तेजस्वी से मुलाकात को लेकर बिहार की राजनीति में लग रहे कयासों पर नीतीश ने तोड़ी चुप्पी, कहा...

नीतीश ने अपने भाषण में पिछले 15 वर्षों के दौरान काम काज जा लेखा जोखा दिया और पूरे देश में नए नागरिक क़ानून से लेकर एनपीआर पर भी साफ़ किया कि ये किस फॉर्मेट में लागू होना चाहिए.

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सुप्रीमो नीतीश कुमार ने रविवार को अपने कार्यकर्ताओं को साफ़ कहा कि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में लोकसभा की तरह पार्टी 200 से अधिक सीटें जीतेगी. नीतीश पटना के गांधी मैदान में रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे. इस सम्मेलन में नीतीश कुमार क़रीब डेढ़ घंटे से अधिक बोले. जेडीयू ने इस सम्‍मेलन के जरिए रविवार को अपने विधानसभा चुनाव प्रचार की विधिवत शुरुआत की. नीतीश ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित इस सभा में इस साल होने वाले विधान सभाचुनाव 200 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया और वादा किया कि अब अगर सत्ता में वापस आएंगे तो हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाएंगे. नीतीश ने अपने भाषण में पिछले 15 वर्षों के दौरान काम काज जा लेखा जोखा दिया और पूरे देश में नए नागरिक क़ानून से लेकर एनपीआर पर भी साफ़ किया कि ये किस फॉर्मेट में लागू होना चाहिए. लेकिन उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के लोगों से नागरिक क़ानून के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के फ़ैसले का इंतज़ार करने की अपील की और कहा कि अल्पसंख्यक समाज की उपेक्षा या अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. नीतीश के रुख़ से लगा कि वी सत्ता में वापसी को लेकर आश्‍वस्‍त हैं.

नीतीश कुमार की कही 10 बड़ी बातें

  1. नीतीश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि अल्पसंख्यक समाज के साथ उपेक्षा या अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकते. लेकिन उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि अगर नया नागरिक क़ानून (CAA) ग़लत भी है तो सर्वोच्च न्यायालय के फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए.

  2. नीतीश कुमार ने फिर कहा कि एनआरसी लागू नहीं होगा और एनपीआर भी 2010 में जो हुआ है उसी आधार पर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भ्रम की स्थिति से ग़रीब गुरबा को दिक्कत आ सकती है.

  3. नीतीश ने अपने कार्यकर्ताओं को कहा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के साथ मुलाक़ात का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ लोग कन्फ़्यूज़न फैलाते हैं लेकिन कभी लोग किसी से मिलते रहते हैं.

  4. नीतीश कुमार के पटना के गांधी मैदान में दिए भाषण से साफ़ था कि वो एनडीए के नेता के रूप में चुनाव में जाएंगे जहां वो अपने 15 वर्षों के शासनकाल बनाम लालू-रबड़ी के 15 वर्षों के काम काज पर जनता से वोट मांगेंगे.

  5. नीतीश कुमार ने कहा कि अगली बार मौक़ा मिला तो हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का संकल्प उन्होंने अभी से ले लिया है.

  6. नीतीश जैसे अपने भाषण में हर मुद्दे पर आंकड़े दिए जा रहे थे उससे साफ़ था कि अपनी पार्टी से अब निलंबित प्रशांत किशोर के बिहार के विकास के काम से सम्बंधित संवाददाता सम्मेलन से वो अच्छे खासे ख़फ़ा हैं.

  7. विशेष राज्य के दर्जा का मुद्दा उन्होंने फिर क्यों उठाया है, उसपर भी नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं को बताया कि 15वें वित्त आयोग ने जहां एक ओर ये साफ़ किया है कि ये विषय उनके कार्याधिकार में नहीं है वहीं केंद्र सरकर इस पर फ़ैसला ले सकती है.

  8. नीतीश ने जातीय जनगणना के बारे में भी कहा कि इस बार ये हो गया तो सबको मालूम हो जायेगा कि किसको क्या मिला और क्या होना चाहिए.

  9. इस सम्मेलन में निश्चित रूप से आयोजकों द्वारा भीड़ के बारे में जो दावा किया गया था वो सच साबित नहीं हुआ और नीतीश भी बहुत ख़ुश नहीं दिखे इसलिए उन्होंने अगली बार से टेंट का इंतजाम करने की सलाह दी जिससे गर्मी के कारण लोग सभा से ना निकल जाएं.

  10. नीतीश ने दावा किया कि अब पलायन राज्य से कम हुआ है और जो लोग जा रहे हैं उसमें पहले की तरह मज़दूरी करने नहीं बल्कि अब नौकरी करने वाले लोगों की संख्या ज़्यादा है.