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बिहार में है शराबबंदी, फिर पुलिस ने क्यों पिलाई शराब?

बिहार में शराब पर प्रतिबंध है. पुलिस को खासकर यह जिम्मेवारी दी गई की कि यहां शराब न तो बिकने दे और न ही किसी को पीने दें. लेकिन जब पुलिसवाले ही शराब उपलब्ध कराए तो आप क्या कहेंगे?

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बिहार में है शराबबंदी, फिर पुलिस ने क्यों पिलाई शराब?

बिहार के नवादा में पुलिस ने शव उठवाने के लिए मजदूरों को मुहैया करवाई शराब...

खास बातें

  1. रेलवे ट्रैक पर दो दिन से पड़े शव से आने लगी थी बदबू
  2. नवादा में पुलिस ने शव उठवाने के लिए मजदूरों को पिलाई शराब
  3. आरोपी पुलिसकर्मियों को किया गया सस्पेंड
पटना: बिहार में शराब पर प्रतिबंध है. पुलिस को खासकर यह जिम्मेवारी दी गई की कि यहां शराब न तो बिकने दे और न ही किसी को पीने दें. लेकिन जब पुलिसवाले ही शराब उपलब्ध कराए तो आप क्या कहेंगे? बिहार के नवादा के  नथनपुरा इलाके में रेलवे ट्रैक पर पड़े एक शव को उठवाने के लिए पुलिस ने मजदूरों को शराब उपलब्ध कराई. महिला की पहचान रंजीत डोम की पत्नी गुड़िया देवी के रूप में की गई.

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ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना मिलने पर शव को उठवाने के लिए पहुंची पुलिस अपने साथ मजदूरों को ले गई. दो दिनों से पड़े शव से बदबू आने के कारण मजदूर शव उठाने में आनाकानी कर रहे थे. ऐसे में पुलिस ने शव उठवाने के लिए मजदूरों को शराब उपलब्ध कराई. नशे में झूमते मजदूरों ने शव को बांस में बांधकर कंधे पर उठा लिया और अस्पताल पहुंचाया. उधर मामले पर पटना पुलिस हेडक्वाटर से तुरंत एक्शन भी हो गया. आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. इस मामले में मजदूरों का बयान चौंकाने वाला है. मजदूरों ने कहा कि पुलिस ने ही तीन पाउच शराब उपलब्ध कराई थी. 

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इस मामले में राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक संजीव कुमार सिंघल ने बताया कि मामले में कादिरगंज ओपी प्रभारी रणविजय कुमार और दारोगा रामविनय शर्मा को निलंबित कर दिया गया है. सूचना देने वाले दो चौकीदारों को निलंबित करने की अनुशंसा नवादा के जिलाधिकारी से की गई है.

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उन्होंने आगे कहा कि यह घटना अमानवीय है. इसे सभ्य समाज में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.


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