16 महीने हो गए एक भी छुट्टी नहीं ली है : सीतामढ़ी में पीएम नरेंद्र मोदी

16 महीने हो गए एक भी छुट्टी नहीं ली है : सीतामढ़ी में पीएम नरेंद्र मोदी

सीतामढ़ी में पीएम नरेंद्र मोदी

सीतामढ़ी:

बिहार के सीतामढ़ी में पीएम नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विरोधियों का लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है। पराजय देखकर वे घबरा गए हैं। विरोधी अब जंतर-मंतर के भरोसे हैं, लेकिन क्या इससे बिहार का विकास हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनके लिए सत्ता 'सुख' नहीं बल्कि 'सेवा यज्ञ' है। 16 महीने हो गए हैं, एक भी छुट्टी नहीं ली है।

बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पिछड़ों के आरक्षण कोटे में से पांच प्रतिशत किसी समुदाय विशेष को देने का षड्यंत्र रचने का महागठबंधन पर आरोप लगाने के बाद आज विकास के मुद्दे पर लौटते हुए नीतीश कुमार को निशाने पर लिया और कहा कि वह लालू और सोनिया की शरण के बाद अब तंत्र-मंत्र की शरण में आ गए हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार की समस्याओं के समाधान की विकास है। पीएम मोदी ने एक चुनावी रैली में कहा कि लालू और तंत्र मंत्र के सहारे बिहार को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने कहा, बिहार का भाग्य अगर कोई बदल सकता है तो वह विकास है। आपको भरोसा करना है तो विकास के मार्ग पर भरोसा करिए। यह चुनाव बिहार के भाग्य बदलने का अवसर है और हम आपके समक्ष विकास लेकर आए हैं।

नीतीश पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, क्या तंत्र-मंत्र उन्हें बचा सकता है, उनकी नैय्या पार लगा सकता है? क्या जंतर मंतर गरीबों को रोटी दे सकता है, क्या जंतर-मंतर युवाओं को रोजगार, घर-घर में बिजली और किसानों के खेत में पानी दे सकता है? यह केवल विकास से ही हो सकता है।

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महागठबंधन के चेहरे नीतीश पर प्रहार जारी रखते हुए मोदी ने कहा कि अहंकार इंसान को कहां ले जाता है, यह देखने को मिला। वो (नीतीश) लालूजी की शरण में गए, फिर मैडम सोनियाजी की शरण में गए। इन्होंने लोहिया, जेपी को छोड़ दिया । ‘फिर पिछले महीनों में सारी कोशिशें करने के बाद कुछ हाथ नहीं लगा तो जंतर-मंतर की शरण में गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि वो एक नहीं सौ जंतर-मंतर करने वालों की शरण में जाए, मुझे कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन यह बिहार का अपमान है। आप 21वीं सदी की बजाए 18वीं सदी में ले जा रहे हैं। क्या हिन्दुस्तान को तंत्र-मंत्र चाहिए या लोकतंत्र चाहिए?

भाषण के मुख्य अंश

  • विरोधियों का लोकतंत्र पर भरोसा नहीं
  • क्या मंत्र-तंत्र से विरोधी बच पाएंगे
  • क्या मंत्र-तंत्र से रोजगार मिलेगा
  • क्या तंत्र-मंत्र से किसानों को पानी मिलेगा
  • लालू जी अच्छा मनोरंजन करते हैं
  • कई वर्षों बाद बिहार को अच्छा मनोरंजन मिल रहा है
  • दरबारी जुटा कर कविता लिख रहे हैं नीतीश कुमार
  • मैंने बिहार के लिए वादे से कहीं अधिक पैकेज दिया
  • बिहार के लिए बिजली, पानी और सड़क
  • क्या नीतीश ने अपने वादे पूरे किए हैं?
  • 16 महीने हो गए मैंने अभी तक एक भी छुट्टी नहीं ली है
  • मेरे लिए सत्ता सुख भोगने के लिए नहीं, सेवा के लिए है, जहां मैं हर समय ड्यूटी पर रहता हूं
  • बिहार में सभी समस्याओं का हल विकास है
  • बिहार का भाग्य बदलने के लिए वोट करें
  • माता सीता की जन्मस्थली पर आना सौभाग्य की बात
  • मुझे आपका सेवक बनने का मौका मिला
  • आप किस पर भरोसा करना चाहते हैं
  • एक तरफ विकास दूसरी तरफ अवसरवादिता
  • हम विकास की बात लेकर आए हैं
  • हम पर अनाप-शनाप आरोप लग रहे हैं
(इनपुट्स भाषा से भी)