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बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी का आरोप- पार्टी के नेताओं ने मुझे हटाने की साजिश रची

राहुल गांधी और बिहार के कांग्रेस प्रभारी सीपी जोशी ने अशोक चौधरी को नजरंदाज कर दिया

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बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी का आरोप- पार्टी के नेताओं ने मुझे हटाने की साजिश रची

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू यादव के साथ बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी (फाइल फोटो).

खास बातें

  1. दूसरे दल से आए नेताओं के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप
  2. दिल्ली में बिहार के विधायकों से मिले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
  3. दिल्ली में बिहार के विधायकों से मिले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
पटना: कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज दूसरे दिन भी दिल्ली में बिहार के विधायकों से मिल रहे हैं, लेकिन पटना में राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के नेताओं पर पूरे विभाजन की कहानी की आड़ में उन्हें हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया.

अशोक चौधरी इस बात से दुखी हैं कि जहां पिछले हफ्ते पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें विचार विमर्श के लिए बुलाया, वहीं इस बार राहुल और बिहार के प्रभारी सीपी जोशी ने उन्हें नजरंदाज कर दिया. कांग्रेस के दिल्ली के नेताओं, जिनमें जोशी शामिल हैं, का मानना है कि पार्टी विधायक दल में विभाजन का प्रयास चौधरी को अगुवाई में चल रहा था जिसे रोकने के लिए अब पार्टी के सभी नेताओं को इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है.

यह भी पढ़ें : बिहार कांग्रेस के कई विधायकों के जेडीयू का दामन थामने की आशंका, सोनिया ने की बैठक

चौधरी का कहना है कि यह पार्टी विधायकों के टूटने को खबर उन्हें हटाने के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कुछ नेताओं ने बिहार कांग्रेस में दूसरे दल से आए नेताओं के साथ मिलकर रची है.अशोक का कहना है कि उनके पिता ने 50 वर्षों तक पार्टी की सेवा की और वे खुद 25 सालों से पार्टी में सक्रिय हैं, तब उन पर शक करना क्या लाज़िमी है? हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी और गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा रही है इसलिए राहुल गांधी उनके भविष्य पर कोई भी निर्णय ले सकते हैं.

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बिहार में जब अशोक चौधरी अध्यक्ष बने तब राज्य विधानसभा में विधायकों की संख्या चार से 27 हुई. वहीं विधान परिषद में शून्य से 6 विधान पार्षद हुए.  साल 2015 के विधानसभा चुनाव में जब लालू यादव 25 सीट देने से ज़्यादा देने के लिए तैयार नहीं थे तब नीतीश कुमार के साथ तालमेल कर 40 सीटें लीं. नीतीश के साथ मधुर संबंधों के कारण अशोक चोधरी हमेशा पार्टी के अंदर अपने विरोधियों के निशाने पर रहे.

VIDEO : बीजेपी की विरोध

राहुल गांधी से मिलने वाले विधायकों का कहना है कि अशोक चौधरी के भविष्य के बारे में उनसे पूछा गया था लेकिन इन विधायकों की मिली जुली राय थी. यह माना जाता है कि अधिकांश विधायक अशोक के पक्ष में खरे हैं.


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