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बिहार में शराब बंदी के मामलों में जेलों में बंद कैदियों के लिए आई खुशखबरी

बिहार में शराब पीने और उसके अवैध कारोबार के आरोप में जेलों में बंद लोगों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ, सरकार ने छोड़ने का फैसला लिया

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बिहार में शराब बंदी के मामलों में जेलों में बंद कैदियों के लिए आई खुशखबरी

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. साधारण अपराधों को लेकर बंद आरोपियों को छोड़ेगी सरकार
  2. गांधी जयंती पर दो अक्टूबर को होगी रिहाई की शुरुआत
  3. तीन चरणों में छोड़े जाएंगे सामान्य मामलों में बंद विचाराधीन कैदी
पटना: बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले में उन सभी लोगों को रिहा करने का फैसला किया है जो सजायाफ्ता नहीं हैं या जो हत्या, बलात्कार,दहेज हत्या, देशद्रोह या आतंक जैसे मामलों में आरोपी नहीं हैं. राज्य सरकार के इस फैसले का सीधा अर्थ यह लगाया जा रहा है कि राज्य की जेलों में हजारों की संख्या में शराब बंदी का उल्लंघन करने के आरोपी या इसके कारोबार में लिप्त पाए गए लोगों को अब जेल से रिहा होने का एक रास्ता मिल जाएगा.

निश्चित रूप से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस प्रयास में पिछले कई महीनों से सक्रिय थे कि मामूली आरोपों के आधार पर राज्य की जेलों में बंद हजारों कैदियों को रिहा किया जाए. ऐसे कैदी जो संबंधित अपराध में जितनी सजा का प्रावधान है उससे अधिक समय जेलों में गुजार चुके हैं. हालांकि नीतीश कुमार ने इस पूरे निर्णय को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती से जोड़कर यह सुझाव दिया था कि विशेष अवसर पर सजा शिक्षा माता प्रावधान है. एक और सामूहिक क्षमादान देने पर विचार किया जाए. बिहार सरकार के इस फैसले को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी अपनी मंज़ूरी दे दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक में इस मुद्दे को उठाया था. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दे दी थी.

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इस फैसले पर रिहाई की शुरुआत इस साल गांधी जयंती के अवसर पर की जाएगी. तीन चरणों में कैदियों की रिहाई की जाएगी. इसमें मुख्य रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले और कारागार में लगातार अच्छा आचरण रखने वाले कैदियों को पहले चरण में रिहा किया जाएगा. दो अक्टूबर से शुरुआत की जाएगी. दूसरे चरण में अगले साल छह अप्रैल को और तीसरे और अंतिम चरण में अगले साल गांधी जयंती के अवसर पर बंदियों को रिहा किया जाएगा. भारत सरकार द्वारा निर्धारित युक्ता एवं अयोग्यता के आधार पर बंदियों की रिहाई की जाएगी.

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VIDEO : बिहार में शराब बंदी

सरकार के इस कदम से निश्चित रूप से बिहार की जेलों में जहां क्षमता से अधिक संख्या में रह रहे कैदियों की संख्या में कमी आएगी वहीं शराब बंदी के नाम पर हजारों जेलों में बंद लोगों की रिहाई का रास्ता खुल जाएगा. इस मामले को लेकर नीतीश सरकार की आलोचना होती रही है.


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