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ओटीए में प्रशिक्षित 166 अफसर पासिंग आउट परेड के साथ सेना में शामिल

बिहार के गया की आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी की 12वीं पासिंग आउट परेड में बतौर निरीक्षक अधिकारी अफगान सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद शरीफ याफ्टील शामिल हुए

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ओटीए में प्रशिक्षित 166 अफसर पासिंग आउट परेड के साथ सेना में शामिल

गया की आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में पासिंग आउट परेड हुई.

नई दिल्ली: बिहार के गया की आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) से पास हुए 166 अफसरों को सेना में शामिल किया गया. में आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी की 12वीं पासिंग आउट परेड में यह 166 कैडेट शामिल थे. इन नए अधिकारियों में चार विदेशी हैं जबकि 14 असम राइफल्स के हैं.

इस कार्यक्रम के निरीक्षक अधिकारी अफगान सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद शरीफ याफ्टील थे. निरीक्षण अधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाले कैडेट को पुरस्कृत किया. टीईएस-30 कोर्स में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विंग कैडेट कैप्टन धर्मेश कुमार को प्रतिष्ठित खड्ग सम्मान से सम्मानित किया गया. इसके अलावा स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक श्रेणी के अनुसार टीईएस-30 के विंग कैडेट एड्जुटेंट संदीप कुमार, विंग कैडेट कैप्टन धर्मेश कुमार तथा विंग कैडेट क्वार्टरमास्टर शुभम संस्थान सावंत को दिए गए. पासिंग आउट एससीओ कोर्स में प्रथम आए बटालियन कैडेट एड्जुटेंट दोरजी शेरपा को रजत पदक से सम्मानित किया गया.
 
ota gaya passing out parade

परेड को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद शरीफ याफ्टील ने जेंटलमैन कैडेट को उनके बेहतरीन ड्रिल प्रदर्शन के लिए बधाई दी. उन्होंने उनके गौरवशाली भविष्य की मंगलकामना करते हुए कहा कि आपका भविष्य निःस्वार्थ और गौरवमयी सेवा से भरा हो. अफगान सेना के प्रमुख ने यह भी कहा कि सैनिक को अपने जीवन में सैन्य गुण और सद्भाव को आत्मसात करना चाहिए.
 
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नए कमीशन अधिकारियों के कंधे पर बैज उनके माता- पिता एवं अभिभावकों द्वारा लगाए गए. इन कमीशन प्राप्त अफसरों के अभिभावकों के जीवन के यह महत्वपूर्ण पल थे. निरीक्षण अधिकारी ने अभिभावकों को बधाई दी और कहा कि वे भाग्यशाली अभिभावक हैं जिनके पुत्र आज सेना जैसे बेहतरीन संस्थान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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VIDEO : मिलिट्री अकादमी की पासिंग आउट परेड


गौरतलब है कि अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना 18 जुलाई 2011 को हुआ था. इसमें स्कूली शिक्षा के बाद प्रवेश मिलता है. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कैडेट सशस्त्र सेना का हिस्सा बनते हैं. स्पेशल कमीशन ऑफिसर कोर्स के तहत कमीशन प्राप्त कर कैडेट भारतीय सेना व असम रायफल्स के विभिन्न रेजीमेंटों में अधिकारी बनते हैं. मित्र राष्ट्रों के जेंटलमैन कैडेट भी इस प्रशिक्षण का हिस्सा बनते हैं.


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