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सेना ने बिहार पुलिस की जांच पर उठाए सवाल, दो जवानों के शव कमरे से बरामद हुए थे

दोनों का शव एक ही कमरे में मिला था. मौके पर पुलिस को कमरे से खून लगी राइफल भी मिली थी. पुलिस को कमरे से राइफल की आधा दर्जन गोली चलने के साक्ष्य भी मिले थे. मौके से कई साक्ष्यों के आधार एवं प्रारम्भिक जांच में पुलिस ने कहा कि जवान संतोष ने अपने साथी रिंकेश को गोली मारने के बाद खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली.

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सेना ने बिहार पुलिस की जांच पर उठाए सवाल, दो जवानों के शव कमरे से बरामद हुए थे

बिहार पुलिस.

पटना: दो फौजी की गोली लगने से मौत के मामले में सेना के अधिकारी ने बिहार पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं. सेना के अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि ये कोई सामान्य हत्या या आत्महत्या नहीं है. हालांकि इस पूरे मामले में बिहार पुलिस के अधिकारी साफतौर पर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं. पटना के दानापुर मंगलम कालोनी में सेना के दो जवान की गोली लगने से मौत हुई थी. दोनों का शव एक ही कमरे में मिला था. मौके पर पुलिस को कमरे से खून लगी राइफल भी मिली थी. पुलिस को कमरे से राइफल की आधा दर्जन गोली चलने के साक्ष्य भी मिले थे. मौके से कई साक्ष्यों के आधार एवं प्रारम्भिक जांच में पुलिस ने कहा कि जवान संतोष ने अपने साथी रिंकेश को गोली मारने के बाद खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली.

संतोष बिहार के सारण जिले के मशरख का रहने वाला था और  फर्स्ट बिहार बटालियन में लांस नायक के पद पर अरुणाचल में पदस्थापित था. वही रिंकेश बिहार के आरा के दोबहा का रहने वाला था और बीआरसी के रेकॉर्ड रूम में कार्यरत था. दोनों जवानों में अच्छी दोस्ती थी. कमरे में दोनों की तस्वीर भी लगी थी.  जवान संतोष किराए का माकन लेकर अपने परिवार को रखता था और उसने घटना के कुछ ही दिन पहले ही वह अपनी पत्नी और बच्चे को घर छोड़कर आया था. 

संतोष ने ही फोनकर रिंकेश को अपने किराए के मकान पर बुलाया था. एक बात यह भी सामने आई है कि संतोष हमेशा रिंकेश पर अपनी बहन से शादी का दबाव डाला करता था.  

मौत की खबर तब लगी जब रिंकेश की बहन ने फोन किया तो उसे कोई जबाब नहीं मिला. ऐसे में सुबह सुबह रिंकेश की बहन संतोष के घर आई तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला जिसके बाद दरवाजा तोड़ने पर दोनों के शव कमरे में देखे गए. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. सेना के जवान की मौत की खबर पर पटना पुलिस के कई बड़े अधिकारी के साथ-साथ बीआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर एम नटराजन भी मौके पर पहुंचे एवं अपने स्तर से भी जांच भी की. जवान के परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि इस मकान में और भी किरायदार लोग हैं लेकिन किसी ने भी गोली चलने की आवाज नहीं सुनी. इससे साफ जाहिर होता है कि किसी तीसरे ने इन दोनों की हत्या की है.

अब इस पूरे मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं, मगर सेना के अधिकारी इसे सुसाइड नहीं मान रहे हैं और न ही जांच टीम पर ही भरोसा कर रहे हैं. बिहार पुलिस भी इस जांच के बारे में साफ-साफ कुछ नहीं बता रही है और एफएसएल, पोस्टमार्टम एवं जब्त किए गए फोन की रिपोर्ट के इंतजार में है. वहीं मकान मालिक के द्वारा हत्या का केस किया गया है.


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