बिहार में भ्रष्टाचार की भी होती है जाति, मुजफ्फरपुर में निकला विरोध मार्च

एसएसपी विवेक कुमार के समर्थन में कुशवाहा समाज के लोगों ने मुजफ्फरपुर शहर में विरोध मार्च निकाला

बिहार में भ्रष्टाचार की भी होती है जाति, मुजफ्फरपुर में निकला विरोध मार्च

मुजफ्फरपुर में कुशवाहा समाज के लोगों ने एसएसपी विवेक कुमार के समर्थन में मार्च निकाला.

खास बातें

  • आय से कई गुनी अधिक चल और अचल संपत्ति के मामले में आरोपी हैं विवेक कुमार
  • नीतीश सरकार पर पिछड़ों, दलितों को निशाना बनाने का आरोप
  • पुलिस अधिकारी के समर्थन में प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश
पटना:

बिहार में आप कितना भी भ्रष्टाचार कर लें, कितनी भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर लें, लेकिन अगर आप किसी प्रभावशाली जाति से आते हैं तो कोर्ट और जांच से पहले आपको निर्दोष होने का सर्टिफ़िकेट भी मिल जाता है. मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार के मामले में कुछ ऐसा ही हुआ है. 

रविवार को विवेक कुमार के समर्थन में कुशवाहा समाज के लोगों ने मुजफ्फरपुर शहर में एक विरोध मार्च निकाला. उनका कहना था कि विवेक चूंकि कुशवाहा समाज से आते हैं इसलिए उन्हें विशेष निगरानी विभाग के अधिकारियों ने निशाने पर रखा. 

यह भी पढ़ें : निलंबित एसएसपी के सास-ससुर के लॉकर से चार करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की चीजें बरामद

इस सम्बंध में जारी विज्ञप्ति के अनुसार नीतीश राज में भ्रष्टाचार के मामले में पिछड़ों, दलितों को निशाना पर रखा जाता है. हालांकि विवेक के पास से उनकी आय से कई गुनी अधिक चल और अचल संपत्ति जब्त की गई. पूछताछ के दौरान वे अधिकांश सवालों का ठीक से जवाब नहीं दे पा रहे थे. 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

यह भी पढ़ें : मुजफ्फरपुर के निलंबित SSP विवेक कुमार के घर छापेमारी जारी, लॉकर से 1 करोड़ 40 लाख रुपये बरामद 

माना जा रहा है कि ऐसे प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. वहीं जांच में लगे अधिकारियों का कहना है कि जात के आधार पर लोग सड़क पर निकल तो जाते हैं लेकिन सच्चाई से वास्ता पड़ेगा तो शायद उन्हें एहसास हो कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों की कोई जात धर्म नहीं होता.