NDTV Khabar

बिहार में लागू होगी डायल-100 योजना, आईजी ने किया भोपाल में निरीक्षण

मध्यप्रदेश में लागू यह योजना सबसे बेहतर पुलिस आपातकालीन सेवा है.

8 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
बिहार में लागू होगी डायल-100 योजना, आईजी ने किया भोपाल में निरीक्षण

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  1. अब बिहार भी डायल-100 योजना लागू करने जा रहा है
  2. मध्यप्रदेश में लागू यह योजना सबसे बेहतर पुलिस आपातकालीन सेवा है
  3. बिहार पुलिस को सेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी दी गई
भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस की डायल 100 सेवा की सफलता एवं ख्याति से प्रेरित होकर अब बिहार भी डायल-100 योजना लागू करने जा रहा है. मध्यप्रदेश में लागू यह योजना सबसे बेहतर पुलिस आपातकालीन सेवा है.

बिहार के पुलिस महानिरीक्षक (आधुनिकीकरण) अमित कुमार जैन ने राज्य स्तरीय पुलिस कन्ट्रोल रूम डायल-100 के भ्रमण के दौरान बताया, "मध्यप्रदेश पुलिस की डायल 100 सेवा की सफलता एवं ख्याति से प्रेरित होकर बिहार राज्य भी अब डायल-100 योजना लागू करने जा रहा है." उन्होंने कहा कि इस योजना में जिस प्रकार कन्ट्रोल रूम में प्राप्त सूचनाओं पर की गई कार्रवाई की निगरानी एवं उसका रियल टाइम रिकार्ड रखा जाता है वह इस योजना को सबसे बेहतर बनाता है.

उन्होंने अन्य राज्यों में लागू की गई डायल-100 योजना का भी अवलोकन करने और उनसे तुलना करने के बाद कहा कि डायल-100 योजना पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार लाने की देश की सर्वोत्तम योजना है. जिस प्रकार मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्य में इस सेवा का सफलतम संचालन हो रहा है उससे अन्य राज्यों में भी ऐसी ही आपातकालीन पुलिस रिस्पांस सेवा शुरू करने का आत्मविश्वास जाग्रत हुआ है.

जैन ने यहां राज्य स्तरीय पुलिस कन्ट्रोल रूम डायल-100 भोपाल में योजना की परिकल्पना, इसकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार शासन से मंजूरी प्राप्त कर शून्य से वर्तमान तक के डायल-100 के सफर की जानकारी ली तथा डायल-100 सेवा चालू करने में एवं अब तक क्या-क्या व्यवहारिक कठिनाइयां आईं एवं किन चुनौतियों का सामना किया इसकी भी चर्चा की गई.

वीडियो


टिप्पणियां
इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (दूरसंचार) अन्वेष मंगलम के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (रेडियो) चन्द्र शेखर सोलंकी, पुलिस अधीक्षक डायल-100 अमित सक्सेना एवं डायल-100 की टीम द्वारा जैन को राज्य स्तरीय पुलिस कन्ट्रोल रूम डायल-100 की आपातकालीन सेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी दी गई. उन्हें एक विस्तृत कम्प्यूटर प्रेजेंटेशन भी दिया गया. जैन द्वारा काल टेकर्स कक्ष, डिस्पेचर कक्ष, सर्वर रूम का भ्रमण किया गया एवं उन्होंने इवेंट मॉनीटरिंग / व्हिकल ट्रेकिंग सिस्टम आदि प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी ली व एफआरवी (डायल-100) वाहन तथा उसमें लगे उपकरण एवं वाहन में रखे जाने वाले एक्सट्रेक्शन किट सामग्री का अवलोकन किया.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement