हज़ारों पाउंड की नौकरी छोड़कर, लीव विदाउट पे लेकर 'आप' के लिए प्रचार करने पहुंचे एनआरआई

हज़ारों पाउंड की नौकरी छोड़कर, लीव विदाउट पे लेकर 'आप' के लिए प्रचार करने पहुंचे एनआरआई

दिल्‍ली हवाईअड्डे पर आम आदमी पार्टी के एनआरआई समर्थक

चंडीगढ़:

'चलो पंजाब' अभियान के ज़रिये आम आदमी पार्टी की एनआरआई विंग विदेशों में बसे पंजाबियों को पंजाब पहुंचकर पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने की मुहिम चला रही है. ऐसे ही 180 एनआरआई कनाडा के टोरंटो से चंडीगढ़ पहुचे. इनमें कई कारोबार बंद करके तो कुछ हज़ारों डॉलर की नौकरी छोड़कर आए हैं. कनाडा के टोरंटो से आये 180 एनआरआई पंजाबी अपनी मिट्टी से जुड़ने और उसके लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा लेकर वतन आए हैं. दुनियाभर में आम आदमी पार्टी की एनआरआई विंग से जुड़े पंजाबी विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवारों के लिए घर घर जाकर वोट मांगेंगे.

इंग्लैंड में हज़ारों पाउंड की नौकरी छोड़कर 'आप' के लिए प्रचार करने आए राजेश शर्मा कहते हैं, 'दो घर हों या दस... खानी तो दो वक़्त की रोटी ही है. हमें लगता है हम इस लेवल पर आ गए हैं कि दूसरों के लिए कुछ कर सकें, तो इससे अच्छी और कोई बात नहीं हो सकती है.'

एक और एनआरआई वॉलंटियर सुरिंदर मावी टोरोंटों के नामी बैंक में नौकरी करते हैं. एक महीने की 'लीव विदाउट पे' पर 'आप' के लिए प्रचार करने पहुंचे हैं. वो कहते हैं, 'जब हम बाहर गए तो वहां जा कर पता चला कि सिस्टम कैसे काम करता है. जब हमने फ़र्क़ देखा दोनों सिस्टम्स में तो हमें लगा हम पैदा तो यहीं पर हुए हैं न, हम जहां मर्ज़ी जाकर बस जाएं पर हमारा दिल हमेशा हिंदुस्तान में रहता है, पंजाब में रहता है.'

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पार्टी के लिए 'चलो पंजाब' मुहीम शुरू करने वाले आप की कनाडा यूथ एनआरआई विंग के संयोजक जोबन रंधावा पढ़ाई करने कनाडा गए थे. लेकिन अब वहां बसे पंजाबियों को हवाई जहाज़ में भर भर कर चुनाव प्रचार में लगा रहे हैं. इंग्लैंड से आने वाला आप वॉलंटियर्स से भरा अगला जहाज़ 24 जनवरी को अमृतसर में उतरेगा. जोबन कहते हैं, 'वो इसको एक सियासी बदलाव की तरह नहीं देख रहे, एक इंकलाब की तरह देख रहे हैं. यही वजह है कि चलो पंजाब मुहिम के तहत हज़ारों कि तादात में एनआरआई पंजाब पहुंच रहे हैं.

यूँ तो दुनिया भर में करीब ३५ लाख पंजाबी एनआरआई हैं...इससे पहले फंडिंग और समर्थन जुटाने के लिए नेता यहाँ से कनाडा, अमेरिका और ब्रिटैन जाते रहे हैं ..लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि विदेशों में बसे पंजाबी इतनी बड़ी तादात में खुद यहाँ आकर किसी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हों.