NDTV Khabar

दहेज हत्याओं के मामले में बिहार देश में तीसरे स्थान पर, सीएम नीतीश कुमार ने बुलाई बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जरूरी कदम उठाकर राज्य की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जाना चाहिए

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
दहेज हत्याओं के मामले में बिहार देश में तीसरे स्थान पर, सीएम नीतीश कुमार ने बुलाई बैठक

बिहार में बढ़ती दहेज हत्याओं को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों की बैठक ली.

पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में दहेज के कारण हो रही हत्याओं पर चिंता जाहिर की है. पूरे देश में दहेज हत्या में बिहार का तीसरा स्थान है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पुलिस विभाग की उच्यस्तरीय समीक्षा बैठक हुई जिसमें कई निर्देश दिए गए.
 
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में बिहार का स्थान 29 वां है जबकि दहेज उत्पीड़न एवं दहेज हत्या के मामले में देश में तीसरा स्थान है. अगर इस पर नियंत्रण हो जाए तो अपराध के मामले में देश भर में बिहार की स्थिति आदर्श हो जाएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या के मामले का भी थानेवार ब्योरा रखा जाए.

यह भी पढ़ें : बिहार के जहानाबाद में दबंगों ने दो भाइयों को पीटकर मार डाला, तीन भाइयों की हालत गंभीर


मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध की थानावार समीक्षा, विशेष रूप से दहेज हत्या एवं महिला अपराध, पुलिस पर पथराव की घटनाएं, साम्प्रदायिक घटनाओं का विश्लेषण तथा इससे प्रभावित थानों एवं प्रभावित इलाकों की पहचान कर समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय स्पीडी ट्रायल से जुड़े सभी बिंदुओं का अनुश्रवण करेंगे.
 
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो अराजक तत्व रेड पर जाने वाले पुलिस कर्मियों पर हमला करते हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए. एफआईआर कर कड़ी कार्रवाई की जाए. केस में जो ट्रॉयल चल रहे हैं उन पर समय पर सरकारी विटनेस उपलब्ध रहे. जिला जज, जिलाधिकारी एवं एसपी का आपसी सहयोग होना चाहिए. यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि जिलों में डीएम एवं एसपी के बीच में आपसी समन्वय बेहतर रहे.   

टिप्पणियां

VIDEO : अपराधों में यूपी सबसे आगे


मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जो भी जरूरी कदम है, उठाकर राज्य की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जाना चाहिए. मीडिया में बिहार के छोटे-मोटे अपराध को भी हाईलाइट किया जाता है. इस पर प्रतिदिन आईजी हेडक्वार्टर के माध्यम से प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement