बिहार में विधानसभा अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस की नजर

बिहार में विधानसभा अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस की नजर

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी की फाइल फोटो

नई दिल्ली:

बिहार में कांग्रेस की नजर मंत्री पदों के अलावा विधानसभा के अध्यक्ष पद पर भी है। इस बात के साफ संकेत हैं कि पार्टी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली अगली सरकार में शामिल होगी।

नीतीश कुमार कैबिनेट 20 नवंबर को शपथ लेगी। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि शपथ ग्रहण समारोह में सोनिया या राहुल शामिल होंगे या नहीं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के 27 नवनिर्वाचित विधायकों और पांच विधान पाषर्दों से 19 नवंबर को मुलाकात करेंगे और सरकार में शामिल होने और दूसरे संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक 14 नवंबर को पटना में हुई थी और इसके बाद विधायक दल का नेता चुनने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अधिकृत किया गया। नीतीश नीत सरकार में शामिल होने के बारे में फैसला करने का जिम्मा भी उन पर छोड़ दिया गया है।

सूत्रों ने कहा कि पार्टी विधानसभाध्यक्ष पद के लिए सदानंद सिंह के नाम पर जोर दे सकती है जो विगत में पार्टी विधायक दल के नेता रहे चुके हैं। पार्टी के अंदर एक प्रमुख विचार है कि कांग्रेस को सरकार में शामिल होना चाहिए। उनकी राय है कि प्रदेश की 27 सीटों पर जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आ गया है और सरकार में शामिल होने से पार्टी का मनोबल बढ़ेगा।

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हालांकि कुछ सदस्य ऐसे भी हैं, जिनका मानना है कि पार्टी बाहर से सरकार को समर्थन देकर अपने उद्देश्यों को बेहतर तरीके से हासिल कर सकती है। पार्टी के एक नेता ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त के साथ कहा कि पिछले अनुभव दिखाते हैं कि अन्य दलों की अगुवाई वाली सरकार में कांग्रेस के शामिल होने से उसे नुकसान हुआ है।

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यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस को नीतीश कुमार नीत सरकार में शामिल होना चाहिए या नहीं, पार्टी महासचिव शकील अहमद ने कहा, 'मेरी निजी राय है कि हमें सरकार में शामिल होना चाहिए।' अहमद विगत में राजद नीत सरकार में कांग्रेस की ओर से मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने हालांकि कहा कि इस संबंध में फैसला राज्य के प्रभारी महासचिव और प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी को करना है।