Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
NDTV Khabar

भरतपुर रियासत के भाई-बहन भी मैदान में, एक कांग्रेस से तो दूसरा बीजेपी से ठोंक रहा ताल

राजस्थान में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है. भरतपुर रियासत के भाई बहन भले ही अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ रहे हों, लेकिन दोनों जाट राजनीति के लिए जाने जाते हैं.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
भरतपुर रियासत के भाई-बहन भी मैदान में, एक कांग्रेस से तो दूसरा बीजेपी से ठोंक रहा ताल

भरतपुर रियासत के भाई बहन अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ रहे हैं.

भरतपुर (राजस्थान):

राजस्थान में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है. भरतपुर रियासत के भाई बहन भले ही अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ रहे हों, लेकिन दोनों जाट राजनीति के लिए जाने जाते हैं. भरतपुर राजघराने के वारिस विश्वेंद्र सिंह इस चुनाव के बाद राजनीति से सन्यास लेने की बात कहकर मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं. तो दूसरी तरफ, उनकी चचेरी बहन कृष्णेंद्र कौर दीपा चौथी बार कुर्सी पाने के लिए जोरशोर से प्रचार में जुटी हैं. भरतपुर जाट रियासत के वारिस और कांग्रेस के प्रत्याशी विश्वेंद्र सिंह भले ही 118 करोड़ रुपए की अच्छी-खासी दौलत के मालिक हों, लेकिन वोट के लिए आजकल वे डीग कुम्हेर विधानसभा की खाक छान रहे हैं. डीग कुम्हेर विधानसभा में ढाई लाख वोटर हैं, जिनमें करीब 90 हजार जाट मतदाता हैं. इन्हीं के चलते विश्वेंद्र सिंह दो बार से लगातार गद्दी पर बैठते रहे हैं. हालांकि इस बार उनके सामने बीजेपी के कद्दावर नेता रहे दिगंबर सिंह के बेटे शैलेश ताल ठोंक रहे हैं.
 

lmk1q8n
कृष्णेंद्र कौर दीपा भरतपुर के नदबई विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी के तौर मैदान में हैं. 

विश्वेंद्र सिंह कहते हैं कि यह मेरा अंतिम चुनाव है. 25 साल की उम्र से राजनीति कर रहा हूं और अब 62 साल का हो चुका हूं. विश्वेंद्र सिंह कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं तो उनकी चचेरी बहन कृष्णेंद्र कौर दीपा भरतपुर के नदबई विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर तीन बार जीत की हैट्रिक लगाने के बाद अब चौका मारने की तैयारी में हैं. नदबई विधानसभा में भी करीब एक लाख जाट मतदाता हैं और राजपरिवार को इन्हीं के सहारे जीत की उम्मीद है. कृष्णेंद्र कौर कहती हैं कि ये सारे वोटर राजपरिवार से जुड़े हैं. आपको बता दें कि भरतपुर जिले में सात विधानसभा सीटे हैं. पिछली बार पांच सीटें बीजेपी के पास गई थीं और दो सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. इस बार जाट मतदाताओं के दबदबे के कारण कांग्रेस ने भरतपुर की सीट चौधरी अजीत सिंह की पार्टी RLD को दी है.  


टिप्पणियां

झालरापाटन और टोंक, राजस्थान की 2 हाईप्रोफाइल सीटें, जानें- कौन सी पार्टी कहां पड़ रही है भारी


VIDEO: 'जो मूंग-मसूर में फर्क नहीं समझते, वो देश को किसानी सिखाने आए हैं'



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... कन्हैया कुमार पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने की मंजूरी मिली, तो बॉलीवुड एक्ट्रेस बोलीं- केजरीवाल ने वो सम्मान...

Advertisement