बिहार के युवा उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आलोचकों को कुछ यूं दिया जवाब

बिहार के युवा उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आलोचकों को कुछ यूं दिया जवाब

लालू यादव के बेटे तेजस्वी ने पहली बार चुनाव लड़ा है

पटना:

बिहार के नवनिर्वाचित नीतीश कुमार सरकार में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की खासी आलोचना हो रही है। हालांकि अब तेजस्वी ने इन तमाम आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि किताब की पहचान कवर से नहीं होती।

तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर लिखा, 'ब्रैंड बिहार का वैल्यू बढ़ाने और (राज्य के) विकास में अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ूंगा, जिससे कि नीतीश कुमार को मुझे अपना सहायक बनाने पर गर्व हो।'


इसके बाद तेजस्वी ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए ट्वीट किया, 'किसी को भी किताब को उसके कवर से नहीं परखना चाहिए। मीठे रस और कड़वी दवाई का असली फायदा पता लगने में वक्त लगता है।'
इसके साथ ही तेजस्वी ने लिखा, हमें विश्वास है कि बिहार की भलाई के लिए युवा कैबिनेट के जोश को मंझे हुए मुख्यमंत्री से बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।' वहीं इसके बाद तेजस्वी ने अपने आलोचकों के बारे में बेहद तल्ख लहजे में कहा, 'सनकी, पूर्वाग्रही और हितसाधक लोग भले ही इसे खारिज करें, लेकिन बिहार के लोगों ने युवाओं पर जो भरोसा जताया रहै, उनको इसका फल जरूर मिलेगा।

आपको बता दें कि लालू के छोटे बेटे तेजस्वी पहली बार राघोपुर से विधायक चुने गए हैं। बिहार में नवगठित महागठबंधन (जदयू-राजद-कांग्रेस) सरकार में उन्हें उपमुख्यमंत्री नामित किए गए हैं।

जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश
वहीं नीतीश मंत्रिमंडल की पहली बैठक में शामिल होने के बाद अपने बड़े भाई तेज प्रताप के साथ पुराना सचिवालय से बाहर निकलते वक्त तेजस्वी ने कहा कि हमें जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे उसे पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम बिहार को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए जनता की अपेक्षा के अनुसार खरे उतरने की कोशिश करेंगे।

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एक सवाल के जवाब में तेजस्वी ने कहा कि जनता ने उन्हें चुना है। यह दायित्व खेलकूद के लिए नहीं, बल्कि काम के लिए सौंपा है। हम चाहे किसी भी धर्म और जाति से हों, सभी का विकास सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे तथा नीतीश जी और दूसरे वरिष्ठ नेता उनका मार्गदर्शन करेंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या नीतीश कुमार ने उन्हें कोई विशिष्ट निर्देश दिए हैं, तेजस्वी ने कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक विधानमंडल का सत्र आहूत करने को लेकर थी। तेजस्वी के बगल में खड़े उनके बड़े भाई तेज प्रताप ने भी कहा कि वे जनता की अपेक्षा को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। (एजेंसी इनपुट के साथ)