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बेंगलुरु : सज़ायाफ्ता शशिकला की मुश्किलें और बढ़ीं, मुलाकातियों पर लगी रोक

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बेंगलुरु : सज़ायाफ्ता शशिकला की मुश्किलें और बढ़ीं, मुलाकातियों पर लगी रोक

AIADMK प्रमुख वीके शशिकला (फाइल फोटो)

बेंगलुरु: बेंगलुरु जेल में आय से अधिक संपत्ति मामले में सज़ा काट रही AIADMK सुप्रीमो शशिकला अब 15 दिनों में सिर्फ 4 से 6 मुलाकातियों से ही मिल पाएंगी. कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (कारागार) सत्यनारायण राव ने बताया कि कर्नाटक प्रिसिजन मैनुएल के रूल 584 के तहत ही शशिकला को छूट दी गई थी. इस रूल के मुताबिक शाशशिकला अब 15 दिनों में 4 से 6 मुलाकातियों से ही मिल सकेंगी. विवाद तब उठ खड़ा हुआ था जब एक आरटीआई कार्यकर्ता को आरटीआई से जानकारी मिली कि एक महीने में शशिकला से 14 मौक़ों पर 28 लोगों ने बेंगलुरु सेंट्रल जेल में मुलाक़ात की. आरटीआई कार्यकर्ता नरसिम्हा मूर्ति ने इसपर आपत्ति जताते हुए इसे जेल मैनुएल का उल्‍लंघन बताया था. इस आरटीई कर्यकर्ता के विरोध के बाद अब परपनाग्रहारा यानी बेंगलुरु सेंट्रल जेल का प्रशासन सफाई देता फिर रहा है.

दरअसल कर्नाटक जेल मैनुएल के मुताबिक विचाराधीन कैदी सप्‍ताह में दो बार अपने वकीलों या जान पहचान और रिश्तेदारों से मिल सकता है जबकि सज़ायाफ्ता 15 दिनों में 2 बार. शशिकला को मार्च में चुनाव आयोग के साथ-साथ कोर्ट ऑर्डर्स की फॉर्मेलिटीज पूरी करने के लिए पार्टी और वकीलों से लगातार मिलना पड़ रहा था. इन्हीं हालातों को ध्यान में राखते हुए शायद जेल प्रशासन ने शशिकला को थोड़ी छूट दी थी.

14 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शशिकला सहित एलावर्सी और सुधाकरण को 4 साल की सज़ा सुनाई थी और साथ ही 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. हालांकि इसी मामले में अभियुक्त जयललिता को भी दोषी क़रार दिया गया लेकिन उनके निधन की वजह से सजा नहीं सुनाई गई थी. 15 फरवरी 2017 को शशिकला को बेंगलुरु में ट्रायल कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा था और तभी से तीनों ही जेल में हैं.


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