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अभिनंदन समारोह : पीएम मोदी-शाह ने भाषण में करीब 19 बार किया 'गरीब' का जिक्र, सभी को रिझाया

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अभिनंदन समारोह : पीएम मोदी-शाह ने भाषण में करीब 19 बार किया 'गरीब' का जिक्र, सभी को रिझाया

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में लगभग हर वर्ग को रिझाने की कोशिश की...

खास बातें

  1. पीएम ने सबका साथ-सबका विकास के साथ न्यू इंडिया का विजन रखा
  2. PM ने कहा, 'चुनाव परिणाम को नये भारत की नींव के रूप में देखता हूं'
  3. 'आप मुझे अवसर दें और मैं परिश्रम से चीजें हासिल करूंगा'
नई दिल्ली: उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के चुनावों में अभूतपूर्व जीत के एक दिन बाद भाजपा मुख्यालय में अभिनंदन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 को अपना पहला पड़ाव बताते हुए 'नये भारत' के निर्माण में सबसे अपील की. पीएम मोदी और अमित शाह का पूरा जोर भाजपा को गरीबों की पार्टी बताने में रहा. शायद यही वजह है कि पीएम मोदी और अमित शाह ने करीब 19 बार गरीबों का जिक्र अपने भाषण में किया.

समरोह की शुरुआत में बीजेपी अध्यक्ष ने भाजपा सरकार को गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, किसानों, मजदूरों की सरकार करार दिया. उन्होंने अपने संबोधन में सबसे ज्यादा गरीबों पर जोर दिया. पूरे भाषण के दौरान उन्होंने करीब 7 बार गरीब शब्द का जिक्र किया. शाह ने बीजेपी के मिशन को भी साझा किया. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि इस बार हमें 2014 से भी बड़ा समर्थन मिला है और देश का गरीब नोटबंदी के फैसले पर बीजेपी के साथ है. बीजेपी की विजय यात्रा हिमाचल, गुजरात होते हुए पूर्व और दक्षिण में भी पहुंचेगी.

इसके बाद समारोह को प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित किया. उन्होंने सबके साथ-सबका विकास के साथ न्यू इंडिया का विजन सबके सामने रखा. प्रधानमंत्री का जोर भी गरीब पर ही रहा. उन्होंने अपने पूरे भाषण के दौरान करीब 12 बार गरीबों का जिक्र किया. अपने भाषण में पीएम ने लगभग हर वर्ग को रिझाने की कोशिश की.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं इन पांच राज्यों विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश का चुनाव परिणाम नये भारत की नींव के रूप में देखता हूं. नया भारत 65 प्रतिशत युवाओं के सपनों का भारत है, यह नया इंडिया अभूतपूर्व रूप से जागरूक महिलाओं के सपनों का नया भारत है. यह एक ऐसा नया भारत है जो कुछ पाने की बजाए कुछ करने और अवसर का उपयोग करने की इच्छा रखता है.'

गरीबों के विकास के लिए दी नई अवधारणा
मोदी ने कहा, "गरीबों में देश के निर्माण का सामर्थ है. आज देश का गरीब उन बातों से उपर उठ चुका है कि उसे कुछ दे दो, और वह खुश हो जाएगा. आज गरीब व्यक्ति भी कह रहा है कि आप मुझे अवसर दें और मैं परिश्रम से चीजें हासिल करूंगा. उत्तरप्रदेश और पांच राज्यों का चुनाव परिणाम यही बात स्पष्ट करता है. मध्यम वर्ग को जोड़ने का प्रयास करते हुए मोदी ने कहा कि मध्यम वर्ग पर बहुत बोझ है, माध्यम वर्ग पर कर का भी बोझ अधिक होता है, नियमों का भी बोझ अधिक होता है आर्थिक रूप से अधिक बोझ पड़ता है . यह बोझ कम होना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक बार गरीब के अंदर खुद का बोझ ढोने की क्षमता आ जाय तब देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है. अर्थशास्त्र के इस नये रूप को मैं न्यू इंडिया के रूप में देखता हूं."  

2022 के लिए माहौल बनाने की अपील
2022 तक न्यू इंडिया का संकल्प व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि हमारे पास 5 साल है. देश के सवा सौ करोड़ लोग अगर संकल्प शक्ति के साथ आगे बढ़ें. ऐसा मूड बन जाये, तब देश को उंचाइयों को छूने से कोई नहीं रोक सकता है.


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