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सपा-बसपा नदी के दो किनारे जो साथ बह तो सकते हैं लेकिन मिल नहीं सकते: अमर सिंह

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सपा-बसपा नदी के दो किनारे जो साथ बह तो सकते हैं लेकिन मिल नहीं सकते: अमर सिंह

अमर सिंह(फाइल फोटो)

खास बातें

  1. एक्जिट पोलों में बीजेपी के यूपी में सबसे बड़ी पार्टी बनने का अनुमान
  2. अखिलेश ने बसपा के साथ हाथ मिलाने के दिए संकेत
  3. इस पर अमर सिंह ने कहा कि ऐसा संभव नहीं दिखता
नई दिल्‍ली: Exit Poll के अनुमानों के बीच सपा-बसपा के संभावित गठबंधन की चर्चाओं पर अमर सिंह ने कहा है कि सपा और बसपा नदी के ऐसे दो किनारे हैं जो साथ बह तो सकते हैं लेकिन मिल नहीं सकते. उन्‍होंने यह भी कहा कि पिछले 30 सालों से मायावती सुप्रीम कोर्ट में ये प्रबंध करने में लगी हैं कि किसी भी हाल में मुलायम सिंह और शिवपाल यादव जेल चले जाएं. ऐसे में अमर सिंह ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्‍या अखिलेश यादव अपने पिता को जेल में डालना चाहते हैं. ऐसा इसलिए क्‍योंकि मायावती से सपा का गठबंधन मुलायम सिंह को जेल भेजने की कीमत पर ही संभव है.   

वैसे उन्‍होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि ये हर राजकुमार की आदत होती है कि जीत गए तो मेरा चेहरा और हार गए तो दूसरे का सिर या दूसरे पर ठीकरा. अमर सिंह ने सपा यादव परिवार में कलह में खुद को खलनायक कहे जाने पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ईश्‍वर की कृपा है कि मैं साफ निकल गया और मुलायम सिंह की धर्मपत्‍नी ने खुद कह दिया कि खलनायक रामगोपाल यादव थे.

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उल्‍लेखनीय है कि नौ मार्च को चुनाव खत्‍म होने के बाद ज्‍यादातर Exit polls ने यूपी विधानसभा चुनावों में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बनने का अनुमान व्‍यक्‍त किया लेकिन स्‍पष्‍ट बहुमत से दूर रहने की संभावना व्‍यक्‍त की है. इसके साथ ही दूसरे नंबर पर सपा-कांग्रेस गठबंधन की संभावना व्‍यक्‍त की गई है और तीसरे नंबर पर बसपा के रहने का अनुमान लगाया गया है. इन सबके बीच अखिलेश यादव ने चुनाव के बाद बसपा से गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया है.
 

 


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