बिहार: जब थानेदार और सिपाही पर लगा शराब के कारोबार का आरोप तो जाना पड़ा जेल

बिहार में शराबबंदी की हवा राज्य पुलिस ने निकाल दी हैं ये बात किसी से छिपी नहीं है. इसका एक उदाहरण राज्य के गोपालगंज जिले में देखने को मिला जहां एक थाना प्रभारी और एक सिपाही को शराब के कारोबारियों को बचाने के आरोप में जेल भेजा गया है.

बिहार: जब थानेदार और सिपाही पर लगा शराब के कारोबार का आरोप तो जाना पड़ा जेल

फाइल फोटो

पटना:

बिहार में शराबबंदी की हवा राज्य पुलिस ने निकाल दी हैं ये बात किसी से छिपी नहीं है. इसका एक उदाहरण राज्य के गोपालगंज जिले में देखने को मिला जहां एक थाना प्रभारी और एक सिपाही को शराब के कारोबारियों को बचाने के आरोप में जेल भेजा गया है. इन दोनों को फिलहाल सेवा से निलंबित भी कर दिया गया है. 

आरोपी दरोगा लक्ष्मी नारायण महतो और सिपाही सुधीर कुमार पर आरोप है कि जब शराब से लदा एक वाहन पकड़ा गया तब इन्होंने उसे छोड़ दिया. थाना प्रभारी होने के बावजूद महतो ने पहले सिपाही सुधीर कुमार को भेजा और उसके बाद जब गश्‍ती दल के लोग सिपाही की बात मानने से इंकार कर दिया तो खुद फोन कर छोड़ने का आदेश दिया, लेकिन ये मामला रफादफा हो सकता था किसी ने ये बात स्थानीय एसपी तक पहुंचा दी और जब डीएसपी ने जांच की तब महतो के ख़िलाफ़ सभी आरोप सही पाए गए. इसके बाद तुरंत दोनों को ना केवल गिरफ़्तार किया गया बल्कि कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की भी कार्रवाई भी हुई. हालांकि गोपालगंज जिले में पहले दो चौकीदार भी गिरफ़्तार हो चुके हैं, लेकिन उनके ऊपर शराब पीके हंगामा करने का आरोप है.

हालांकि इस मामले में भले स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करने की हिम्मत जुटाई, लेकिन पूरे राज्य में शराब का अवैध कारोबार में पुलिसकर्मियों की ना केवल मिलीभगत होती हैं बल्कि वो धीरे-धीरे इस कारोबार में हिस्सेदार भी बन गये है. 

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