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नीतीश कुमार ने लालू यादव और उनके परिवार को पद के दुरुपयोग मामले में दी 'क्लीन चिट'

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो टूक शब्दो में बीजेपी नेता सुशील मोदी को सलाह दी है कि अगर लालू यादव और उनके परिवार पर लगाए उनके आरोपों में तथ्य हैं तो जांच करा लें.

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नीतीश कुमार ने लालू यादव और उनके परिवार को पद के दुरुपयोग मामले में दी 'क्लीन चिट'

नीतीश कुमार ने लालू यादव को पद के दुरुपयोग मामले में दी 'क्लीन चिट' (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. नीतीश ने साफ़ किया कि जो आरोप लगे हैं, वे केंद्र के दायरे में हैं
  2. उन्होंने कहा कि अगर तथ्य हैं तो जांच करिये, यूं रोज बयान मत दीजिए
  3. नीतीश कुमार ने कहा, 'ये सब सुनियोजित तरीके से चल रहा है'
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो टूक शब्दो में बीजेपी नेता सुशील मोदी को सलाह दी है कि अगर उनके आरोपों में तथ्य हैं तो जांच करा लें. पिछले एक महीने से राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर अपने पद का दुरुपयोग कर संपत्ति अर्जित के आरोप लग रहे हैं. आज नीतीश कुमार ने पहली बार इस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी.

लालू यादव की संपत्ति पर पहले नीतीश कुमार ने पहले कहा कि उन्हें इस पर कुछ नहीं कहना है क्योंकि जो आरोप सुशील द्वारा लगाए जा रहे हैं, उनका जवाब लालू खुद दे ही रहे हैं. इसमें किसी और को प्रतिक्रिया देने की क्या जरुरत है. बीजेपी को ऐसा लगता है कि अख़बार में चूंकि रोज रोज पब्लिसिटी मिल जाती है इसलिए इससे जारी रखा गया हैं. नीतीश ने सुशील मोदी को सलाह देते हुए कहा कि अगर सचमुच में कानूनी रूप से तथ्य गलत साबित करने हैं तो कानून का सहारा लीजिये, न कि रोज बयान दें.

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यह पूछे जाने पर कि क्या बिहार सरकार इन आरोपों पर किसी जांच का आदेश देगी, नीतीश ने साफ़ किया कि जो आरोप लगे हैं, वे केंद्र के दायरे में हैं औऱ कोई जांच पड़ताल की बात सामने नहीं आई है. केवल आरोप के रूप में बात सामने आई है. उन्होंने कहा कि किसी तीसरे पक्ष को इसमें बोलने की जरूरत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी लॉ को लेकर वह नहीं जानते कि यह राज्य सरकार का विषय होगा कि नहीं. उन्होंने कहा कि इन सारी चीजों का राज्य से कोई लेना देना नहीं है लेकिन ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है कि राज्य सरकार का काम गौण हो जाए. उन्होंने कहा कि अगर तथ्य हैं तो जांच करिये और यूं रोज बयान मत दीजिए. उन्होंने कहा कि ये सब सुनियोजित तरीके से चल रहा है.

उनके मंत्रिमंडल के दो सदस्य- तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव- द्वारा राज्य सरकार को दिए जाने वाले संपत्ति के ब्योरे में कई संपत्तियों का खुलासा नहीं किया गया है. इस बाबत पूछे जाने पर नीतीश ने कहा, संपत्ति का ब्योरा 2011 से मंत्रियों को देना होता है, ये एक डिक्लेरेशन है. जिसके पास जो संपत्ति है, उसका ब्योरा देना होगा और इसका कानून से सम्बन्ध नहीं है बल्कि एक परंपरा की शुरुआत है. यह तो एक नैतिक और सामजिक महत्त्व की बात है कि जिसकी जो सम्पति है उसका खुलासा किया जाएय. उन्होंने कहा कि मीडिया जांच कर सकती है. नीतीश ने साफ़ किया कि अगर सम्पति का पूरा खुलासा नहीं किया तो उस मंत्री को जवाब देना होगा कि आखिर  क्यों जानकारी नहीं दी गई. माना जा सकता है कि नीतीश कुमार के बयान से लालू यादव और उनके दोनों बेटे निश्चित रूप से राहत महूसस करेंगे.


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