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बिहार : बीजेपी के जातीय सम्मेलन में शामिल हुए राज्यपाल फागू चौहान

सवाल उठा कि क्या बिहार के राज्यपाल ने जातियों के सम्मेलन में जाकर संवैधानिक मर्यादा तोड़ी?

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बिहार : बीजेपी के जातीय सम्मेलन में शामिल हुए राज्यपाल फागू चौहान

बिहार के राज्यपाल फागू चौहान (फाइल फोटो).

पटना:

बिहार के राज्यपाल फागू चौहान को राजभवन में यूं तो ज्यादा दिन नहीं हुए लेकिन अब वे खुल्लम खुल्ला भाजपा नेताओं द्वारा आयोजित जाति के सम्मेलन में भी भाग लेने से परहेज नहीं करते. मंगलवार को पटना में उन्होंने ऐसे ही नोनिया-बिन्द-बेलदार महासंघ द्वारा आयोजित सामाजिक समरसता संगोष्ठी में भाग लिया.

इसका आयोजन भाजपा नेताओं ने किया था और मंच पर नीतीश सरकार के भाजपा के अधिकांश मंत्री जिसमें उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी शामिल हैं, मौजूद थे. राज्यपाल ने अपने भाषण की शुरुआत में ही कहा कि संविधान से बंधा हुआ हूं इसलिए महामहिम की कुर्सी पर बैठकर न किसी की तारीफ, न आलोचना कर सकते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि देश के तेजस्वी और ओजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में आज देश का नवनिर्माण हो रहा है.

हालांकि आयोजकों ने माना कि राज्यपाल के बहाने भाजपा अति पिछड़ी जातियों को साधने की कोशिश कर रही है. उनका कहना है कि यह बात सही है कि राज्यपाल ऐसे कार्यक्रम से अपने को दूर रखते हैं लेकिन अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. वहीं इस समारोह में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भाजपा और नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते इस देश में कोई ‘माई का लाल' नहीं है जो अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ों के आरक्षण को खत्म या कम कर दे. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को तोड़-मरोड़कर कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं. नरेन्द्र मोदी ने तो गरीब सवर्णों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण देकर मिसाल कायम की है. बिहार के कर्पूरी फॉर्मूले की तर्ज पर केन्द्र की नौकरियों में पिछड़ों के आरक्षण के वर्गीकरण के लिए आयोग का गठन किया गया है. पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर उसका पहला अध्यक्ष बिहार के ही एक पिछड़े बेटे भगवान लाल साहनी को बनाया है.


सुशील मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में पहली बार सात महिलाओं को राज्यपाल बनाया, साथ ही फागू चैहान समेत 9 नवनियुक्त राज्यपाल पिछड़ा, अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति व जनजाति समाज से हैं. वहीं दलित समाज से आने वाले बिहार के पूर्व राज्यपाल को देश के सर्वोच्च पद पर बैठाकर दलित समाज को सम्मान दिया. एक गरीब के बेटे को जब मौका मिला तो उसने ‘सबका साथ, सबका विकास' का अपना वादा पूरा किया.

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सुशील मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर से एक झटके में धारा- 370 खत्म करके वहां अनुसूचित जाति, जनजाति पिछड़े व अतिपिछड़े समाज को आरक्षण के लाभ का हकदार बना दिया. इसीलिए बसपा प्रमुख मायावती ने भी सरकार के इस कदम का समर्थन किया है.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस नोनिया, बिंद और बेलदार समाज को कांग्रेस ने सत्ता में हिस्सेदारी और सम्मान से वर्षों तक वंचित रखा, उस वंचित समाज के फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाकर उन्होंने इतिहास रच दिया है.



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