बेंगलुरु : फिल्म बनाने के लिए अपहरण, सलाखों के पीछे पहुंचे पांचों आरोपी

बेंगलुरु : फिल्म बनाने के लिए अपहरण, सलाखों के पीछे पहुंचे पांचों आरोपी

पकड़े गए अपहरण के आरोपी.

खास बातें

  • उद्यमी के पुत्र का 23 अगस्त को किया गया था अपहरण
  • पुलिस की टीम ने पुख्ता योजना बनाकर फंसाया जाल में
  • चैन लूट की वारदातों के बाद बड़ी रकम के लिए किया अपहरण
बेंगलुरु:

पिछले हफ्ते एक प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के प्रबंध निदेशक के 19 साल के बेटे के अपहरण की गुत्थी सुलझ गई है. पुलिस ने जाल बिछाकर अपहरण करने वाले गिरोह के पांचों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है.

किर्लोस्कर इलेक्ट्रॉनिक्स के के प्रबंध निदेशक विनायक बापट के इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे 19 साल के बेटे का अपहरण 23 अगस्त को हुआ था. बेंगलुरु में कालेजे से लौटते वक्त उसका अपहरण हो गया था. पुलिस को जैसे ही पता चला स्थानीय डीसीपी पीएस हर्षा के नेतृत्व में 10 टीमें तैयार की गईं. इन टीमों में साइबर पुलिस एक्सपर्ट भी शामिल किए गए.

सघन छापेमारी करके अगवा किए गए छात्र को यलहंका न्यू टाउन में रिहा कर दिया गया. लेकिन दूसरे दिन से अपहरण करने वाली गैंग छात्र की महिला मित्र से फिरौती मांगने लगी.

पुलिस कमिश्नर एनएस मेघारिक के मुताबिक पुलिस के कहने पर लड़की ने फिरौती की रकम तय करने के लिए अपहर्ताओं को एक खास जगह बुलाया. जिस ऑटो में वह वहां पहुंची उसमें ऑटो ड्राइवर के तौर पर पुलिस का सिपाही मौजूद था. जबकि आसपास टैक्सी ड्राइवर के रूप  में कई पुलिस वाले मौजूद थे.

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तयशुदा जगह पर पहुंचते ही लड़की ने प्लान के मुताबिक ऑटो ड्राइवर से झगड़ा शुरू कर दिया. अपहर्ताओं की गैंग का एक सदस्य जो इस लड़की से मिलने वहां आया था बीच-बचाव के लिए पहुंचा और पुलिस के हत्थे चढ़ गया. उसकी पहचान 26 साल के हसन डोंगरी के तौर पर हुई. उससे पूछताछ करने पर गिरोह के अन्य चार सदस्यों का पता चला. फिर 29 साल के मुनियप्पा, 32 साल के जगदीश, 19 साल के जगन्नाथ और 19 साल के केंचा की गिरफ्तारी हुई.

पुलिस के मुताबिक इस गैंग का सरगना मुनियप्पा एक कन्नड़ फिल्म में काम कर चुका था और वह फिल्म प्रोड्यूस करना चाहता था. इसके लिए उसने चैन स्नैचिंग का धंधा शुरू किया. बड़ी रकम की लालच में उसने इस किडनेपिंग को अंजाम दिया लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया.