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बिहार सरकार ने माना, वर्तमान में शराबबंदी कानून में सजा उल्‍लंघन के हिसाब से कहीं अधिक

संशोधन विधेयक में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए मौजूदा सजा के प्रावधान में बदलाव कर उसे कम किए जाने की बात कही गई है.

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बिहार सरकार ने माना, वर्तमान में शराबबंदी कानून में सजा उल्‍लंघन के हिसाब से कहीं अधिक

बिहार सरकार ने माना शराबबंदी कानून की सजा जरूरत से ज्यादा

पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने शराबबंदी क़ानून के तहत करीब एक लाख 40 हज़ार लोगों की गिरफ़्तारी के बाद पहली बार माना कि वर्तमान शराबबंदी क़ानून में जो सज़ा का प्रावधान है, वो अपराध के हिसाब से ठीक नहीं है. शुक्रवार को बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू हुआ. इसी सत्र में विधि विभाग द्वारा मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक की कॉपी सदस्यों को दी गयी. इस संशोधन के उद्देश्य में साफ़ लिखा है कि मघनिषेध के कार्यान्‍वयन में प्राप्त अनुभवों के आधार पर इस अधिनियम के तहत प्रावधानित दंड को अपराध के समानुपातिक करने की आवश्‍यकता महसूस की जा रही है, लेकिन इस संशोधन के अनुसार पहली बार शराब पीने पर गिरफ़्तारी अब जमानती कर दी गई है. इसके साथ सार्वजनिक जुर्माने के वर्तमान प्रावधान को भी ख़त्म करने का प्रावधान किया गया है.

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साथ ही अब शराबबंदी का उल्लंघन करने वाले लोगों को निष्कासन की वर्तमान व्यवस्था को भी ख़त्म करने का प्रावधान किया गया है. लेकिन शराब पाये जाने पर अब किसी भवन या खेत को ज़ब्त नहीं किया जायेगा बल्कि उसकी जगह दो वर्षों के कारावास की सज़ा होगी. साथ ही जिस वाहन में शराब ज़ब्त होगी, उस वाहन को ज़ब्त करने के प्रावधान को बरक़रार रखा गया है.गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही बिहार राज्य मंत्रिपरिषद ने बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में संशोधन विधेयक 2018 सहित तीन अन्य संशोधन विधेयकों को विधानमंडल सत्र में पेश किए जाने को मंजूरी दी थी.

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संशोधन विधेयक में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए मौजूदा सजा के प्रावधान में बदलाव कर उसे कम किए जाने की बात कही गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधानसचिव अरूण कुमार सिंह ने बताया था कि मंत्रिपरिषद ने कुल 33 विषयों पर विचार कर उन्हें मंजूरी प्रदान कर दी है.

VIDEO: बिहार में शराबबंदी कानून में संशोधन होगा.

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में संशोधन विधेयक 2018, बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम 2005, बिहार होटल विलासवस्तु काराधान अधिनियम एवं बिहार मनोरंजन कर अधिनियम को संशोधित करने से संबंधित विधेयक व बिहार राज्य दहेज प्रतिषेध बिहार संशोधन अधिनियम 1975 के निरसन के लिए बिहार राज्य दहेज प्रतिषेध बिहार संशोधन अधिनियम 2018 को विधानमंडल सत्र में पेश किए जाने को आज मंजूरी प्रदान कर दी.


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