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बिहार के CM नीतीश कुमार का इस्तीफा, 20 महीने में ही टूटा महागठबंधन

इससे पहले हुई आरजेडी की बैठक के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर कहा था कि तेजस्वी यादव इस्तीफ़ा नहीं देंगे.

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बिहार के CM नीतीश कुमार का इस्तीफा, 20 महीने में ही टूटा महागठबंधन

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का फाइल फोटो...

खास बातें

  1. जेडीयू विधायक दल की बैठक के बाद नीतीश राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मिले
  2. सीएम नीतीश कुमार ने गवर्नर को अपना इस्तीफा सौंप दिया
  3. तेजस्वी यादव के इस्तीफा न देने पर नीतीश ने उठाया सख्त कदम
पटना: मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को लेकर बिहार की राजनीति में जारी खींचतान बुधवार को अपने चरम पर पहुंच गई. जेडीयू विधायक दल की बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मिलने पहुंचे और उन्‍हें अपना इस्‍तीफा सौंप दिया. इस तरह तेजस्‍वी के इस्‍तीफे को लेकर महागठबंधन में चल रही राजनीतिक कलह खुलकर सामने आ गई और राज्‍य में सियासी संकट खड़ा हो गया.

इसी बीच, भाजपा ने राज्‍य में नीतीश कुमार को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की बात कही. बिहार भाजपा के वरिष्‍ठ नेता सुशील मोदी ने कहा कि बीजेपी नीतीश कुमार को समर्थन देगी और दोनों दल के नेता नीतीश को नेता (मुख्‍यमंत्री) चुनेंगे. 

इससे पूर्व नीतीश कुमार ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को इस्तीफा सौंपने के बाद राजभवन के बाहर पत्रकारों से कहा, 'बिहार में जो परिस्थितियां बनी हुई, उसमें महागठबंधन सरकार चलाना मुश्किल हो गया है'. उन्होंने नई सरकार बनाने के लिए भाजपा से समर्थन लेने की संभावना को खारिज नहीं किया. उन्होंने कहा, 'मैंने इसे सुलझाने की कोशिश की... मैंने किसी से इस्तीफे के लिए नहीं कहा. मैंने केवल तेजस्वी से भ्रष्टाचार के आरोपों पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था'.

ताजा घटनाक्रम से बिहार की राजनीति में अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है, क्योंकि 243 सदस्यीय विधानसभा में किसी भी दल के पास बहुमत नहीं है. कुमार की जदयू के पास 71 सीटें हैं, जबकि तेजस्वी यादव के पिता लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले राजद के पास 80 सीटें हैं. भाजपा के पास 53 सीटें हैं.

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वहीं, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इस इस्‍तीफे के बाद नीतीश पर भाजपा और आरएसएस से मिले होने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा कि 'ये मामला पहले से ही सेट किया हुआ था'. इसके साथ ही उन्‍होंने नीतीश पर हत्‍या और आर्म्‍स एक्‍ट का एक केस भी पेंडिग होने की बात कही. इन सबके बावजूद लालू ने कहा कि 'आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस विधायक एक बैठक कर मिलकर अपना नेता (मुख्‍यमंत्री ) चुनें. न नीतीश न तेजस्‍वी, बल्कि कोई और मुख्‍यमंत्री बने'.

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इससे पहले हुई आरजेडी की बैठक के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर कहा था कि तेजस्वी यादव इस्तीफ़ा नहीं देंगे.

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उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी से इस्तीफ़ा मांगा ही नहीं है. लालू यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी नीतीश पर डोरे डाल रही है, बीजेपी की लार नीतीश पर टपक रही है. उन्होंने कहा कि नीतीश से मेरी बात होती रहती है, वही महागठबंधन के नेता हैं. वहीं तेजस्वी यादव ने भी कहा कि जनता ने महागठबंधन को चुना है, इस्तीफ़ा जब मांगा ही नहीं गया तो देने का सवाल ही नहीं है.



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लेकिन सूत्रों का कहना था कि लालू यादव ने पार्टी की मीटिंग में अपने विधायकों से कहा था कि वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि नीतीश कुमार तेजस्‍वी यादव को हटा सकते हैं. भ्रष्‍टाचार के अन्‍य आरोपों में अदालत के आदेश के चलते लालू यादव अगले तीन दिन तक रांची में रहेंगे, ताकि वह मामले की सुनवाई में शामिल रहे सकें, लिहाज़ा उन्‍होंने अपने विधायकों से कोई यात्रा न करने और उनके वापस लौटने तक पटना में ही रहने को कहा.


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