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बिहार में बाढ़ का क़हर, सरकार ने जारी किया हेल्‍पलाइन नंबर

अधिकारियों ने बताया कि अस्‍पतालों से सांप के जहर की काट वाले और एंटी रेबीज इंजेक्‍शन का स्‍टॉक रखने को कहा गया है.

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बिहार में बाढ़ का क़हर, सरकार ने जारी किया हेल्‍पलाइन नंबर

बिहार में बाढ़ से अब तक 72 लोगों की जान जा चुकी है

पटना: बिहार में बाढ़ की वजह से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है. 13 ज़िलों के क़रीब 70 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. राज्‍य सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने लोगों की मदद के लिए हेल्‍पलाइन नंबर जारी किया है. लोग स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी मदद के लिए 104 (टोल फ्री) नंबर पर फोन कर सकते हैं. अधिकारियों ने बताया कि अस्‍पतालों से सांप के जहर की काट वाले और एंटी रेबीज इंजेक्‍शन का स्‍टॉक रखने को कहा गया है. पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, अररिया, किशनगंज, कटिहार, सीतामढ़ी, मधेपुरा ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं. एनडीआरएफ़ की 27 टीमों के अलावा एसडीआरएफ़ भी राहत और बचाव के काम में जुटी हैं. लाखों लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है, जबकि कई जगहों पर लोग हाईवे पर शरण लेने को मजबूर हैं.

उधर गोपालगंज में भारी बारिश से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की चपेट में आने से एक पुल बह गया. इसके साथ ही वहां पर एक ताड़ का पेड़ भी पानी में बह गया.
 
राज्‍य के सिंचाई मंत्री ललन सिंह को कहाना है कि सरकार ने सामान्‍य मॉनसून की तैयारी की थी. उन्‍होंने कहा, 'सामान्य मॉनसून की तैयारी की थी, पूर्वानुमान भी सामान्य मॉनसून का ही था. लेकिन 72 घंटे तक लगातार भारी बारिश हुई. विराटनगर में दो दिन में 476 एमएम बारिश हुई जबकि 200 एमएम बारिश बिहार के पूर्वोत्तर के ज़िलों में हुई. इससे महानंदा सहित कई नदियां पूरे उफ़ान पर थीं.' उन्‍होंने बताया कि महानंदा का इस बार जितना स्तर बढ़ा, उतना कभी पहले नहीं बढ़ा. हमलोगों को खुद भी पूर्वानुमान नहीं था कि इतनी बारिश होगी. सामान्य मॉनसून का पूर्वानुमान था और उसी के मुताबिक तैयारी थी.'

VIDEO: 13 जिलों में आई भीषण बाढ़ से करीब 70 लाख आबादी प्रभावित है


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