. मंगलवार को शपथग्रहण करने के बाद उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तो कांग्रेस को फटकार लगाई है. उल्लेखनीय है कि पर्रिकर के शपथग्रहण को रोकने के लिए कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. अलबत्ता कोर्ट ने पर्रिकर को 16 मार्च को सदन में बहुमत साबित करने का आदेश दिया है.

पर्रिकर ने शपथग्रहण के बाद एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि गोवा में 17 सीटें होने के बावजूद कांग्रेस आपसी लड़ाई में उलझी हुई है, इसलिए कोई भी उन्हें समर्थन देने को इच्छुक नहीं है. उनका इशारा इस ओर था कि कांग्रेस को अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार तय करने में ही आपसी कलह से जूझना पड़ा. इस मामले में कांग्रेस जहां अपने आलाकमान से आग्रह करती रही, वहीं देर रात की बातचीत में बीजेपी ने अपने गठबंधन के साथी तैयार कर लिए. उन्होंने रविवार को गठबंधन सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया था, जिसके बाद उन्हें राज्यपाल मृदुला सिन्हा की ओर से सदन में बहुमत साबित करने का निमंत्रण मिला.

गोवा के कांग्रेस विधायकों का पार्टी नेता दिग्विजय सिंह के प्रति आक्रोश को लेकर तंज कसते हुए पर्रिकर ने कहा, वे बस में आए थे, क्योंकि अगर वे कारों में आते तो एक या दो कारें गायब हो गई होतीं. पर्रिकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायक काफी कुंठित हैं और वे पार्टी छोड़ सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पर्रिकर को 16 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा. उन्होंने बीजेपी के 13 विधायकों समेत 21 सदस्यों का समर्थन होने का दावा किया है. प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मंगलवार को कांग्रेस की अर्जी पर शपथग्रहण समारोह पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और पर्रिकर को विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया.

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वहीं, मंगलवार को ही गोवा में कांग्रेस अपने सभी 17 नवनिर्वाचित विधायकों को राजभवन ले गई और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए मौका दिए जाने की मांग करने के लिए राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की, लेकिन राज्यपाल की ओर से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला.

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इधर, नई दिल्ली में वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बात को लेकर विरोध कर रही है कि उसके नेताओं को शपथ दिलाने के लिए गोवा की राज्यपाल द्वारा उसे निमंत्रित किया जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने अबतक न तो नेता चुना है और न ही उसने गोवा की राज्यपाल के सामने दावा किया. उन्होंने कहा कि त्रिशंकु विधानसभा में भाजपा के 13 विधायकों समेत 21 विधायकों ने पर्रिकर का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस महज 17 विधायकों के साथ है.