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मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप केस सीबीआई को सौंपने के पक्ष में नहीं बिहार सरकार

सरकारी सूत्रों के अनुसार जब पुलिस मामले में चार्ज शीट दायर करने वाली है तब जांच एजेंसी बदलने से कोई फायदा नहीं होगा

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप केस सीबीआई को सौंपने के पक्ष में नहीं बिहार सरकार

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. रेप केस की जांच में मुजफ्फरपुर पुलिस ने अब तक काफी मुस्तैदी दिखाई
  2. सरकार का कहना है कि सृजन घोटाले में सीबीआई जांच करने में विफल रही
  3. तेजस्वी के नेतृत्व में विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल ने मुजफ्फरपुर का दौरा किया
पटना: बिहार सरकार को मुजफ्फरपुर स्कैंडल की जांच सीबीआई को सौंपने में कोई फायदा नहीं लगता. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर पूरा विपक्ष जहां मुजफ्फरपुर बाल गृह स्कैंडल की जांच सीबीआई से कराना चाहता है वहीं बिहार सरकार का मानना है कि जब स्थानीय पुलिस इस मामले में चार्ज शीट दायर करने वाली है तब जांच एजेंसी बदलने से कोई फायदा नहीं होगा.

सरकारी सूत्रों की मानें तो उनका कहना है कि इस मामले में मुजफ्फरपुर पुलिस ने जहां अब तक काफी मुस्तैदी दिखाई है वहीं मेडिकल रिपोर्ट और बाल गृह में रहने वाली बच्चियों के बयान के आधार पर वह जल्द चार्जशीट दायर करेगी. ऐसे में सीबीआई को जांच देने से न केवल वर्तमान जांच रुक जाएगी बल्कि अधिकांश आरोपियों को जमानत भी मिल सकती है. राज्य सरकार का कहना है कि सृजन घोटाले में सीबीआई जांच करने में विफल रही है और आज तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में विफल रही है.

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इस मामले में मंगलवार को राज्य सरकार ने विधानसभा में बयान दिया था जिसका विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया. बुधवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस घटना के पचहत्तर दिनों के बाद मुजफ्फरपुर का दौरा किया. इसके बाद तेजस्वी यादव ने इस मामले में आरोपियों को बचाने का आरोप राज्य सरकार पर लगाया.

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VIDEO : संसद में उठा मुजफ्फरपुर का मामला

हालांकि इस बीच जांच कर रही मुजफ्फरपुर पुलिस अब इस मामले में उन लोगों से पूछताछ करने की तैयारी में लगी है जो इस बल गृह का दौरा कर इसकी तारीफ के पुल बांधा करते थे. अधिकांश जानकारों का मानना है कि सभी नियम कानून को ताक पर रखकर यह बाल गृह एक आवासीय इलाके में चलाया जा रहा था. वहां सब लोगों का आना-जाना आम बात थी.


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