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कामकाज में पारदर्शिता लाएगी टेक्नोलॉजी - नीतीश

कॉनक्लेव को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, उद्योग मंत्री जयकुमार सिंह ने भी संबोधित किया. नीतीश ने कहा कि बिहार सरकार की प्रदेश में आईटी क्षेत्र के विकास में काफी दिलचस्पी है.

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कामकाज में पारदर्शिता लाएगी टेक्नोलॉजी - नीतीश

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि टेक्नोलॉजी से कामकाज में पारदर्शिता आयेगी और आईटी क्षेत्र को उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र में रखा जायेगा. पटना में ‘बिहार आईटी और आईटीईएस इनवेस्टर्स कानक्लेव 2017’ का उद्घाटन करते हुए नीतीश ने कहा कि समाज धीरे-धीरे आईटी पर निर्भर होते जा रहा है. इसका कोई दुरुपयोग न करे, इस पर ध्यान देने की जरूरत है. टेक्नोलॉजी से कामकाज में पारदर्शिता आयेगी. कॉनक्लेव में केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साइबर सिक्योरिटी से संबंधित एक संस्थान की पटना में स्थापना करने की घोषणा की. यह संस्थान डिजिटल पुलिसिंग, साइबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण एवं डिजिटल फारेंसिक से संबंधित होगा.

कॉनक्लेव को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, उद्योग मंत्री जयकुमार सिंह ने भी संबोधित किया. नीतीश ने कहा कि बिहार सरकार की प्रदेश में आईटी क्षेत्र के विकास में काफी दिलचस्पी है. इस क्षेत्र के विकास के लिये हमने अपनी तरफ से उचित कदम उठाये हैं. बहुत जगहों पर इस क्षेत्र के विकास के लिये इंतजाम किये गये है.

उन्होंने बताया कि राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के नये परिसर का निर्माण किया जायेगा, जिसके बगल में एक सौ एकड़ भूमि आईटी सिटी के लिये उपलब्ध करायी गयी है. इसके अलावा जो लोग पटना के आसपास काम करना चाहते हैं, उनके लिये बिहटा में आईटी पार्क के लिये जमीन उपलब्ध करायी है. साथ ही पटना शहर में आईटी टावर के लिये भूमि उपलब्ध करायी है. नीतीश ने कहा कि बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिये जब से उन्होंने काम करना शुरू किया तब औद्योगिक नीति बनायी गयी. औद्योगिक नीति के तहत कुछ क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गयी.

आईटी, फूड प्रोसेसिंग, रेडिमेड उद्योग को प्राथमिकता दी गयी. 2016 के औद्योगिक नीति में उद्योग को और बढ़ावा दिया गया है, इसके लिये कानून भी बना दिया गया है. अब नये प्रस्ताव पर एक निर्धारित समय सीमा के अंदर निर्णय लेना होगा. परेशानी से बचने के लिए सभी कुछ आनलाइन होगा. उन्होंने कहा कि आईटी क्षेत्र में हार्डवेयर या साफ्टवेयर उद्योग लगाने को उच्च प्राथमिक क्षेत्र में रखा जायेगा, जिसमें कुल निवेश कम से कम पांच करोड़ का हो एवं पचास से अधिक व्यक्ति कोर एक्टिविटी में लगाये गये हो. ऐसी इकाईयों को विशेष रियायत दी जाएगी बशर्ते कि तीन वर्ष के अंदर निवेश का कार्य पूरा करना होगा.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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