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बेंगलुरु के स्कूल में घूमता दिखा तेंदुआ, 12 घंटे की मशक्‍कत के बाद आया पकड़ में

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बेंगलुरु के स्कूल में घूमता दिखा तेंदुआ, 12 घंटे की मशक्‍कत के बाद आया पकड़ में
बेंगलुरु:

बेंगलुरु के वाइट फील्ड के नज़दीक कुंदनहल्ली के विबग्योर स्कूल में घुसे तेंदुए को तक़रीबन 12 घंटे की कोशिश के बाद बेहोशी की दवा से भरे इंजेक्शन देने में वन विभाग के अधिकारी कामयाब रहे। (वीडियो देखने के लिए क्लिक करें)

लेकिन इस दौरान वन विभाग के दो अधिकारी घायल हो गए। दरअसल शाम में जब बेहोशी का इंजेक्शन गन के द्वारा इस तेन्दुए को दिया गया और ये स्कूल के तरण ताल के पास गिरा तो वन विभाग के अधिकारियों ने सोचा कि दवा पूरी तरह असर कर गयी है। लेकिन जैसे ही एक अधिकरी इसके नज़दीक पहुंचा तो इसने हमला कर दिया। ऐसे में उनका पैर जख्मी हो गया।

 

वन विभाग के अधिकारियों की सबसे बड़ी समस्या थी आस पास की आबादी। बेहोशी की दावा वाली सुई अगर किसी इंसान को लग जाये तो जान पर बन जाएगी। ऐसे में इंजेक्शन गन की फायरिंग मुश्किल हो रही थी। शाम में तक़रीबन साढ़े पांच बजे आखिरकार सफलता मिली। इस स्कूल के सिक्यूरिटी गार्ड ने सुबह स्थानीय पुलिस को तेन्दुए की मौजूदगी की खबर दी और पुलिस ने वन विभाग को। पहले कुछ घंटे तेंदुआ दिखा नहीं और रविवार की छुट्टी की वजह से प्रशासनिक ब्लॉक बंद था, ऐसे में सीसी टीवी के जरिए म्‍मतइसकी मौजूदगी पता करना संभव नहीं था।
 

कोई भी अंदर जाने की हिम्‍मत नहीं जुटा पा रहा था। बाद में पूरे एहतियाती इंतज़ाम के बाद कंट्रोल कंप्यूटर तक अधिकारी पहुंचने में कामयाब हुए और तब जाकर इस तेंदुए की लोकेशन का पता चला और ये भी कि लगभग 4 बजे सुबह ये स्कूल में घुसा।
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पहली बार 2012 में पास के जंगलों से इस इलाके में एक तेंदुआ घुस आया था।


रविवार की छुट्टी की वजह से स्कूल में बच्चे नहीं थे और स्कूल बंद था नहीं तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाती।



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