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दो इंजीनियरों की हत्या के मामले में 10 लोगों को उम्र कैद, 75 करोड़ के लिए किया था कत्ल

दरभंगा जिले में 26 दिसम्बर 2015 को हुई थी वारदात, दोषियों पर अर्थ दंड भी लगाया, चार लोग रिहा हुए

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दो इंजीनियरों की हत्या के मामले में 10 लोगों को उम्र कैद, 75 करोड़ के लिए किया था कत्ल

प्रतीकात्मक फोटो.

दरभंगा: पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने रंगदारी नहीं देने पर दो अभियंताओं की दिनदहाड़े की गई हत्या के मामले में 10 लोगों को दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं 6 दोषियों को 20 हजार रुपये एवं चार को 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है जबकि 4 लोगों को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया है.

अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 26 दिसम्बर 2015 को साढ़े सात सौ करोड़ की सड़क निर्माण की योजना की राशि में से दस प्रतिशत राशि रंगदारी में देने की मांग पूरी नहीं किए जाने पर दरभंगा जिले में हुए बहुचर्चित दोहरे इंजीनियर हत्याकांड मामले में बुधवार को फैसला आया.

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स्पीडी ट्रायल के तहत  दरभंगा के पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चल रहे इस मामले में पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुधवार को फैसला सुनाया गया. फैसले को देखते हुए शहर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पूरे शहर में गहन वाहन  चेकिंग अभियान एवं पुलिस गश्त तेज कर दी गई है.

दिनदहाड़े AK-56 से की गई थी हत्या
बता दें कि 26 दिसंबर 2015 को बहेड़ी थाना क्षेत्र के शिवराम चौक पर एसएच-88 का निर्माण कार्य करा रहे बीएससी और सीएंडसी के इंजीनियर मुकेश कुमार और ब्रजेश कुमार की दिनदहाड़े AK-56 से अंधाधुंध गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद मुकेश पाठक और विकास झा सहित अन्य अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
 
अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि न्यायाधीश रूपेश देव ने संतोष झा को हत्या, रंगदारी एवं अपराधिक षड्यंत्र का दोषी पाते हुए एवं मुकेश पाठक, विकास झा, निकेश दुबे,संजय लाल देव एवं अभिषेक झा को हत्या, रंगदारी, अपराधिक षडयंत्र और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई. वहीं पिंकू लाल देव, मुन्नी देवी, पिन्टू तिवारी एवं पिन्टू झा को हत्या की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास एवं 15-15 हजार के अर्थ दंड की सजा सुनाई.
 
अनुसंधान के दौरान इस मामले में पुलिस ने कुल सोलह अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए थे. सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत डे-टू-डे चली थी. एक आरोपी सुमित मिश्रा की मौत हो चुकी है जबकि एक नाबालिग अभियुक्त के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट मे मामला चल रहा है.वही एक अभियुक्त के खिलाफ अलग सत्रवाद चल रहा है.


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