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नीतीश कुमार पूरे देश में शराबबंदी चाहते हैं, जानिए - क्या है कारण

उत्तर प्रदेश में सौ से अधिक व्यक्तियों की जहरीली शराब से मौत के बाद नीतीश कुमार ने पूरे देश में शराब बंदी लागू करने की अपील की

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नीतीश कुमार पूरे देश में शराबबंदी चाहते हैं, जानिए - क्या है कारण

नीतीश कुमार चाहते हैं कि बिहार की तरह देश भर में शराब बंदी लागू हो.

खास बातें

  1. नीतीश ने कहा- बिहार में शराब बंदी का काफी सकारात्मक असर रहा
  2. माना- शराब की होम डिलीवरी हो रही लेकिन व्यापक असर सकारात्मक
  3. बिहार की जेलों की क्षमता 38,000 तो शराब बंदी में एक लाख जेल में कैसे?
पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रहे हों लेकिन सच्चाई यही है कि शराबबंदी के उनके अभियान को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और झारखंड से भी समर्थन नहीं मिला. लेकिन अब उत्तर प्रदेश में सौ से अधिक व्यक्तियों की जहरीली शराब से मौत के बाद नीतीश कुमार ने पूरे देश में शराब बंदी लागू करने की अपील की है.

नीतीश कुमार का कहना है कि ये राज्यों को लागू करना है तो अगर पूरी देश के स्तर पर यह निर्णय हो जाए तो अच्छा है. नीतीश सोमवार को बिहार विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उनका कहना है कि बिहार में शराब बंदी का काफी सकारात्मक असर रहा है इसलिए देर सवेर पूरे देश में इसे लागू करने की आवश्यकता महसूस होगी.

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नीतीश कहते हैं कि देश के कई राज्यों में शराब बंदी के समर्थन में आंदोलन चल रहा है. और कई राज्यों में तो इसे मैनिफेस्टो में भी डाला गया, जिसका उन पार्टियों को राजनीतिक लाभ भी मिला. नीतीश कुमार से जब ये पूछा गया कि बिहार में शराब बंदी के बावजूद शराब की होम डिलीवरी हो रही है तो उन्होंने माना कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन अगर शराब बंदी के व्यापक असर का आप विश्लेषण करेंगे तो ये बात फीकी पड़ जाती है.

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नीतीश ने यह भी माना कि पुलिस कर्मियों की भी अवैध शराब के कारोबार में संलिप्तता पाई गई है लेकिन जब भी ऐसी रिपोर्ट प्राप्त हुई तो सरकार ने कठोर से कठोर कार्रवाई की है. उन्होंने शराब बंदी के बाद एक लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी के संबंध में कहा कि जब बिहार की जेलों की क्षमता ही 38,000 है तब एक लाख से अधिक लोग जेलों में कैसे ठूंसे जा सकते हैं?


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