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मध्य प्रदेश में ना कांग्रेस और ना ही बीजेपी को बहुमत, अब सरकार बनाने में इनकी होगी अहम भूमिका

Madhya Pradesh Election Results 2018: मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटों के चुनावी नतीजे सामने आ गए हैं. कांग्रेस यहां 114 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

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मध्य प्रदेश में ना कांग्रेस और ना ही बीजेपी को बहुमत, अब सरकार बनाने में इनकी होगी अहम भूमिका

Madhya Pradesh Elections Result 2018: मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने 114 सीटें जीती हैं.

खास बातें

  1. मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बहुमत नहीं मिली
  2. कांग्रेस ने 114 सीटें अपने नाम की हैं
  3. बीजेपी ने 109 सीटों पर कब्जा जमाया है
भोपाल:

मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटों के चुनावी नतीजे सामने आ गए हैं. कांग्रेस यहां 114 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि 15 साल से सत्ता पर काबिज बीजेपी के खाते में 109 सीटें आई हैं. वहीं, मायावती की बहुजन समाजवादी पार्टी  को 2, अखिलेश यादव नीत समाजवादी पार्टी को 1 और चार निर्दलीय उम्मीदवारों को भी चुनाव में जीत हासिल हुई है. राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बहुमत के आंकड़े से दो कदम पीछे रह गई. कांग्रेस को अब मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए चार निर्दलीय उम्मीदवारों में से एक की अथवा समाजवादी पार्टी के इकलौते विधायक की सहायता लेनी पड़ेगी. बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सभी 230 सीटों के परिणाम आ गए थे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपनी परंपरागत सीट बुधनी से 58,999 मतों के अंतर से जीत हासिल की है. उन्होंने पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव को हराया. राज्य में मतदान 28 नवंबर को हुए थे और मतों की गणना मंगलवार को आठ बजे सुबह शुरू हुई थी. 

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प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने इस बार एकजुट होकर चुनाव लड़ा, जबकि इससे पहले के चुनाव में कांग्रेस में गुटबाजी नजर आती थी, जिसके कारण उसे सत्ता से 15 साल तक बाहर रहना पड़ा था. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिये राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात का समय मांगा है. राज्य में कांग्रेस को उनके घोषणा पत्र (वचन पत्र) में किए गए वादों का भी कहीं ना कहीं फायदा मिला है. कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में मध्य प्रदेश के सभी किसानों को दो लाख रुपये तक कर्ज माफ करने एवं उनकी विभिन्न उपजों पर बोनस देने का ऐलान किया था. साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अपने चुनाव प्रचार के दौरान इन दोनों वादों को प्रमुखता से अपने चुनावी सभाओं में उठाकर लोगों को पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए आकर्षित करना भी पार्टी की जीत में एक अहम वजह रही. 

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इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने भोपाल में कांग्रेस पार्टी दफ्तर पर प्रेस कांफ्रेंस की थी और दावा किया था कि उनकी पार्टी राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. साथ ही उन्होंने कहा था कि नतीजों के बाद एमपी की जनता विकास की अलग यात्रा पर होगी. मध्यप्रदेश में प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं. 

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(इनपुट भाषा से)



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