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उत्तर प्रदेश घोषणापत्र : किसानों के लिए सौगातें बरकरार, तकनीक की भी बनी हिस्सेदारी

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उत्तर प्रदेश घोषणापत्र : किसानों के लिए सौगातें बरकरार, तकनीक की भी बनी हिस्सेदारी

उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए प्रक्रिया जारी है.

नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में किसानों को रिण माफी के लिए दिए जाने वाले आश्वासन तो हैं ही, साथ ही साथ लैपटॉप और स्मार्ट फोनों का भी वादा किया जा रहा है. दक्षिण में चलने वाली लोकलुभावनवादी योजनाओं की तर्ज पर सत्ताधारी समाजवादी पार्टी ने एक करोड़ लोगों को विभिन्न योजनाओं के तहत दिए जाने वाले पेंशन लाभों के अलावा गरीबों के लिए प्रेशर कुकर और अनाज देने का वादा किया है. इसके अलावा छात्रों को दूध एवं घी देने का भी वादा किया गया है. पिछले चुनावों में समाजवादी पार्टी ने अपने घोषणापत्र में छात्रों को लैपटॉप और टेबलेट देने का वादा करके सभी का ध्यान खींच लिया था.

लेकिन वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सभी प्रतिद्वंद्वियों को परास्त करने वाली भाजपा एक कदम आगे निकल गई है. उसने हर छात्र को ‘बिना किसी भेदभाव के’ लैपटॉप देने का वादा तो किया ही है, साथ ही साथ उसने एक साल तक हर माह उन्हें एक जीबी इंटरनेट डाटा देने का भी वादा किया है. इस बार सपा ने उच्च अंक पाने वाले छात्रों को लैपटॉप देने और सभी को स्मार्टफोन देने का वादा किया है. कांग्रेस-सपा गठबंधन और भाजपा ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में मुफ्त वाई-फाई देने का वादा किया है. ऐसा माना जा रहा है कि इसके जरिए वे ‘डिजिटल इंडिया’ की लहर का लाभ लेना चाह रहे हैं.


बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी वादा करने में नहीं बल्कि उनपर ‘काम करने’ में यकीन रखती है. कांग्रेस ने हर बच्ची को मुफ्त स्कूली शिक्षा उपलब्ध करवाने और नौवीं से बारहवीं कक्षा तक छात्राओं को मुफ्त साइकिलें देने का वादा किया है. दूसरी ओर भाजपा ने घोषणा की है कि वह सभी छात्रों को मुफ्त स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराएगी. उसने उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को स्नातक स्तर तक की शिक्षा दिलाने का वादा किया है.

किसानों को लुभाने के लिए भाजपा और सपा ने हर समय बिजली आपूर्ति देने का वादा किया है. वहीं कांग्रेस ने इसी तर्ज पर ‘कर्जा माफ, बिजली हाफ’ का नारा दिया है. भाजपा ने अपने घोषणापत्र ‘लोक कल्याण संकल्प पत्र’ में किसानों को दिए जाने वाले रिणों की दरें भी कम करने का वादा किया है. सपा ने वर्ष 2012 में भी अपने घोषणापत्र में यह आश्वासन दिया था और उसे अब भी बरकरार रखा है.

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सपा ने फसल बीमा योजना को पांच लाख रूपए से बढ़ाकर 7.5 लाख कर दिया है. इसके अलावा उसने किसानों के लिए एक कोष का गठन भी किया है. राज्य में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को सत्ता में आने के 120 दिनों उपलब्ध करवाने का वादा किया है. रालोद ने किसानों को दो सप्ताह के समय में पूरा भुगतान करवा देने का वादा किया है. लगभग सभी दलों ने मंडियों के आधुनिकीकरण का वादा किया है. कांग्रेस ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन रूपए प्रति किलो गेहूं और दो रुपये प्रति किलो पर चावल दिलाने, मध्याह्न भोजन में पोषक आहार देने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार लाने का वादा किया है.

भाजपा ने कहा कि सत्ता में आने पर केंद्र सरकार के फैसले की तर्ज पर उत्तरप्रदेश सरकार की तीसरी और चौथी श्रेणी की नौकरियों में भी साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा और नियुक्ति में भ्रष्टाचार खत्म किया जाएगा. बसपा ने कहा कि यदि वह सत्ता में आती है तो कोटा सुविधा जारी रहेगी और अगड़ी जाति के गरीबों को भी आरक्षण का लाभ दिया जाएगा.



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