केंद्र द्वारा गणतंत्र दिवस में बिहार की झांकी खारिज किए जाने से दुखी हैं नीतीश कुमार, लेकिन...

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) केंद्र सरकर के उस फैसले से दुखी हैं, जिसमें गणतंत्र दिवस पर राज्य की झांकी को खारिज कर दिया गया है.

केंद्र द्वारा गणतंत्र दिवस में बिहार की झांकी खारिज किए जाने से दुखी हैं नीतीश कुमार, लेकिन...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • गणतंत्र दिवस पर नहीं दिखेगी बिहार की झांकी
  • केंद्र सरकार के फैसले से नीतीश कुमार दुखी
  • बिहार के लोगों को मन छोटा नहीं करने की दी सलाह
पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) केंद्र सरकर के उस फैसले से दुखी हैं, जिसमें गणतंत्र दिवस पर राज्य की झांकी को खारिज कर दिया गया है. हालांकि नीतीश कुमार ने बिहारवासियों से कहा कि मन छोटा मत कीजिए और हौसला बुलंद रखिए, क्योंकि आने वाले दिनों में जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने जो जल, जीवन, जलवायु कार्यक्रम शुरू किया है और जिसपर इस साल की झांकी आधारित थी उसका अनुसरण सभी जगह किया जाएगा.

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नीतीश कुमार ने अपने जल, जीवन जलवायु कार्यक्रम से संबंधित दौरे के दौरान खगड़िया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जनवरी की झांकी में उसे मंजूर नहीं किया गया, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. नीतीश ने कहा कि जल जीवन हरियाली अभियान बिहार का ऐसा अभियान है जिसे लोग ठीक ढंग से नहीं समझते हैं. बिहार के लोगों की ऐसी प्रतिबद्धता है जिसके सहारे जल जीवन हरियाली इतना बुलंदी से चलाएंगे जो जलवायु का परिवर्तन है उसको, रोकेंगे और उदाहरण पेश करेंगे और दूसरे प्रांतों और दूसरे देशों में भी लोग इसका अनुकरण करेंगे, इसलिए मन बुलंद रखियेगा. उन्होंने कहा कि बिहार के लोग मन के बहूत अच्छे हैं हम सब लोगों को मिलकर काम करना है.

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नीतीश ने यह भी कहा कि पूरे देश ने बिहार के 'हर घर बिजली और हर घर नल का जल' कार्यक्रम का अनुसरण किया है, इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि आख़िरकार जलवायु परिवर्तन के भी इस कार्यक्रम को देर सवेर दूसरे राज्यों में लागू किया जाएगा. राज्य में इस कार्यक्रम के तहत जल श्रोत का जीर्णोद्धार करने के अलावा वृक्षारोपण किया जा रहा है, लेकिन सार्वजनिक मंच से केंद्र सरकर के फ़ैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देकर नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि उन्हें ये फैसला पसंद नहीं, क्योंकि ये लगातार दूसरा साल है जब राज्य की झांकी ख़ारिज हुई.

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बता दें कि दोनों साल जो थीम थी वो राज्य में सामाजिक परिवर्तन से संबंधित थी. राज्य में विपक्षी दल अलग से नीतीश कुमार की आलोचना कर रहे हैं कि केंद्र ने इसलिए इन झांकियों को गणतंत्र दिवस पर दिखाए जाने की सहमति नहीं दी, क्योंकि उन्हें घोटाले की खबर थी.