NDTV Khabar

बिहार में बिजली की दरों में 55 फीसदी तक का इज़ाफा, विपक्ष ने किया विरोध

294 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
बिहार में बिजली की दरों में 55 फीसदी तक का इज़ाफा, विपक्ष ने किया विरोध

बिहार सरकार ने बिजली दरों में 55 फीसदी तक बढ़ोत्तरी करने का फैसला किया है (फाइल फोटो)

पटना: बिहार विद्युत नियामक आयोग (बीईआरसी) ने आगामी एक अप्रैल से बिजली दरों में 55 फीसदी की वृद्धि का फैसला किया है. सरकार का तर्क है कि वह बिजली कंपनी को दे रही सब्सिडी को सीधे उपभोक्ता के खाते में देगी, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है. उधर, सराकर के इस कदम पर विरोधी दलों ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है.

बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में राष्ट्रीय जनता दल (राजग) सदस्यों ने वित्तीय वर्ष 2017-18 से बिजली दर में 55 प्रतिशत वृद्धि के बिहार ऊर्जा नियामक आयोग के प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया.

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने इस मामले को उठाते हुए एक अप्रैल से प्रस्तावित बिजली दर में वृद्धि के लिए नीतीश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे वापस लेने की मांग की.

राजग में बीजेपी की सहयोगी पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बिजली दर में इस वृद्धि को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार को पिछली सरकार द्वारा पांच एकड़ तक खेत वाले किसानों की बिजली बिल माफ किए जाने की घोषणा की याद दिलाई.

बिजली दर में वृद्धि के विरोध में बीजेपी के 12 विधायकों ने विधानसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया था, जिसे अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने नामंजूर कर दिया. बीजेपी के मिथिलेश तिवारी ने बिजली दर में प्रस्तावित वृद्धि को वापस लिए जाने का जिक्र अपने ध्यानाकषर्ण प्रस्ताव में किया.

बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन को बताया कि राज्य सरकार ने सब्सिडी बिजली कंपनियों को देने के बजाए सीधे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मामले का गहन अध्ययन कर इस पर एक अप्रैल से पहले फैसला लेंगे.

बिहार विधानपरिषद में बीजेपी सदस्य लाल बाबू प्रसाद और रजनीश कुमार ने बिजली दर में प्रस्तावित वृद्धि को वापस लिए जाने को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया था. उसे सभापति अवधेश नारायण सिंह द्वारा अस्वीकृत कर दिए जाने पर बीजेपी ने विरोध जताया.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष सुशील कुमार मोदी ने सरकार के बिजली दर में वृद्धि के प्रस्ताव को जनविरोधी बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बिजली कंपनियों की अक्षमता की सजा उपभोक्ताओं को दी है जिसे बीजेपी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और सरकार के इस निर्णय का जोरदार ढंग से राज्यव्यापी विरोध करेगी.

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में बिजली की टी एंड डी लॉस 40 प्रतिशत है जिसे घटा कर 15 प्रतिशत किया जाना था मगर सरकार उल्टे सभी स्तर के उपभोक्ताओं की बिजली दर में बेहिसाब इजाफा कर अपना जनविरोधी चेहरा उजागर कर दिया है.

(इनपुट भाषा से भी)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement