घर के नक्शे के साथ छेड़छाड़ की तो ग्राउंड फ्लोर पर होगा सरकार का कब्जा

घर के नक्शे के साथ छेड़छाड़ की तो ग्राउंड फ्लोर पर होगा सरकार का कब्जा

खास बातें

  • बेंगलुरु महानगर पालिका ने कहा, बिल्डिंग बायलॉज़ का पूरा ध्यान रखें
  • कानून तोड़ने की हिमाकत की तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा
  • महानगर पालिका के कदम का बिल्डर एसोसिएशन कर रहे विरोध
बेंगलुरु:

बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका चाहती है कि जो लोग बहुमंजिला इमारत बनाना चाहते हैं वे बिल्डिंग बायलॉज़ का पूरी तरह ख्याल रखें.अगर किसी ने कानून तोड़ने की हिमाकत की तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा. बीबीएमपी के कमिश्नर मंजुनाथ प्रसाद ने सफाई दी कि नए कानून के तहत इमारत बन जाने पर ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेते वक्त यह जांच की जाएगी कि इमारत एप्रूव्ड नक्शे के तहत बनाई गई है या नहीं.

अगर वायलेशन पाया गया तो इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर महानगर पालिका का कब्जा हो जाएगा. पालिका नक्शा पास करवाते वक्त ही उस इमारत के भूतल, यानी ग्राउंड फ्लोर का मालिकाना हक अपने पास ले लेगा .अगर निर्माण नक्शे के मुताबिक हुआ है तो ओसी जारी करते वक्त मालिकाना हक भी मकान मालिक को वापस मिल जाएगा.

हालांकि इसका सभी बिल्डर एसोसिएशन विरोध कर रहे हैं .क्योंकि रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी देश भर में जून से लागू होने जा रहा है, जिसमें अधिकारी और मकान मालिक दोनों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है.

नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिटेलर्स इंडिया के अध्यक्ष एम फारूक का कहना है कि उनका विरोध कानून से नहीं है बल्कि उन्हें आशंका है कि इससे रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिलेगा और सरकार किसी प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही कैसे उस पर संदेह कर सकती है.

बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिसकी मंजूरी  महज़ एक औपचारिकता मानी जा रही है.

 
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