NDTV Khabar

बिहार : बेटे के न्याय के आस में अनशन पर बैठे वृद्ध माता-पिता

नालंदा जिले की रहने वाली रेखा देवी की शादी फतुआ के मनोरंजन सिंह से हुई थी. रेखा देवी की हत्या कर शव को पुनपुन नदी किनारे फेंक दिया गया. पुलिस मौके पर पहुंची तो रेखा देवी के शव के साथ एक पुरुष का भी शव मिला.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
बिहार : बेटे के न्याय के आस में अनशन पर बैठे वृद्ध माता-पिता

बिहार पुलिस के लिए प्रतीकात्मक चित्र

पटना: बहु की हत्या के आरोप में एक साल से जेल में बंद मनोरंजन के 60 वर्षीय माता-पिता न्याय की आस लगाए इन दिनों अनशन पर बैठे हैं. पुलिस पर आरोप लगाते हुए इनका कहना है कि हत्या के इस केस में जिस पर शक है वो जेल में बंद है और जिसके खिलाफ पुलिस के पास सबूत हैं, वह बाहर घूम रहा है. नालंदा जिले की रहने वाली रेखा देवी की शादी फतुआ के मनोरंजन सिंह से हुई थी. रेखा देवी की हत्या कर शव को पुनपुन नदी किनारे फेंक दिया गया. पुलिस मौके पर पहुंची तो रेखा देवी के शव के साथ एक पुरुष का भी शव मिला. मगर पुरुष के इस शव को आज एक साल से ज्यादा हो गए न तो पुलिस ही पहचान कर पाई और ना ही आस पास के लोग. पुलिस अब मान के चल रही है की यह अज्ञात शव रेखा के प्रेमी का है और रेखा के पति मनोरंजन ने अपने परिवार के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी. 

यह भी पढ़ें : बिहार में शराब माफिया को पकड़ने गई पुलिसकर्मियों को कंटेनर से रौंदा, 5 जवानों की मौत

शव मिलने की इस घटना के बाद पुलिस ने रेखा के ससुर, पति मनोरंजन एवं ग्रामीण सुबोध को गिरफ्तार किया. इनसे पूछ-ताछ के बाद गांव के ही संटू कुमार को गिरफ्तार किया गया जो रेखा का प्रेमी बताया जाता है. पुलिस को संटू के पास से मृतक रेखा का मंगलसूत्र और मोबाईल फोन मिला है. पुलिस के सामने संटू ने स्वीकार किया था की रेखा की हत्या उसने की है, उसके रेखा के साथ प्रेम संबंध थे और वह बराबर शादी करने का दबाव बना रहा था. हत्या से पहले रेखा देवी और संटू ने मोबाईल से बात की. पुलिस के पास दोनों का टावर लोकेशन भी है. मगर संटू ने पुलिस को ये भी बताया कि जब वह हत्या की नीयत से रेखा के घर गया तो वहां पहले से एक पुरुष का शव था. अब पुलिस मान रही है कि मनोरंजन को शक हो गया था कि उसकी पत्नी के नाजायज संबंध हैं और मनोरंजन एवं संटू ने दोनों शव को ठिकाने लगाया. इसके बाद मनोरंजन के पिता एवं ग्रामीण सुबोध को जमानत मिल गई. फिर कुछ दिनों बाद पुलिस के पुख्ता सबूत पेश नहीं करने से संटू को भी जमानत मिल गई. लेकिन मनोरंजन जिस अज्ञात शव की हत्या के आरोप में आज डेढ़ साल से जेल में है, पुलिस अब तक इस अज्ञात शव का पहचान तक नहीं कर पाई है.  

यह भी पढ़ें : बिहार में बीपीएलधारी बुजुर्ग को आया 3 करोड़ का आयकर नोटिस, नोटबंदी के बाद खाते हुए करोड़ों का लेन-देन

पुलिस ने संटू की गिरफ्तारी के बाद मनोरंजन के परिवार वालों को कहा था कि मनोरंजन निर्दोष है इस केस से इसका नाम हटा दिया जाएगा मगर इसके लिए अनुसंधानकर्ता प्रदीप कुमार ने पैसे का डिमांड किया और ये सारी बात फोन पर रिकॉर्ड कर ली और एसपी को बताई जिसके बाद एसपी ने इस केस के दारोगा प्रदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया. अब मनोरंजन के माता-पिता  डीजीपी से लेकर प्रधानमंत्री तक को पत्र लिख कर हार चुके हैं और इन दिनों पटना के गर्दनीबाग में अपने बेटे के रिहाई के लिए अनशन पर बैठे हैं. हालांकि इस केस की जांच अब सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार करेंगे, और उन्होंने कहा है कि किसी निर्दोष को सजा नहीं मिलेगी.
VIDEO: पुलिसवाले के बेटे का अपहरण

गौरतलब है कि पुरुष के अज्ञात शव को पुलिस मृतक रेखा देवी का प्रेमी मान रही है तो फिर संटू कौन है. अगर संटू मृतक रेखा देवी का प्रेमी था तो फिर अज्ञात शव किसका है. पुलिस इसे एक अनसुलझी पहेली बना दिया है. ऐसे में पुलिस की कार्यशैली में कई खामियां है तो कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement